झांसी पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के पास से पुलिस ने सात मोबाइल फोन बरामद किए थे। जांच के दौरान मुख्य आरोपी रोहित सैनी के मोबाइल से अश्लील वीडियो मिला है। साथ ही, मोबाइलों से मिले 13 नंबरों की जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है। अन्य तथ्यों को खंगालने के लिए मोबाइलों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। जहां से पुलिस को अन्य जानकारियां भी मिल सकती हैं।
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जांच करने पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में थाना कुलपहाड़ निवासी रोहित कुमार सैनी, महोबा के जिला कबरई के छानी कला निवासी भरत कुमार कुशवाहा, गोंडा के थाना वजीरगंज अंतर्गत मोहल्ला पाठकपुरवा निवासी शैलेंद्र नाथ पाठक, थाना टहरौली के खिल्लावारी गांव निवासी मयंक शिवहरे, प्रयागराज के थाना थरवई निवासी विपिन तिवारी व मऊरानीपुर के रानीपुर अंतर्गत रौनयापुरा मोहल्ला निवासी मोनू पार्या को गिरफ्तार कर अस्थायी जेल भेजा गया है।
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आरोपियों से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपियों के पास से मिले सात मोबाइलों की जांच भी तेज कर दी है। आरोपी रोहित सैनी के मोबाइल से जांच के दौरान अश्लील वीडियो मिला है। यह अश्लील वीडियो कहां से आया था पुलिस टीम इसकी भी जांच कर रही है।
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घटना की जानकारी देते एसपी
- फोटो : अमर उजाला
छात्रावास में लड़की आई तो वार्डन होगा जिम्मेदार
पुलिस अधिकारी जल्द ही महानगर के कॉलेज व स्कूल प्रशासन के साथ बैठक करेंगे। जिन स्कूल व कॉलेज में लड़कों के छात्रावास हैं, उनमें वार्डन की जिम्मेदारी भी पुलिस तय करेगी। बैठक में उनको बताया जाएगा कि यदि छात्रावास में कोई भी लड़की आती है तो इसकी जिम्मेदारी वार्डन की होगी। लापरवाही मिलने पर पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी।
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झांसी पॉलीटेक्निक कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
पीड़िता की पहचान उजागर न हो, रखा जा रहा पूरा ध्यान
सीपरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। समय-समय पर पीड़िता के बयान भी पुलिस को दर्ज करने पड़ रहे हैं। ऐसे में पुलिस टीम पीड़िता के घर पहुंचकर बयान भी दर्ज कर रही है। पीड़िता की पहचान उजागर न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में बिना पुलिस की गाड़ी के पीड़िता के घर पहुंच रहे हैं। पुलिस ने पीड़िता की जानकारी बेहद गुप्त रखी है।
दूसरे दिन भी आरोपी करते रहे परिजनों का इंतजार
अस्थायी जेल भेजे गए आरोपी बुधवार को भी दिन भर परिजनों का इंतजार करते रहे। लेकिन कोई भी परिवार का सदस्य उनसे मिलने नहीं पहुंचा। कोरोना के चलते जेल में मुलाकात पर रोक है।