कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार इस कदर बिगाड़ दी है कि सेंट्रल से हर रोज गुजरने वाली 322 ट्रेनों में से 187 से अधिक ट्रेनें लेट चल रही हैं। वीआईपी ट्रेनों में शताब्दी, राजधानी, दूरंतो तक की चाल धीमी पड़ गई है। ट्रेनें घंटों लेट होने की वजह से शनिवार से रविवार के बीच चार हजार से अधिक लोगों ने टिकट रद्द करा दिए।
विज्ञापन
रिवर्स शताब्दी एक्सप्रेस 12 घंटे की देरी से आई
2 of 5
डेमो पिक
दिल्ली से कानपुर के बीच चलने वाली रिवर्स शताब्दी एक्सप्रेस 12 घंटे की देरी से कानपुर आई। इसे शनिवार रात पौने नौ बजे आना था, लेकिन यह ट्रेन रविवार सुबह पौने नौ बजे कानपुर आई। दिल्ली से लखनऊ जाने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे की देरी से शाम पौने छह बजे कानपुर आई। सुबह ग्यारह बजे इसे कानपुर आना था।
विज्ञापन
23 घंटे की देरी से चल रही है राजधानी
3 of 5
डेमो पिक
इसी तरह श्रमशक्ति एक्सप्रेस सुबह साढ़े छह बजे के बजाय शाम चार बजे कानपुर आई। नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस 23 घंटे की देरी से चल रही है। शनिवार रात पौने नौ बजे आने वाली यह ट्रेन रविवार को शाम पौने आठ बजे आई।
18 घंटे की देरी से चल रही हैं ट्रेनें
4 of 5
डेमो पिक
नई दिल्ली-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस सवा 10 घंटे, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 15 घंटे, कालका मेल आठ घंटे, भागलपुर आनंद विहार गरीब रथ 17 घंटे, आनंद विहार हटिया एक्सप्रेस 18 घंटे की देरी से चल रही है।
ट्रेनों के लंबे इंतजार की वजह से सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर भीड़ लगी रहती है। वेटिंग रूम में बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही है। सर्दी में यात्रियों को बहुत असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।