कन्नौज के छिबरामऊ इलाके में सिरफिरे युवक ने शुक्रवार को अपनी पत्नी को बुलवाने के लिए उसके दो बच्चों को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। कभी खुद को तो कभी बच्चों को गोली मारने की धमकी देते हुए आठ घंटे तक पुलिस को छकाया। पुलिस ने किसी तरह बच्चों को मुक्त कराया। इसके बाद मुठभेड़ में युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
कन्नौज के छिबरामऊ में कांशीराम कॉलोनी में बंधक बनाए गए बेटे के मुक्त होने के बाद महिला पहुंच गई। उन्होंने बताया कि दीपू की बुआ कॉलोनी में ही रहती है, जहां पर दीपू का आना-जाना था। कॉलोनी में ही उसकी छोटी सी गुमटी थी। वहां पर दीपू आता रहता था। चार माह पहले दीपू और उसका बहनोई जबरन गाड़ी में बैठाकर कन्नौज ले गए थे और तमंचे के बल पर दीपू ने जबरन कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद वह अपने साथ दिल्ली लेकर चला गया था।
कांशीराम कॉलोनी की रहने वाली महिला ने बताया कि पति के निधन के बाद वह अपने बच्चों के साथ रहना चाहती थी। बच्चों के पालन पोषण के लिए कॉलोनी में ही छोटी सी गुमटी रख ली थी, लेकिन दीपू उसको तमंचे के बल पर अपने साथ ले गया और कन्नौज में एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे।
पढ़ी-लिखी न होने के कारण उसे पता नहीं चला कि कोर्ट मैरिज के कागज हैं। इसके बाद दीपू अपने साथ दिल्ली ले गया, जहां पर आए दिन मारपीट करता था। गुरुवार रात वह दिल्ली से अपनी बहन के घर चली आई।
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खुद की कनपटी पर तमंचा लगाकर धमकी देता आरोपी दीपू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दीपू भी उसे खोजता हुआ कॉलोनी पहुंच गया और बच्चों को बंधक बना लिया। पुलिस ने बेटे को बंधक मुक्त कराया। पुलिस की कार्रवाई से वह खुश है।
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खिड़की से मदद के लिए गुहार लगाती किशोरी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज में सिरफिरे आशिक का एनकाउंटर
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। छिबरामऊ इलाके में सिरफिरे युवक ने शुक्रवार को अपनी पत्नी को बुलवाने के लिए उसके दो बच्चों को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। कभी खुद को तो कभी बच्चों को गोली मारने की धमकी देते हुए आठ घंटे तक पुलिस को छकाया।
पुलिस ने किसी तरह बच्चों को मुक्त कराया। इसके बाद मुठभेड़ में युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। सिरफिरे के फायर झोंकने से हाथ में गोली लगने से एसओजी प्रभारी भी घायल हो गए।
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आरोपी के चंगुल से सकुशल छूटा बच्चा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तालग्राम क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर निवासी दीपू चक ने छिबरामऊ निवासी महिला से चार माह पहले कोर्ट मैरिज की थी। महिला के पहले पति की मौत हो चुकी है। उसकी 13 साल की बेटी और आठ साल का बेटा नानी के घर में रहते हैं। कुछ दिन पहले महिला दीपू को छोड़कर कहीं चली गई।
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गेट खुलवाने की कोशिश करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एएसपी अजय कुमार के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे दीपू पत्नी की तलाश में उसके मायके पहुंचा। दीपू ने उसके दोनों बच्चों को कमरे में तमंचा सटाकर बंधक बना लिया। लोगों की सूचना पर 12:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने लगी।
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एनकाउंटर के बाद आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौका देखकर बेटी बाहर आ गई। एएसपी अजय कुमार दरवाजा खुलवाने के लिए घंटों दीपू से बात करते रहे लेकिन वह पत्नी को बुलवाने की जिद पर ही अड़ा रहा। एसओजी प्रभारी देवेश पाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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मौके पर जमा लोग और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम करीब 7:13 बजे एसओजी ने पत्नी को बुलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बेटे को कमरे से बाहर निकलवाया। एसओजी प्रभारी दीपू को पकड़ने लगे तो उसने तमंचे से फायर कर दिया। गोली एसओजी प्रभारी के हाथ को छूते हुए निकल गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली दीपू के पैर में लगी। शाम करीब 7:15 बजे पुलिस उसे गिरफ्तार कर सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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मुठभेड़ के बाद पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरामद किए सात कारतूस
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि वीडियो कॉल से दीपू की पत्नी से बात कराई गई। इसके बाद युवक और आक्रोशित हो गया और उसने बच्चे के सिर पर तमंचा लगा दिया। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। दीपू के पास से सात कारतूस बरामद हुए हैं।
सिरफिरे आशिक एनकाउंटर का घटनाक्रम
सुबह 11:30 बजे दीपू चिक ने कालोनी पहुंचकर किशोरी और उसके भाई को कमरे में बंधक बनाया।
दोपहर 12:15 बजे दीपू को चकमा देकर किशोरी कमरे से बाहर निकली।
दोपहर 12:30 बजे डायल 112 पुलिस पहुंची।
दोपहर 1:00 बजे अतिरिक्त निरीक्षक बृजमोहन पाल पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
दोपहर 1:15 बजे सीओ सुरेश मलिक ने पहुंचकर युवक को समझाने का प्रयास किया।
दोपहर 1:30 बजे एएसपी अजय कुमार भी मौके पहुंच गए
शाम 5:00 बजे एसओजी प्रभारी देवेश पाल टीम के साथ पहुंचे।
शाम 5:30 बजे जेनरेटर का इंतजाम कराया गया
शाम 6:00 बजे एसओजी टीम ने कॉलोनी के बाहर मोर्चा संभाला
शाम 7:13 बजे दीपू चिक ने बच्चे को बंधन मुक्त कर बाहर भेजा।
शाम 7:15 बजे दीपू की फायरिंग के दौरान एसओजी प्रभारी चोटिल। साथ ही एसओजी टीम की जवाबी फायरिंग में दीपू घायल।