फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस हादसे में सात की मौत: क्यों हुआ हादसा? सामने आई वजह; आठ की क्षमता वाले मैजिक में बैठी थीं 20 सवारियां

Wed, 11 Dec 2024 12:27 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टाटा मैजिक की क्षमता आठ सवारियों की थी और उसमें 20 लोग सवार थे। अगर कुल सवारों की बात करें तो चालक समेत 21 थे। स्थिति यह थी कि चालक वाली सीट पर भी सवारियां थीं। 
विज्ञापन
1 of 7
हाथरस में सात की मौत - फोटो : अमर उजाला
संभागीय परिवहन विभाग ने मथुरा बरेली मार्ग पर हुए हादसे में प्रथम दृष्टया कैंटर चालक की लापरवाही मानी है। एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि हादसे के बाद मौका मुआयना करने में सामने आया कि सवारी वाहन टाटा मैजिक नम्बर यूपी82टी2578 हाथरस की ओर से आ रहा था। इस दौरान सिकन्दराराऊ की ओर से आ रहे कैंटर संख्या एनएल01-एई5740 ने किसी वाहन को तेज गति से आवेरटेक किया और सामने से आ रहे मैजिक को टक्कर मार दी। 
विज्ञापन

2 of 7
हाथरस हादसे के मृतक - फोटो : अमर उजाला
एआरटीओ का कहना है कि दोनों ही वाहनों की फिटनेस, बीमा, परमिट, प्रदूषण आदि सभी दस्तावेज पूर्ण पाए गए हैं। टाटा मैजिक नम्बर यूपी82टी2578 एटा एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत था। यह वाहन किशन पाल पुत्र सौदान सिंह, निवासी गांव रेवाड़ी सकीट जनपद एटा के नाम पंजीकृत है। कैंटर संख्या एनएल01एई5760 नागालैंड में कोहिमा जनपद में पंजीकृत है। इसके मालिक परवीन पुत्र शमशेर सिंह, निवासी फोरेस्ट कॉलोनी कोहिमा सदर जनपद कोहिमा नागालैंड है।
विज्ञापन

3 of 7
मौके पर क्षतिग्रस्त मैजिक वाहन - फोटो : अमर उजाला
चालक को भी इतनी जगह नहीं मिल रही थी कि वह सही से बैठ सके
टाटा मैजिक की क्षमता आठ सवारियों की थी और उसमें 20 लोग सवार थे। अगर कुल सवारों की बात करें तो चालक समेत 21 थे। स्थिति यह थी कि चालक वाली सीट पर भी सवारियां थीं। ऐसे में चालक को भी बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रफ्तार भी तेज थी। दरअसल हाथरस से सिकंदराराऊ तक सवारियां ढोने वाली टाटा मैजिक नंबर के साथ दौड़ती हैं। कहीं दूसरी टाटा मैजिक पहले न पहुंच जाए इसलिए अंधाधुंध रफ्तार के साथ गाडि़यों को दौड़ाते हैं। इससे हादसे हो रहे हैं।

4 of 7
दुर्घटना के बाद मौके पर पड़े घायल - फोटो : अमर उजाला
हादसे का शिकार होने वाली टाटा मैजिक को आरटीओ के एटा आफिस से जो परमिट मिला है वह केवल 8 सवारियों का है। लेकिन सवारियां 20 भर दी गईं। खास बात यह है कि इस टाटा मैजिक द्वारा सुबह से सवारियां ढोई जा रही थीं लेकिन पुलिस का ध्यान नहीं गया। जबकि कई थाने और चौकियां रास्ते में पड़ीं। अगर पुलिस ने रोक लिया होता तो शायद यह हादसा न हुआ होता। जगह जगह गाडि़यां लगाकर चेकिंग करने वाली आरटीओ की टीम को क्षमता से अधिक सवारियां ढोने वाले वाहन नजर नहीं आते हैं। लोगों का कहना है कि टाटा मैजिक की रफ्तार तेज थी। वह गाड़ी को कंट्रोल कर ही नहीं पाया।
विज्ञापन

5 of 7
हादस हादसे के पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
17 लोगों की मौत पर अफसरों की नींद टूट जाती तो न जाती इन सात की जान
छह सितंबर को हाथरस-आगरा मार्ग पर ओवरटेक करने के दौरान सवारियों से भरी लोडिंग गाड़ी को रोडवेज बस ने टक्कर मार दी थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद भी सिस्टम नहीं जागा। अगर उस वक्त प्रशासन चौकस होता। ट्रैफिक नियमों का पालन कराता। क्षमता से अधिक सवारियां ढोने वाले वाहनों पर एक्शन करता तो शायद आज जो भीषण हादसे में सात लोगों की जान चली गई, वह न जाती।
विज्ञापन

6 of 7
गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
हाथरस में यातायात के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। किसी भी मार्ग पर देख लीजिए क्षमता से अधिक सवारी भरे वाहन दिख ही जाते हैं। आए दिन हादसे भी होते हैं। लेकिन चाहें ट्रैफिक पुलिस हो, आरटीओ हो या फिर प्रशासन के दूसरे दस्ते, सभी आंखें मूंदकर बैठे हैं। पुलिस वालों के सामने से दिन भर ऐसे वाहन गुजरते हैं जिनकी छतों तक पर सवारियां होती हैं। ऑटो में लटककर लोग सफर कर रहे हैं। कोई कहने वाला नहीं है। हाथरस में 6 सितंबर को हुई भीषण दुर्घटना की एक वजह भी यही थी। मालवाहक वाहन में सवारियां थीं। बेकाबू होकर बस से भिड़ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मौके पर बिखरे पड़े जूते-चप्पल - फोटो : अमर उजाला
वाहनों की रफ्तार पर भी नहीं लग पा रहा ब्रेक
भले ही हर मार्ग पर रफ्तार की लिमिट तय की गई है, लेकिन फिर भी वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इन्हें न तो कभी रोका जाता और न ही चालान हो रहा है। चौराहों पर भी वाहनों की रफ्तार तेज रहती है। यही वजह है कि अब भीड़ भाड़ वाले इलाकों में भी हादसों की संख्या बढ़ रही है। हाथरस ही नहीं अलीगढ़ में भी आबादी के बीच हादसे हो चुके हैं। पिछले दिनों ही बाइकों की भिड़ंत में दो लोगों की मौत हो गई थी। दोनों ही बाइकों की रफ्तार काफी तेज थी। कई जगहों पर स्पीड ब्रेकर बनाने की भी मांग गूंज रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें