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झांसी अग्निकांड का सारा सच ये रहा: पांच महीने पहले ही जताई थी रिपोर्ट में अनहोनी की आशंका, नहीं चेते जिम्मेदार

Wed, 20 Nov 2024 03:53 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांंसी

सार

मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में शुक्रवार की रात करीब साढ़े 10 बजे शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे एक्सटेंशन कॉर्ड में आग लगी।
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झांसी मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
विद्युत सुरक्षा विभाग ने जून की ऑडिट रिपोर्ट में अनहोनी की आशंका जताकर खामियां जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। ऑडिट में कई जगह प्रतिबंधित एल्युमिनियम तार मिले। कई जगह कॉपर वायर के इंसुलेशन कमजोर मिले। पैनल भी मानक के अनुसार नहीं मिले। ट्रांसफार्मरों से लेकर वार्ड, ओपीडी आदि कई खामियां मिली थीं। यह रिपोर्ट जिला प्रशासन के साथ-साथ कॉलेज प्राचार्य को भी भेजी गई मगर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
साढ़े 10 बजे हुआ था शॉर्ट सर्किट
मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में शुक्रवार की रात करीब साढ़े 10 बजे शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे एक्सटेंशन कॉर्ड में आग लगी। बुझाने से पहले ही आग नजदीक के वेंटिलेटर तक पहुंच गई। कुछ ही देर में आग विकराल हो गई और 10 नवजात शिशुओं की जलकर मौत हो गई।
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लखनऊ से जांच के लिए पहुंची टीम - फोटो : अमर उजाला
जांच में मिली तमाम खामियां
शनिवार सुबह करीब 5 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि फरवरी में सेफ्टी ऑडिट हुई थी और जून में मॉकड्रिल, इसलिए आग लगने का पता लगाकर दोषी पर कार्रवाई होगी। वहीं, अब सामने आया है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर चीफ फायर ऑफिसर और सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा ने मेडिकल कॉलेज की अग्नि सुरक्षा ऑडिट की जिसमें तमाम खामियां मिलीं। दोनों अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट सौंपी।

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नवजात की मौत से परिजन बेहोश - फोटो : अमर उजाला
खामियां हों जाती दूर तो बच जाती 12 बच्चों की जान
सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा ने दो पेज की रिपोर्ट में बताया कि कई जगह पर प्रतिबंधित एल्युमिनियम के तार लगे हुए हैं। कई जगह कॉपर के वायर की इंसुलेशन खराब है। ट्रांसफार्मर से लेकर पैनल तक और वार्ड से ओपीडी तक कई खामियां हैं। रिपोर्ट में जल्द खामियां सुधारने की बात कहते हुए अनहोनी की आशंका भी जताई गई। हैरानी की बात है कि कॉलेज प्रशासन ने ऑडिट रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे 12 नवजातों की जान चली गई।
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Jhansi Medical College fire - फोटो : अमर उजाला
एल्युमिनियम तार में लगा हुआ था जंग
सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा सीबी चौबे ने बताया कि जून की ऑडिट रिपोर्ट में मिली खामियों की रिपोर्ट प्रशासन के माध्यम से कॉलेज प्रशासन को भेजी गई थी। रिपोर्ट में खामियों का उल्लेख करते हुए जल्द दुरुस्त करने के लिए कहा गया था। कई जगह प्रतिबंधित एल्युमिनियम तार लगे मिले, जिनके जोड़ों में जंग लगने से शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
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एसएनसीयू में भर्ती आग की चपेट में आए बच्चों का चल रहा इलाज - फोटो : अमर उजाला
ऑडिट रिपोर्ट पर नहीं उठा गया कदम
शासन की तरफ से भेजी गई जांच टीम की अध्यक्ष चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. किंजल सिंह ने कहा विद्युत सुरक्षा की ऑडिट रिपोर्ट में प्रतिबंधित एल्युमिनियम वायर के प्रयोग की बात है। इसके चलते चार वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट जांच के लिए ली है। ट्रांसफार्मर से लेकर पैनल तक कई खामियों का भी उल्लेख है। कॉलेज प्राचार्य से पूछा है कि ऑडिट रिपोर्ट को लेकर क्या कदम उठाए गए।
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