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UP Election Result: सपा के साथ से ओमप्रकाश राजभर को क्या मिला? सुभासपा छह सीटों पर रही कामयाब

Fri, 11 Mar 2022 03:15 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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अखिलेश यादव के साथ ओमप्रकाश राजभर - फोटो : सोशल मीडिया।
यूपी  विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन में शामिल पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के छह प्रत्याशी विधानसभा जाएंगे। इस चुनाव में सपा से गठबंधन के बाद सुभासपा 18 सीटों पर ताल ठोक रही थी। पिछली बार भाजपा को मिली जीत में अपना योगदान बताने वाले सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर अपनी सीट को बचा ले गए लेकिन बेटे की हार नहीं बचा सके।

वाराणसी की शिवपुर सीट से सुभासपा प्रत्याशी अरविंद राजभर को मंत्री अनिल राजभर ने बड़े अंतर से मात दी। हालांकि ओमप्रकाश राजभर को पिछले चुनाव के मुकाबले फायदा ही हुआ है। पिछली बार उनकी पार्टी ने चार सीटें जीती थीं। इस बार छह सीटों पर जीत हासिल की है।  जिलों के हिसाब से बात करें तो सुभासपा को गाजीपुर ( जहूराबाद और जखनिया) में दो, बलिया (बेल्थरारोड ) में एक, मऊ (सदर) में एक, जौनपुर (जफराबाद) में एक और बस्ती (महादेवा)  सीट पर सुभासपा के प्रत्याशी सिरमौर बने। 
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अखिलेश यादव के साथ ओमप्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
सपा-सुभासपा गठबंधन का परिणाम यह रहा कि आजमगढ़ और गाजीपुर में भाजपा का खाता ही नहीं खुला। मऊ जिले में एक सीट पर कमल खिला और तीन सीट पर सपा-सुभासपा गठबंधन को सफलता मिली। जौनपुर में सपा-सुभासपा गठबंधन पांच और बलिया जिले में तीन विधानसभा सीट जीतने में सफल रहा। इसके साथ ही पिछली बार की तुलना में इस बार सुभासपा के विधायकों की संख्या चार से बढ़कर छह हो गई।
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अखिलेश यादव के साथ ओमप्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
ओमप्रकाश राजभर ने मीडिया से बात करते हुए हार के लिए बसपा और उनके नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। राजभर ने कहा है कि भाजपा को जीताने के प्रयास में बसपा आज एक सीट पर सिमट कर रह गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद को राष्ट्रीय पार्टी कहने वाली बसपा आज कहां खड़ी है। आज सुभासपा बसपा से बड़ी पार्टी हो गई है। हमारे छह विधायक जीतकर आए हैं। 

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अखिलेश यादव के साथ ओमप्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
सपा-सुभासपा गठबंधन को मिली हार के सवाल पर राजभर ने कहा कि जहां-जहां हम काम करते हैं, वहां-वहां गठबंधन ने भारी जीत हासिल की है। उन्होंने पूर्वांचल के जिलों का नाम गिनाते हुए कहा कि गाजीपुर में सभी सीटें जीत ली है। आजमगढ़, अंबेडकरनगर, बस्ती, बलिया, मऊ जैसे जिलों में हम काफी सफल हुए हैं। हम जहां फेल हुए, वहां की समीक्षा करेंगे और पता करेंगे। 
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ओमप्रकाश राजभर व अरविंद राजभर। - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2017 में सुभासपा का गठबंधन भाजपा के साथ था। उस समय उसके खाते में चार सीटें आईं थीं। पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री बने थे।  हालांकि  भाजपा के साथ राजभर की ज्यादा दिन बनी नहीं और दो साल बाद ही मई 2019 में उनकी मंत्रिमंडल से विदाई हो गई। मंत्री रहते हुए ओमप्रकाश राजभर अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानों की वजह से खूब चर्चा में रहे थे। 
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ओमप्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
इस बार के विधानसभा चुनाव में कई क्षत्रपों का सियासी किला ढह गया। इसके साथ ही कई सियासी समीकरण भी ध्वस्त हो गए। हालांकि लगातार दूसरे विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का सियासी कद पूर्वांचल में बढ़ गया। 
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ओमप्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
सुभासपा के ये प्रत्याशी बने विधायक: जहूराबाद से ओमप्रकाश राजभर, जखनिया से बेदीराम, बेल्थरारोड से हंसू राम, मऊ सदर से अब्बास अंसारी, जफराबाद से जगदीश नारायण और महादेवा सीट से दूधराम विधायक बने हैं। ओमप्रकाश राजभर और जगदीश नारायण पूर्व मंत्री रहे हैं। 

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अरविंद राजभर ( माला पहने) - फोटो : फाइल
वाराणसी जिले की शिवपुर विधानसभा सीट पर सुभासपा के प्रमुख महासचिव और ओमप्रकाश के पुत्र अरविंद राजभर को मंत्री अनिल राजभर ने हरा दिया।  अनिल राजभर को 1,15,231 मत मिले जबकि अरविंद को 87,544 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। अरविंद राजभर 2017 में बलिया जिले की बांसडीह सीट से भाजपा सर्मिथत सुभासपा के उम्मीदवार थे और तब भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 
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मऊ सदर से जीत के बाद अब्बास अंसारी। - फोटो : अमर उजाला
मऊ में सुभासपा उम्मीदवार मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी को 1,24,691 मत मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के अशोक कुमार सिंह को 86,575 मतों पर सिमट जाना पड़ा। अब्बास ने अशोक को 38 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया।  
 
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