क्रिटिकल केयर, डायबीटिज, हृदय, इंफेक्शन समेत कई बीमारियों में उपयोगी तकरीबन 1100 दवाओं के दाम में 50 से 80 फीसदी तक की कमी की गई है। प्राइज मॉनिटरिंग रिसोर्स यूनिट में औषधि निर्माण संघ की सहमति के बाद यह फैसला लिया गया है।
अपर मुख्य सचिव डॉ. अनिता भटनागर जैन ने ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश जारी किया है कि हर दुकान पर इस आदेश की कॉपी चस्पा की जाए ताकि ग्राहक खुद ही मोबाइल पर दवा, ब्रांड का नाम डालकर उसकी कीमत जान सकें और उसी आधार पर भुगतान करें।
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31 दिसंबर तक प्रदेश के एक लाख आठ हजार 701 दुकानों (अस्पताल में संचालित दुकान भी शामिल) पर ए4 साइज में आदेश की कॉपी चस्पा करनी है। अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि शेड्यूल्ड एवं नॉन शेड्यूल्ड वर्ग के लगभग 1100 औषधियों के मूल्य में भारत सरकार द्वारा 50 से 80 फीसदी तक की कमी की गई है।
इस कमी के संबंध में आम जनता को जानकारी देने के लिए प्रचार-प्रसार की भी जरूरत है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप और संपर्क व शिकायत के लिए फोन नंबर भी जारी किया गया है। यह जन सूचना प्रदेश के सभी दवा की दुकानों पर चस्पा करनी है।
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ऐसे जान सकते हैं दवाओं के दाम
www.nppaindia.nic.in या PHARMA SAHI DAAM एप पर चेक करें। पहले दवा का नाम और ब्रांड का नाम टाइप करना होगा, जिसके बाद दवा की कीमत पता चल जाएगी।
अधिक दाम लेने पर यहां करें शिकायत
यदि कोई दुकानदार दवा के निर्धारित मूल्य से ज्यादा मांगे तो भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 1800111255 या खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग उत्तर प्रदेश के नंबर 0522-2320552 (प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह दस से शाम छह बजे तक) पर शिकायत कर सकते हैं।
वर्जन
दवाओं के दाम में 50 से 80 फीसदी कम करने का आदेश आया है। सभी दुकानों पर इसके प्रचार-प्रसार के लिए आदेश की कॉपी चस्पा करनी है, जल्द ही इस काम को पूरा लिया जाएगा। जय सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर