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चित्रकूट जेल गैंगवार : निलंबित अधीक्षक और जेलर से तीन घंटे पूछताछ, एफआईआर की जांच भी शुरू

Mon, 17 May 2021 12:41 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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घटना के बाद छावनी बनी चित्रकूट जेल - फोटो : amar ujala
चित्रकूट जिला जेल में ईद के दिन (14 मई) तीन खूंखार अपराधियों के बीच हुए गैंगवार और तीनो की मौत के बाद मामले की जांच कर रहे डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने तीसरे दिन रविवार को जेल में पहुंचकर निलंबित जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी और जेलर महेंद्र पाल को आमने-सामने बैठाकर करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। त्रिपाठी ने दोनों निलंबित अफसरों से गैंगवार के दिन दोनों का मिनट टू मिनट काम जानने का प्रयास किया। इस दौरान किसी को भी जेल परिसर में नहीं जाने दिया गया। डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी मामले की विभागीय जांच कर रहे हैं। रविवार को निलंबित जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी व जेलर महेंद्र पाल से पूछताछ के बाद डीआईजी जेल ने निलंबित वार्डन संजय खरे, हरीशंकर व पीएसी जवान अमित को भी बुलाया और इन तीनों से भी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, सभी का कहना था कि गैंगवार के दौरान जेल की बैरक या गेेट के पास मौजूद नहीं थे।
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जेल के शस्त्रागार के बाहर तैनात फोर्स - फोटो : amar ujala
सभी ने अपनी अलग-अलग स्थानों पर मौजूदगी की बात कही है। पूछताछ के दौरान सभी ने यह बात भी बताई कि गोलियों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां का नजारा देख डर गए फिर अफसरों को सूचना दी। डीआईजी जेल ने सभी की सुुबह सात बजे से लेकर सुबह दस बजे तक की मौजूदगी के स्थल, फिर वहां से घटनास्थल तक आने का समय और उनके द्वारा की गई कार्रवाई को दर्ज किया है। इस बाबत डीआईजी जेल ने कुछ भी बताने से इनकार किया और कहा कि अभी जांच जारी है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच में पिस्टल व मैग्जीन कैसे और किसने पहुंचाई भी शामिल है।

 
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जांच कर निकलते अधिकारी - फोटो : amar ujala
दोनों एफआईआर की जांच भी शुरू
जेल में गैंगवार व पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच भी पुलिस अफसरों ने शुरू कर दी है। सीओ शीतला प्रसाद पांडेय के साथ रविवार को तीन जांच अधिकारी कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी, इंस्पेक्टर रामाश्रय सिंह व एसएसआई सुशील चंद्र शर्मा जेल परिसर पहुंचे और कुछ बंदियों से बातचीत की। सीओ ने बताया कि कोतवाली में दर्ज मारे गए शार्प शूटर अंशू दीक्षित की दोनों रिपोर्ट की जांच शुरू की गई है। उन बंदियों से खासकर जिन्हें शार्प शूटर ने बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया से पूछताछ की गई। इसके बाद जेल में घटना वाले दिन मौजूद पुलिसकर्मियों और जेल कर्मियों के भी बयान दर्ज किए गए। 

 

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अंशू दीक्षित की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
ईद को मेराज ने दी थी पनीर-पूड़ी की दावत
14 मई को ही ईद थी और जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के रिश्ते के भांजे मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली ने 13 मई को ही सभी को ईद की पार्टी देने को कहा था। उसने घोषणा कर दी थी कि ईद की शाम को सभी बंदियों को पनीर व पूड़ी का इंतजाम उसके खर्च पर होगा। इसे लेकर सभी खुश भी थे। घटना के बाद 14 मई की ही रात को पोस्टमार्टम हाउस में मृतक मेराज के परिजनों ने भी बताया था कि एक दिन पूर्व बात हुई थी जिसमें ईद की अग्रिम बधाई दी थी और जेल परिसर में सभी बंदियों को पार्टी करने की बात कही थी। 
 
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गेट पर तैनात फोर्स - फोटो : amar ujala
ये था मामला
14 मई को जिला जेल रगौली में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर रहे अंशू दीक्षित ने माफिया मुख्तार के रिश्ते के भांजे कुख्यात अपराधी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली को गोलियों से उड़ा दिया था। इसके पूर्व उसने जेल में बंद पश्चिम उप्र के कुख्यात अपराधी मुकीम काला की भी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। बाद में पहुंची जिला पुलिस ने अंशू को भी मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया था। 
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