नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जुमे की नमाज के बाद जिस जगह पर कल हिंसा हुई थी, आज वहां बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला। नखास चौक पर तैनात पुलिसकर्मियों को आज मोहल्लेवासियों ने गुलाब के फूल बांटे। कल जहां पथराव हो रहा था, आज गोरखपुर का वही इलाका गुलाब के फूलों की खुशबू से महक रहा था।
क्यों हुआ था बवाल?
जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पर्चे बांटे गए। इसपर नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का जिक्र था। अफवाह थी कि इन कानूनों से मुस्लिमों को दिक्कत होगी। इसी का नतीजा रहा कि बड़ी संख्या में लोग बाहर आए और बवाल हो गया। हालांकि आज इन इलाकों में शांति पसरी है।
विज्ञापन
2 of 6
police force
- फोटो : अमर उजाला
आज इलाके की अधिकतर दुकानें बंद रहीं। बीते दिन नखास चौक में बवाल करने वालों में बड़ी मस्जिद के पास जुलूस में शामिल होने के लिए जिले के अन्य हिस्से से लोग आए थे। एलआईयू सीओ ने इसकी पुष्टि की और बताया कि गोरखनाथ, कैंट समेत कई हिस्से से लोग आए थे लेकिन शहर से बाहर से कोई नहीं आया था। बीते दिन शाहमारूफ, नखास, अलीनगर, बख्शीपुर, घोष कंपनी, कोतवाली, रेती रोड और चौरइया गोला इलाके में भगदड़ मची थी, फिर धड़ाधड़ दुकानें बंद हो गई थीं, आज भी इन इलाकों में कम ही दुकानें खुली नजर आईं।
विज्ञापन
3 of 6
आमजन की सुरक्षा की जानकारी लेते एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
विरोध है तो ज्ञापन दें, कानून हाथ में न लें : एडीएम
एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने अपील की कि यदि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कोई आपत्ति या विरोध है तो शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दें। हर जगह मजिस्ट्रेट मौजूद हैं, नियमानुसार आपकी बात सरकार तक पहुंचा दी जाएगी। इसके लिए हिंसक होकर सड़क पर उतरकर कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। एडीएम ने लोगों से अपील की कि लोग चाहें तो डीएम दफ्तर आकर भी ज्ञापन दे सकते हैं।
4 of 6
निरीक्षण के दौरान रवि किशन
- फोटो : अमर उजाला
सांसद ने की शांति बनाए रखने की अपील
गोरखपुर के लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रवि किशन ने शुक्रवार को वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। कहा कि नमाज के बाद जो पत्थरबाजी हुई, वह दुखद है। नागरिकता संशोधन कानून से मुस्लिम समुदाय को कोई खतरा नहीं है।
अफवाह फैलाकर मुस्लिमों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। सबसे अनुरोध है कि गोरखपुर की तहजीब और अमन-चैन को बनाए रखें। सांसद होने के नाते इस घटना से दुख पहुंचा है।
विज्ञापन
5 of 6
सड़कों पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
बवाल पर बोले मुस्लिम समाज के लोग
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध क्यों है इस सवाल का जवाब समाज के बुद्धिजीवी अपने ढंग से दे रहे हैं लेकिन इनमें से कोई भी हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन को सही नहीं मानता। सरकार से यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि वह कानून को लेकर जो संशय है उसे दूर करे और जनता के बीच फैल रही भ्रांतियां समाप्त करने के प्रयास करे ताकि अराजकता के दौर से गुजर रहे देश में अमन और शांति बरकरार हो सके।
सभी लोगों से अपील है कि अपनी बात कानून के दायरे में रहते हुए सरकार तक पहुंचाएं, तोड़फोड़ या नुकसान करने से बात बिगड़ती है बनती नहीं।
नागरिकता संशोधन कानून से सिर्फ मुसलमानों को नुकसान होगा ऐसा सोचना समस्या को छोटा कर देखने जैसा है। जिस देश में साठ फीसदी से अधिक जनता अब भी गरीबी रेखा के इर्दगिर्द जीवन यापन कर रही है। वहां दूसरे देशों से आने वाले लोगों को नागरिकता दे दी जाएगी तो वे देश के संसाधनों पर बोझ ही होंगे।