फिरोजाबाद में बंदी आकाश की पत्नी प्रीति ने बिलखते हुए बताया कि उसके पति की मौत स्वाभाविक नहीं हुई है। उनकी पीट-पीटकर हत्या पुलिस वालों ने की है। ऐसे लोगों को फांसी की सजा दी जाए। पति के पकड़ने के बाद मेरे पास 50 हजार की धनराशि की डिमांड के लिए भी फोन आया था। मैं गरीब हूं और पैसे का इंतजाम करने में लगी थी इस दौरान पति की मौत की खबर आ गई।
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Firozabad Ruckus
- फोटो : अमर उजाला
नगला पचिया निवासी मृत बंदी आकाश के एक बेटा आयुष (06 ) तथा एक बेटी प्रिया डेढ़ वर्ष की है। शनिवार को नगला पचिया के आसपास की गलियों में सन्नाटा पसरा था। आसपास के घरों के दरवाजे अंदर से बंद थे। लेकिन मृतक आकाश के घर मातमी सन्नाटा व पत्नी की रोने की आवाज सुनाई दे रही थी।
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डेढ़ वर्षीय बालिका को गोद में थामे बेसुध पड़ी आकाश की पत्नी प्रीति ने अमर उजाला से बातचीत में कहा पति बेलदारी का काम करते थे। उनके काम से घर का खर्चा नहीं चलता था। मायका सरजीवन नगर (सैलई) में होने के कारण 15 जून को किराए पर कमरा ले लिया था।
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प्रशासन ने आकाश की पत्नी को सौंपा चेक
- फोटो : अमर उजाला
वहीं सामान पहुंचा रहे थे। 17 जून को नगला पचिया में पत्थर की सिल लेने आई थी। वह (पति) मेरे साथ गए और कहा कि तुम चले मैं सब्जी लेकर आता हूं। इसके बाद घर वापस नहीं लौटे। 19 जून को मैं नहीं जानती लेकिन खुद को वकील बता रहे थे।
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उन्होंने कहा था कि तुम्हारे पति (आकाश) को थाना दक्षिण पुलिस ने पकड़ लिया है। 50 हजार रुपये दो तो समझौता हो जाएगा। मैं पैसे के इंतजाम करने में जुटी थी तभी खबर आई कि पति की मौत हो गई। प्रीति का आरोप है कि उसने पति का चेहरा देखा तो उनके चोट के निशान थे।
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मेरे पति को ट्रामा सेंटर में जो पुलिस वाले तैनात थे उनके द्वारा पीटा गया है। क्योंकि मैंने कपड़े देखे तो उनके कपड़े तक (मल मूत्र) से खराब थे। मेरी प्रशासन से यही मांग है कि मेरे पति की जिस प्रकार से पीट पीटकर हत्या की गई है। उसी तरह दोषी पुलिस वालों को फांसी की सजा दी जाए। मेरे बच्चों की देखभाल हो। ताकि मेरा परिवार पल सके।
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'मेरे घर का बुझ गया चिराग'
मृतक बंदी आकाश की मां शकुंतला देवी ने बिलखते हुए कहा कि उसका तो इकलौता चिराग भी पुलिस ने बुझा दिया। उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। मेरा बेटा कोई चोर नहीं था। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहा था। पुलिस ने कब उठाकर उसे जेल भेज दिया पता ही नहीं चला।
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21 जून को सुबह सात बजे दो पुलिसकर्मी सादा वर्दी में आए और आकाश के पिता वीरी सिंह से एक सादा कागज पर हस्ताक्षर करा ले गए। हस्ताक्षर कराने के ही बाद बताया कि उसके बेटे की मौत हो गई है। मां का कहना है कि पिता को धमकाया भी गया।
नगला सिंघी के निवासी हैं आकाश के पिता
फिरोजाबाद। मृतक आकाश के पिता वीरी सिंह मूलरूप से नगला सिंघी के निवासी है। वह काफी दिनों पूर्व नगला पचिया में आकर रहने लगे थे। वीरी सिंह चूड़ी जुड़ाई का काम करके परिवार का पालन पोषण कर रहे थे।