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UP: रातभर जलती रही जिंदगी, एक घंटे में पहुंचे दमकलकर्मी, तब तक राख हो चुका था सब, कुसमिलिया अग्निकांड की कहानी

Tue, 26 May 2026 01:21 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

Orai Fire Accident News: कुसमिलिया गांव में भीषण आग से 20 परिवारों के घर जलकर राख हो गए। ग्रामीणों ने दमकल विभाग के देर से पहुंचने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है।
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Orai Fire Accident - फोटो : amar ujala

उरई में डकोर ब्लॉक के कुसमिलिया गांव में लगी आग ने सिर्फ घर नहीं जलाए, बल्कि दर्जनों परिवारों के सपनों, उम्मीदों और बरसों की मेहनत को भी राख कर दिया। गांव में करीब 20 घर आग की चपेट में आ गए। किसी का अनाज जला, किसी की जमा पूंजी, तो किसी का पशुधन और बच्चों की किताबें तक आग में स्वाहा हो गईं।

सबसे ज्यादा पीड़ा लोगों को इस बात की है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां गांव पहुंचीं, तब तक सबकुछ खत्म हो चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि उरई से कुसमिलिया गांव की दूरी महज 10 किलोमीटर है, लेकिन दमकल विभाग को पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया।

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Orai Fire Accident - फोटो : amar ujala





रातभर गांव में चीख-पुकार मची रही

इस बीच गांव वाले बाल्टी, ड्रम और समरसेबल के सहारे आग बुझाने की कोशिश करते रहे, मगर तेज हवा के सामने उनकी कोशिशें बेबस साबित हुईं। रातभर गांव में चीख-पुकार मची रही। कोई अपने घर से अनाज निकालने में जुटा था, तो कोई बच्चों को आग से बचाने में। महिलाएं सिर पकड़कर रोती रहीं और पुरुष जलते घरों के सामने असहाय खड़े रहे।

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Orai Fire Accident - फोटो : amar ujala

सुबह आग पूरी तरह शांत हुई
आग इतनी भीषण थी कि लोग अपने घरों में रखा सामान तक नहीं बचा सके। सुबह जब आग पूरी तरह शांत हुई और धुआं छंटा, तब गांव वालों ने अपने उजड़े आशियानों को देखा। राख के ढेर में तब्दील घरों के सामने खड़े लोग बिलख-बिलख कर रोने लगे। किसी के बर्तन राख हो गए, किसी की चारपाई, किसी की नकदी और किसी की जिंदगीभर की कमाई।

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Orai Fire Accident - फोटो : amar ujala

इलाज के लिए रुपये जोड़कर रखे थे, सब जल गया
उमा देवी रोते हुए कहती हैं कि इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये जोड़कर रखे थे, सब जल गया। अब दवा कैसे होगी, कुछ समझ नहीं आ रहा। वहीं एक बच्ची जान्हवी राख के ढेर को देखते हुए सिर्फ इतना कह पाई कि हमारी किताबें निकाल लो...लेकिन किताबें भी आग में जल चुकी थीं।

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Orai Fire Accident - फोटो : amar ujala

20 परिवार पंचायत भवन में रात बिताने को मजबूर रहे
ग्रामीणों का कहना है कि बरसों की मेहनत के बाद उन्होंने जैसे-तैसे टूटा-फूटा आशियाना बनाया था। मजदूरी कर, पैसे जोड़कर घर खड़ा किया था, लेकिन कुछ ही घंटों में सब खत्म हो गया। अब उनके पास पहनने के कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा। आग के बाद करीब 20 परिवार पंचायत भवन में रात बिताने को मजबूर रहे।

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Orai Fire Accident - फोटो : amar ujala

प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी
कई लोग पूरी रात जागते रहे और अपने जले हुए घरों को देखते रहे। किसी की आंखों में नींद नहीं थी, सिर्फ अपने उजड़े जीवन का दर्द था। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और राहत का भरोसा दिया। एसडीएम ने कहा कि गांव में कैंप लगाया जाएगा और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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