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झांसी अग्निकांड: लापरवाही न आपराधिक कृत्य... कमिश्नर की जांच में सामने आई आग लगने की वजह; बच्चों की सूची जारी

Mon, 18 Nov 2024 12:52 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

मेडिकल कॉलेज अग्निकांड में किसी की लापरवाही सामने नहीं आई है। कमिश्नर की जांच में आग लगने की वजह भी सामने आई है। उधर, अग्निकांड के दरम्यान वार्ड में भर्ती 49 बच्चों की प्रशासन ने सूची जारी कर दी है। 
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Jhansi Medical College fire - फोटो : अमर उजाला
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के विशेष नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र (एसएनसीयू) में शुक्रवार को हुए अग्निकांड की जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने शासन को भेज दी है। इसमें आपराधिक कृत्य या लापरवाही सामने नहीं आई है। अग्निकांड की वजह प्लग से हुई स्पार्किंग को बताया गया है। रिपोर्ट में घटना के वक्त वार्ड में मौजूद स्टाफ के आठ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा भर्ती नवजातों के 10 परिजन के बयान भी लिए गए हैं।

आग के दौरान बचाए गए एक नवजात ने रविवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अब मरने वाले नवजातों का आंकड़ा 11 पहुंच गया है। डॉक्टरों का कहना है कि नवजात की मृत्यु गंभीर बीमारी से हुई है।
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा शासन की ओर से मृत व घायल नवजातों के परिजन को सहायता राशि भी उपलब्ध करा दी गई है। छह दंपतियों को उनके नवजात सौंप दिए गए। बाकी 31 बच्चों का इलाज चल रहा है। शुक्रवार की रात एसएनसीयू में आग लग गई थी, जिसमें 10 नवजातों की मौत हो गई थी। अन्य को बचाकर दूसरी जगह भर्ती कराया गया था। रविवार को उपचार के दौरान बांदा के अलीगंज निवासी लक्ष्मी पत्नी भोला के नवजात की मौत हो गई। 
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लखनऊ से जांच के लिए पहुंची टीम - फोटो : अमर उजाला
जांच के लिए पहुंची शासन की टीम
घटना की जांच के लिए शासन ने चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी जांच के लिए सोमवार को मेडिकल कॉलेज पहुंची। टीम ने जांच की। टीम में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, अपर निदेशक विद्युत एवं अग्निशमन महानिदेशक की ओर से नामित अधिकारी शामिल हैं।
 

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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन ने जारी की बच्चों की सूची
अग्निकांड के दरम्यान वार्ड में भर्ती 49 बच्चों की प्रशासन ने सूची जारी कर दी है। इनमें से 11 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि, 6 बच्चे परिजन को सौंप दिए गए हैं, बाकी 32 नवजात का इलाज जारी है। गुम हुए बच्चों की वजह से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। रविवार को आखिरी गुम हुए बच्चे को उसकी मां को सौंपने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। हादसे के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती बच्चों की संख्या 55 बताई गई थी। लेकिन, बाद में प्रशासन ने बच्चों की संख्या 49 गिनाई थी। इससे माना जा रहा था कि हादसे के दरम्यान मची अफरातफरी में छह बच्चे गुम हो गए। 
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एसएनसीयू में भर्ती आग की चपेट में आए बच्चों का इलाज करती चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद हुई जांच में सामने आया कि जिन बच्चों को गुम माना जा रहा था, वे उन्हीं 49 नवजातों में शामिल थे, जो हादसे के दरम्यान वार्ड में भर्ती थे। इन बच्चों की तलाश की गई। इनमें से एक बच्चा ललितपुर में मिला। ललितपुर का दंपती उसे अपना समझते हुए ले गया था, जबकि उनके बच्चे की हादसे में मौत हो गई थी। महोबा के एक दंपती का बच्चा निजी अस्पताल में भर्ती पाया गया था। इसी तरह झांसी के कृपाराम की पत्नी शांति का बच्चा महोबा के भोलाराम की पत्नी लक्ष्मी के पास पाया गया।
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एसएनसीयू में भर्ती आग की चपेट में आए बच्चों का चल रहा इलाज - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद से वह उस बच्चे को अपना समझते हुए एक निजी अस्पताल में उसका इलाज करा रही है। जबकि, लक्ष्मी का बच्चा मेडिकल कॉलेज में भर्ती पाया गया। प्रशासन का कहना है कि हमीरपुर निवासी याकूब की पत्नी नजमा की दो बेटियों की हादसे में मौत हो गई थी। तत्काल इसकी सूचना दंपती को नहीं दी गई थी, जिससे वे दोनों बच्चियों को गुम मान रहे थे। लेकिन, बाद में पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चियों के शव परिजन को सौंप दिए गए।
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मेडिकल कॉलेज में तीमारदार और पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि हादसे के दरम्यान वार्ड में 49 बच्चे ही भर्ती थे। इनमें से 10 बच्चों की घटना वाले दिन ही मौत हो गई थी। रविवार को इलाज के दौरान मृत नवजात आग से झुलसा नहीं था, फिर भी शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया मृत नवजात प्रिमेच्योर था। उसका वजन करीब एक किलो था। वह आग से नहीं झुलसा था। नवजात बर्थ एस्फिक्सिया की वजह से मरा है।

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मेडिकल कॉलेज के बाहर जमा भीड़ और पुलिस - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की सूची: हादसे के समय इनके बच्चे थे वार्ड में भर्ती
नजमा-याकूब, हमीरपुर (दो बेटियां)
लक्ष्मी-भोला, महोबा
भागवती-धर्मेंद्र, ललितपुर
पूजा-भगवान सिंह, ललितपुर
पूनम-नेतराम, झांसी
संध्या-कंचन, झांसी
संजना-सोनू, ललितपुर
संतोषी-संतराम, जालौन
अभिलाषा-सुनील, झांसी
कविता-बालकिशन, झांसी
एकता-राहुल, झांसी
जामवती-दीपू, झांसी
कमलेश-मलखान, महोबा
पावर्ती-सोनू, हमीरपुर
रीना-राजकुमार, महोवा
विनीता-भागीरथ, टीकमगढ़
 

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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
आरती-किशन, महोबा
दीपा-रहीश, ललितपुर
हेमवती-रामजनी, ललितपुर
 काजल-बॉबी
मुस्कान-विशाल, जालौन
फूलबाई-नीरज, ललितपुर
पूजा-कृष्णकांत, मऊरानीपुर
पूनम-रंजीत, ललितपुर
राधा-प्रीतम, ललितपुर
शिवानी-मुकुल, निवाड़ी
सुरक्षा-विक्की, झांसी
साधना-नरेंद्र, झांसी
नेहा-नीरज, ललितपुर
नीलू-अरविंद, झांसी
दुर्गेश-राघवेंद्र, वसई
मोनिका-राजकुमार, निवाड़ी
निधि यादव-कपिल यादव, झांसी
रिया-गौरव, टीकमगढ़
भारती-अनिल, झांस्से
पिंकी-मुन्नालाल, ललितपुर
रजनी-अनुज, ललितपुर
शिफा-मंसूर, झांसी
सोनम-रोहित, झांसी
पूनम-मोनू, शिवपुरी
नैसी-प्रदीप, झांसी
नीलू-कुलदीप, कबरई
शांति-कृपाराम, शांसी
सुखवती-वरदानी, हमीरपुर
नेहा-रामरतन, झांसी
राधा-तेज, ललितपुर
रिकी-रविकुमार पाल, निवाड़ी
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
18 बच्चों का मेडिकल कॉलेज में इजाज चल रहा है। सात बच्चों का नर्सिंग होम में, एक बच्चे का जिला अस्पताल एवं एक बच्चे का मऊरानीपुर में उपचार कराया जा रहा है।-डॉ. एनएस सेंगर, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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