प्रापर्टी डीलर साधना दीक्षित के नवीन नगर स्थित घर से शनिवार को भागकर बाहर बच्ची के चोटों के निशान निर्दयता की कहानी बया करने के लिए काफी हैं। चोट की वजह से पीठ, हाथ, पैर चेहरा उसका काला पड़ा हुआ है। अस्पताल में भर्ती बच्ची ने पुलिस को अपने ऊपर हुई ज्यादती की कहानी भी बताई।
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घटना के बाद मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि मालकिन (साधना) एक दिन नहीं हर रोज मारती थी..। कभी तार से मारा तो कभी डंडे से। कई बार तो तार से बांधकर गर्म चिमटा शरीर में छुआती थी। चीखें बंद करने के लिए मुंह में कपड़ा ठूंस देती थी...। कभी-कभी तो सीढ़ियों से भी धकेल देती थी। बच्ची की यह कहानी सुनकर हर कोई सहम गया।
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घटना के बाद हुआ पथराव
- फोटो : अमर उजाला
उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रह थे और वह दर्द से कराह रही थी। बच्ची ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही मालकिन ने उसको गर्म चिमटा से दागा और सीढ़ियों से धक्का दे दिया था। इससे वह मरते-मरते बची थी। इंस्पेक्टर राजीव सिंह का कहना है कि तबीयत में सुधार होने के बाद उसे बयान दर्ज किए जाएंगे।
सात महीने से सह रही थी यातनाएं
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मासूम बच्ची ने बयां किया दर्द
- फोटो : अमर उजाला
बच्ची ने बताया कि सात महीने पहले साधना उसको घर लाई थी। तब से हर दिन उसको गालियां देती थी और मारती थी। यही वजह रही कि उसको देखकर इलाकाई लोग खुद को रोक नहीं सके थे और साधना पर गुस्सा फूट पड़ा था। दोनों ओर से पथराव हुआ था। पुलिस को साधना के घर से काफी दवाएं मिली हैं। साधना ने बताया था कि वह बच्ची के लिए दवाएं लाई थी। बच्ची ने बताया कि चार-पांच दिन पहले उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद साधना चुपके से दवाएं लाई थी।
प्रापर्टी के मामले में साधना को सीबीआई ने लखनऊ जेल भेजा था। यहां उसकी मुलाकात एक महिला से हुई थी। वह पति की हत्या में जेल में थी। इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि साधना जेल से छूटी तो उसके कुछ महीने बाद बच्ची की मां को भी छुड़ा लिया था। इसमें साधना का 50 हजार रुपये से अधिक खर्च हुआ था। इसके बदले उसने बच्ची का सौदा किया था।