फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन सगे भाइयों का अजब संयोग: साथ-साथ दी परीक्षा, अब पूर्वांचल के इस जिले में एक साथ कर रहे नौकरी

Sun, 26 Jul 2020 01:03 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
विज्ञापन
1 of 4
तीनों सगे भाई दिग्विजय, गौरव और सौरभ - फोटो : अमर उजाला
यूपी पुलिस की नौकरी कर रहे तीन सगे भाइयों का एक साथ सिपाही बनना, ट्रेनिंग करना और तैनाती भी एक ही थाने पर होना आश्चर्य की बात नहीं, बल्कि एक संयोग माना जा रहा है। तीनों सगे भाई उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। इनके पिता सत्यप्रताप यादव प्रधानाध्यापक हैं। इनके तीन बेटे दिग्विजय यादव, गौरव यादव और सौरभ यादव के नाम आज पूरे गाजीपुर जनपद में और रेवतीपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय का बना हुआ है।

देखा जाए तो तीनों भाई इन दिनों जनपद के रेवतीपुर थाने में तैनात हैं। बात इतनी नहीं है, तीनों भाई एक ही दिन पैदा हुए थे। तीनों ने एक साथ पुलिस में भर्ती के लिए वर्ष 2018 में आवेदन किया और एक ही दिन परीक्षा भी दी। रिजल्ट आया तीनों एक साथ पास हो गए। ट्रेनिंग और पॉसिंग आउट परेड भी तीनों ने एक साथ ही की।

 
विज्ञापन

2 of 4
उत्तर प्रदेश पुलिस - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर जनपद के गीडा क्षेत्र के वसुधा गांव के रहने वाले सत्यप्रताप यादव प्राथमिक विद्यालय कुरमौल में प्रधानाध्यापक हैं। पत्नी विमला देवी गृहणी हैं। सत्यप्रताप के तीन बेटे दिग्विजय यादव, गौरव यादव और सौरभ यादव की प्रारंभिक शिक्षा पिपरौली और 10वीं व 12वीं की मुरारी इंटर कॉलेज सहजनवा में हुई।


 
विज्ञापन

3 of 4
पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इंटरमीडिएट के बाद दिग्विजय ने इलाहाबाद से बीटेक किया और गौरव ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम और सौरभ ने पालीटेक्निक गोरखपुर से डिप्लोमा किया। तीनों भाइयों ने पुलिस भर्ती के लिए एक साथ आवेदन किया। दिसंबर 2018 में रिजल्ट आया तो तीनों पास हो गए। तीनों को शारीरिक परीक्षा गोरखपुर में हुई थी, जबकि लिखित परीक्षा फैजाबाद में हुई। 

 
विज्ञापन

4 of 4
उत्तर प्रदेश पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
पास होने के बाद ट्रेनिंग के लिए तीनों भाइयों को मिर्जापुर में पीएसी 39वीं वाहिनी आवंटित हुई। तीनों ने एक साथ ट्रेनिंग पूरी की। पॉसिंग आउट परेड के बाद निकले तो तीनों भाइयों को एक साथ पहली तैनाती गाजीपुर जिले के रेवतीपुर थाने पर मिली है। इनका कहना है कि सब ईश्वर की मर्जी से एक साथ होता गया। बचपन में हम तीनों भाई आपस में पढ़ाई को लेकर आपस में प्रतियोगिता करते थे और इसका प्रतिफल भी अच्छा रहा, जो आज सामने है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें