अस्पताल में लेटे एक घायल सैनिक ने दूसरे से पूछा हमारी सेना के पास राइफल है अाैर विराेधी सेना के पास है अाॅटाेमेटिक असाल्ट राइफल है बस इसी एक लाइन के कारण दुनिया की सबसे ताकतवर असाल्ट राइफल AK-47 काे इजाद किया गया। अब यह कानपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बनेगी।
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कानपुर समेत देश भर की आयुध निर्माणियां अब एके-47 भी बनाएंगी। अभी तक इसको स्वीडन, इस्राइल, रूस, अमेरिका की कई कंपनियों से आयात किया जाता रहा है। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय और रूस की कंपनी के साथ समझौता हुआ है। इस पर अमल करने के लिए आयुध निर्माणी बोर्ड के सदस्य की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है।
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एके-47 सेना के अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ समेत सभी अर्द्घसैनिक बलों के बीच खासी लोकप्रिय है। इसका बड़े पैमाने पर सेना व अन्य सैन्य बल के लिए प्रतिवर्ष आयात किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि अप्रैल महीने में रक्षा मंत्रालय के कई अधिकारी रूस गए थे। वहां पर रूस की कंपनियों के मध्य एके-47 का उत्पादन देश की आयुध निर्माणियों में कराने पर करार किया गया है।
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करार के मुताबिक यहां की क्लोदिंग निर्माणियों को छोड़कर अन्य सभी आयुध निर्माणियों में एक-47 के तमाम कंपोनेंट तैयार किए जाएंगे। बताया गया कि शहर में तीन आयुध निर्माणियां हैं, जहां पर मौजूदा समय में धनुष, शारंग तोप, पिनाक राकेट लांचर, रिवाल्वर, कारबाइन, लाइट मशीन गन आदि का निर्माण किया जाता है।
अब यहां पर भी एके-47 के कंपोनेंट तैयार होंगे। वहीं एके-47 का निर्माण कानपुर समेत देशभर की आयुध निर्माणियों में होने से यहां हजारों कर्मचारियों में खासा उत्साह है। उनका कहना है कि एके-47 के निर्माण से निर्माणियों में वर्क लोड की कमी नहीं होगी। यह निर्माणियों के लिए संजीवनी की तरह काम करेगी।