एटा के गांव असरौली के लोग बड़ी ही खुशी के साथ खाटूश्याम के दर्शन करने के लिए 10 अगस्त को घर से परिवार, मित्र और कुछ रिश्तेदारों के साथ निकले थे। लाैटते समय राजस्थान के दाैसा में दर्दनाक हो गया। भीषण हादसे में 11 लोगों की जान गई। इनमें 7 बच्चे हैं।
झकझोर देने वाले सड़क हादसे के बाद लौटे एक गाड़ी के चालक ने पल-पल की स्थिति बताई। इसे सुन रौंगटे खड़े हो रहे थे। बताया कि मंगलवार रात करीब 9 बजे लौटते समय रास्ते में सभी ने मिलकर खाना बनाया और खाया। इसके बाद कुछ देर आराम करके निकल लिए। दोनों गाड़ियां लगभग साथ चल रहीं थीं, लेकिन जब 1 किलोमीटर आगे निकलने तक जब गाड़ी नहीं दिखी तो चिंता हुई।
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हादसे से मच गया कोहराम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वापस जाकर देखा तो क्षतिग्रस्त गाड़ी और खून ही खून देखकर सबके दिल दहल गए। रवि अपनी लोडर गाड़ी लेकर 10 अगस्त की शाम को निकला था। गाड़ी में 20-22 लोग बैठे थे। आनंदपूर्वक सभी लोग पहुंचे और दर्शन किए। मंगलवार शाम 7 बजे खाटूश्याम धाम में पहुंचे तो आरती चल रही थी।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब एक घंटे दर्शन-पूजन करने के बाद 8 बजे के बाद वहां से निकल लिए। करीब 25 किलोमीटर आगे चलकर गाड़ियां रोकीं। उस समय लगभग 9 बज रहे होंगे। हम लोगों के पास चूल्हा, राशन का पूरा इंतजाम था। सबने मिलकर खाना बनाया और खाने के बाद आराम करने लगे। मैं गाड़ी ही में रुक गया था और आंख लग गई।
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परिवारों में मचा चीत्कार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब 12 बजे आकर किसी ने जगाया। मैंने बताया कि तेज नींद आ रही है कुछ देर रुक लो लेकिन दूसरी गाड़ी का चालक व अन्य लोग नहीं माने और एक गाड़ी स्टार्ट कर निकल गए। पीछे से मैं भी अपनी गाड़ी लेकर चला। कुछ आगे जाकर हम लोग मिल गए और 100-50 मीटर के अंतर से साथ-साथ चल रहे थे।
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गांव में पहुंचे आला अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महरोली हाईवे टोल पार करने के बाद करीब 1 किलोमीटर चलने पर दूसरी गाड़ी नजर नहीं आई। ऐसे में चिंता हुई कि ये लोग कहां रुक गए। इसी बीच गांव के किसी व्यक्ति ने फोन पर कॉल कर बताया कि एक्सीडेंट हो गया है। मैं समझा कि कहीं गाड़ी हल्के से ठुक गई है।
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हादसे से पसर गया मातम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अपनी गाड़ी को मोड़कर पीछे की ओर लौटा तो मौके पर गाड़ी की हालत देखते ही भांप गया कि बड़ा हादसा हुआ है। गाड़ी का पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। घटनास्थल के पास ही एक ढाबा था। वहां से और आसपास के तमाम लोग मदद के लिए आ गए। गाड़ी में और सड़क पर खून और घायलों की चीखें विचलित कर रही थीं। सुबह करीब 5 बजे अपनी गाड़ी में कुछ लोगों को साथ लेकर निकल आया।
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दाैसा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसा इतना भीषण था कि चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटना स्थल पर पहुंचे तो मंजर देखकर कांप उठे। गाड़ी के अंदर कुछ लोग चोट लगने से कराह रहे थे तो कुछ के शरीर लहूलुहान अवस्था में पड़े थे। घायलों को स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देते हुए एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय दौसा पहुंचाया। जानकारी होते ही जिले के आला अधिकारी व पुलिसबल मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। 7 बच्चों और 4 महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में पूर्वी (3), प्रियंका (25), लक्ष्य (3), शीला (28), सीमा (25), वैष्णवी (7), वासु (3), महक (7), सोनम (27), मिष्टी (1) और सलोनी (9) शामिल हैं।
गांव से गई थीं दो ऐसी गाड़ी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरसाती पन्नी लगाकर गाड़ी बना ली थी वाटर प्रूफ
दोनों ही लोडर गाड़ियों में भरकर लोग बैठे थे। दोनों में खाने-पीने के इंतजाम के रूप में कच्चा राशन रखा था। बरसात का मौसम है ऐसे में भीगने से बचने के लिए बॉडी के ऊपर बांस और लकड़ियों के फ्रेम पर बरसाती पन्नी तान दी थी। इसके नीचे महिलाएं और बच्चे बैठे थे, जबकि आगे के केबिन में पुरुष, लड़के बैठे हुए थे।