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यूपी चुनाव: अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल, जानिए उस प्रत्याशी की कहानी जिसे टिकट मिलने का नहीं था भरोसा

Sat, 12 Mar 2022 02:18 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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मेहीलाल ने अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल - फोटो : अमर उजाला
जौनपुर के मछलीशहर (सु) सीट से भाजपा की जीत एक्जिट पोल में दिखाई जा रही थी। माना जा रहा था कि इस सीट पर आजादी के बाद पहली बार कमल खिल जाएगा। लेकिन नतीजे हैरान करने वाले आए। चुनाव प्रचार के दौरान अपनी जीत के लिए हर हथकंडे अपनाने वाले मेहीलाल गौतम  को सपा की प्रत्याशी डा. रागिनी सोनकर के सामने हार का सामना करना पड़ा। मेहीलाल द्वारा चुनाव के दौरान अपनाए गए हथकंडों की रोचक तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

ये वहीं मेहीलाल हैं जिन्होंने इस बार विधायकी का चुनाव लड़ने के बारे में कभी नहीं सोचा था। साल 2001 से ही भाजपा से जुड़े मेहीलाल को दूर-दूर तक भाजपा से टिकट मिलने का चांस नहीं था। 12 फरवरी को एक गांव में भाजपा का प्रचार कर रहे थे तब उन्हें खुद को टिकट मिलने की बात पता चली। इस सूचना के बाद उन्हें और बाकी लोगों को भी सहसा विश्वास नहीं हुआ था।

जिलाध्यक्ष राम विलास पाल ने पुष्टि की तब लोगों को भरोसा हुआ। मेहीलाल मतरी गांव सभा के नयापुरा मजरा निवासी हैं। इंटर तक पढ़ाई करने के बाद वाले मेहीलाल 2010 में ग्राम प्रधान चुने गए थे। उनके पास सुजानगंज पड़ाव पर एक पुराने टायर की दुकान है, जिससे परिवार का खर्च चलता है। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बनने के बाद उन्होंने हर हथकंडे अपनाए लेकिन कमल नहीं खिला सके। 
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मेहीलाल ने अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल - फोटो : अमर उजाला
मेहीलाल जौनपुर की सभी नौ सीटों में सबसे कम संपत्ति वाले प्रत्याशी थे। वे अपनी जीत के लिए लोगों के घर जाकर पैर छूते थे, पैर पर सिर रख देते थे, मशीन से चारा काटते थे, सरसो की मड़ाई और गुड़ बनाने के लिए भट्ठा में ईधन तक झोंकते थे, इतना ही नहीं अपनी बात बनाने के लिए पैर दबाते और लोगों के बच्चों को गोद में खिलाते देखे गए। 
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मेहीलाल ने अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल - फोटो : अमर उजाला
मछलीशहर में 1952 से कमल खिलाने का सपना भाजपा का सपना पूरा नहीं हो सका है। इस बार भाजपा अपनी जीत सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता मेहीलाल गौतम को अपना उम्मीदवार बनाया। हलफनामे के मुताबिक उनके पास पांच हजार रुपये कैश और एक बाइक थी, जिसे लेकर वह चुनावी रण में उतरे थे।

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मेहीलाल ने अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल - फोटो : अमर उजाला
शुरू से ही ऐसा माहौल बन गया कि वे चुनाव जीत जाएंगे, मतगणना शुरू होने पर भी ऐसा लगा, मगर आखिर में बाजी सपा प्रत्याशी डा. रागिनी सोनकर के हाथ लगी। इस चुनाव में मेहीलाल को जहां 83175 मत मिले, वहीं जीतने वाली डा. रागिनी को 91659 मत मिले। 
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मेहीलाल ने अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल - फोटो : अमर उजाला
मेहीलाल गौतम के समर्थन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मछलीशहर में चुनावी सभा की थी। वहीं जब जिले में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया तब मेहीलाल को मंच पर स्थान दिया गया था। 
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मेहीलाल ने अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल - फोटो : अमर उजाला
मछलीशहर से 1952 में पहली बार कांग्रेस के रउफ जाफरी विधायक बने थे। वह इस सीट से तीन बार विधायक चुने गए थे। इस सीट पर 1962 सोशलिस्ट पार्टी एक बार जीती थी। 1952 से लेकर 1985 तक आठ बार जीत दर्ज की थी लेकिन इसके बाद कांग्रेस इस सीट कभी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। 
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मेहीलाल ने अपनाया हर हथकंडा पर नहीं खिला सके कमल - फोटो : अमर उजाला
वहीं 1989, 1991, 1993 में जद से जीते ज्वाला प्रसाद यादव के सहारे इस सीट पर सपा 1996 में पहली बार विजय पाई थी। 2007 में विनोद कुमार सिंह ने पहली बार बसपा को जीत दिलाए थे। इसके बाद, 2007 में बसपा के ही सुभाष पांडेय ने जीत दर्ज की। फिर 2012 में यह विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित सीट हो गई। इसके बाद, सपा के जगदीश सोनकर साल 2012 और 2017 में चुनाव जीते थे। इसी चुनाव से भाजपा लगातार दूसरे स्थान पर आ रही है। 
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