उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले के 12 छात्र-छात्राएं राजस्थान के कोटा शहर में लॉकडाउन थे। जिन्हें प्रदेश सरकार की पहल पर शनिवार की रात रोडवेज बस से चित्रकूट पहुंचाया गया। रात लगभग आठ बजे जैसे ही झांसी डिपो की रोडवेज बस शिवरामपुर के डायट परिसर में रूकी तो इन छात्र छात्राओं की खुशी का ठिकाना न रहा। सभी अपने परिवार के सदस्यों को फोन कर अपनी सकुशलता की जानकारी दे रहे थे जवाब में उनके अभिभावक उनसे मिलने पहुंच गए।
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कोटा से चित्रकूट पहुंचे छात्रों से जानकारी लेता स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : amar ujala
सभी छात्रों के बस से उतरते ही थर्मल स्क्रीनिंग कराकर शेल्टर होम में ठहरा दिया गया है। डीएम शेषमणि पांडेय, एसपी अंकित मित्तल, सदर एसडीएम एके पांडेय व तहसीलदार सदर दिलीप सिंह की मौजूदगी में सभी छात्रों का भोजन व रात्रि प्रवास का इंतजाम कराया गया। सभी छात्रों ने प्रदेश सरकार के इस कदम की सराहना की है। रविवार को उनके अभिभावकों के आने पर होम क्वारंटीन कराने की शर्त पर सभी को घर जाने की अनुमति दी जाएगी।
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सभी छात्रों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग
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आईआईटी की तैयारी कर रही शिक्षक कमलेश सिंह की पुत्री आरती सिंह निवासी एलआईसी तिराहा कर्वी ने बताया कि उन्हें रास्ते में कोई परेशानी नहीं हुई। पूरे स्टाफ ने उनकी बड़ी मदद की। नीट की तैयारी कर रही आर्मी मैन रामेश्वर यादव की पुत्री शोभा यादव निवासी सीतापुर ने बताया कि लॉकडाउन में फंसने पर उनके परिजन परेशान थे लेकिन अब प्रदेश सरकार की मदद से सारी परेशानी दूर हो गई है।
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सभी छात्रों को क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है
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कुबेरगंज कर्वी निवासी आर्मीमैन कृष्णदत्त पांडेय के पुत्र आशीष कुमार, कंधवनिया राजापुर निवासी राममिलन के पुत्र विक्रम सिंह व अनीपुर निवासी बेनीप्रसाद के पुत्र विकास सिंह ने बताया कि पढ़ाई के दौरान जब लॉकडाउन व कोरोना वायरस के संक्रमण के बारे में पता चला तो वह बेहद चिंतित थे लेकिन किसी भी तरह अपने गांव घर पहुंचने की खुशी है।
कोटा से चित्रकूट पहुंचे छात्रों का हुआ चेकअप
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हालांकि राजस्थान में जहां वह सब थे वह बेहद सुरक्षित थे। वहां की सरकार ने व्यापक इंतजाम किए थे लेकिन कोचिंग बंद होने पर खाने पीने व आने जाने की परेशानी शुरू हो गई थी। ऐसे में घर वापसी सुखद रही। तहसीलदार दिलीप सिंह ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग में सभी छात्र छात्राओं का स्वास्थ्य सामान्य अवस्था में पाया गया है। किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं।