लॉकडाउन के दौरान कानपुर की सीमा से होकर रोजाना 15 से 20 हजार लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। ये सभी हाईवे और शहर की सीमा के अंदर से होते हुए जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए बस अड्डे तथा शहर में आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
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ट्रकों में भर कर जा रहे लोग
- फोटो : amar ujala
लेकिन जो लोग हाईवे से गुजर रहे हैं उनकी जांच की कोई खास व्यवस्था नहीं है। जिला प्रशासन का कहना है कि थर्मल स्क्रीनिंग किट बाहर से आ रहे लोगों की संख्या के हिसाब से काफी कम है। इसलिए बस अड्डों व शहर के मुख्य हिस्सों में स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है।
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हजारों की संख्या में कानपुर आ रहे हैं लोग
- फोटो : amar ujala
बस अड्डे पहुंचने वालों को जांच के बाद ही आगे रवाना किया जा रहा है। रामादेवी क्षेत्र में दूसरे राज्यों और जनपदों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इन्हें बसों से इनके गंतव्य के लिए भेजा जा रहा है। लेकिन भीड़ अधिक होने से सभी की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है।
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नहीं हो पा रही है थर्मल स्क्रीनिंग
- फोटो : amar ujala
जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग में जिन लोगों पर किसी भी तरह का शक है या किसी को बुखार है तो उनके लिए शहर के शेल्टर होम, धर्मशाला में रुकने की व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को चिकित्सकों का दल पहुंचकर क्वारंटीन कराता है।
बस की छतों पर भी बैठ कर जा रहे है लोग
- फोटो : amar ujala
एक-दो दिन की मॉनटरिंग में जब इनमें बीमारी का कोई लक्षण नहीं मिलता है तभी बसों से घर भेजा जा रहा है। सोमवार को भी एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें मुंबई से बस्ती जाने के लिए 40 लोग टाटा 407 ट्रक से कानपुर की सीमा से रवाना हो रहे थे। पुलिस ने थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही इन लोगों को आगे बढ़ने दिया।