वाराणसी में एयर शो के आखिरी दिन उम्मीद से ज्यादा भीड़ चंदौली की तरफ उमड़ी। भीड़ नियंत्रण के लिए संकरी गलियों को बंद करना पड़ा। करीब 12 लाख लोगों की भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने 20 दिन पहले से रोजाना छह घंटे तैयारी की थी। मास्टर प्लान के जरिए आयोजन और यातायात व्यवस्था को संभाला गया।
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राजघाट पुल पर एयर शो देखने उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
तीन दिवसीय ( 22, 24 और 25 अक्तूबर) एयर शो की भीड़ संभालने में मास्टर प्लान काम आया। इसकी तैयारी 20 दिन पहले से की गई थी। रोजाना छह घंटे व्यवस्थाएं परखी गईं। आयोजन स्थल के 10 किलोमीटर के दायरे का मानचित्र बनाया गया।
चंदौली की तरफ से गंगा घाटों तक पहुंचने के लिए 12 प्रवेश द्वार बनाए गए। लगातार आठ दिनों तक प्रवेश द्वार से आने-जाने का विकल्प देखा गया फिर उसी हिसाब से व्यवस्थाएं बनाई गईं। तय हुआ कि लोग आते-जाते रहें। एक जगह एकत्रित न हो सकें। रणनीति के तहत ही 25 अक्तूबर को 12 लाख लोगों को नियंत्रित किया जा सका।
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वाराणसी में एयर शो की आकर्षक तस्वीर।
- फोटो : सूचना विभाग
चार फीट की गलियां बंद कर रोका दबाव : भीड़ प्रबंधन के लिए घाटों तक जाने वाली संकरी गलियों को भी चिह्नित किया। चार फीट तक की चौड़ी गलियों को बैरिकेडिंग कराके बंद कर दिया गया ताकि भीड़ अनियंत्रित होकर उनमें प्रवेश न कर सके।
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वाराणसी में एयर शो देखते अतिथिगण।
- फोटो : सूचना विभाग
पुलिस-प्रशासन का कहना था कि संकरी गलियों में बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंचने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है इसलिए मुख्य रास्तों से ही लोगों की आवाजाही सुनिश्चित की गई। प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। चौराहों से घाटों तक भीड़ की स्थिति पर नजर रखी गई। जरूरत के अनुसार लोगों को दूसरे रास्तों से आयोजन स्थल की तरफ भेजा गया।
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एयर शो में हेलीकाॅप्टर।
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम दिन के लिए बनाई खास रणनीति : 22 और 24 अक्तूबर को अपेक्षाकृत भीड़ कम थी फिर भी 25 अक्तूबर की सतर्कता, व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया। अंतिम दिन के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई।
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वाराणसी में एयर शो का आकर्षक दृश्य।
- फोटो : सूचना विभाग
आशंका थी कि नमो घाट के सामने स्थित अवधूत भगवान राम घाट, डोमरी घाट और सूजाबाद घाट पर सबसे ज्यादा लोग पहुंचेंगे। योजना के मुताबिक, शुरुआत में लोगों को इन घाटों की ओर भेजा गया। जब इन स्थानों पर भीड़ बढ़ने लगी तो प्रवेश मार्गों को नियंत्रित कर लोगों को दूसरे घाटों की ओर मोड़ना शुरू कर दिया गया। लोगों को सतुआ बाबा घाट और कटेसर घाट की ओर भेजा गया। वहां भीड़ का दबाव बढ़ी तो पड़ाव से बहादुरपुर की तरफ लोगों को भेजा गया।
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काशी में भव्य एयर शो देख गदगद हुए लोग।
- फोटो : अमर उजाला
बहादुरपुर में बनाया निकास का वैकल्पिक और नया रास्ता
एयर शो समाप्त होने के बाद भीड़ का दबाव बढ़ेगा इसलिए बहादुरपुर की ओर एक अतिरिक्त चौड़ा रास्ता तैयार किया गया था। यह रास्ता खोला गया था ताकि बड़ी संख्या में लोग एक साथ निकल सके। प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर अलग-अलग ध्यान दिया गया। एसपी आकाश पटेल, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने पैदल गश्त भी किया। व्यवस्थाओं की सही जानकारी मिले इसलिए डीएम और एसपी बाइक से निकल पड़े।
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वाराणसी में एयर शो में रंगारंग नजारा।
- फोटो : सूचना विभाग
2000 पुलिसकर्मियों ने संभाली सुरक्षा की कमान
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए करीब 2000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें लगभग 1400 पुलिसकर्मी जौनपुर और गाजीपुर से आए थे। 25 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। इनमें करीब 50 हजार दोपहिया और 7500 चारपहिया वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था बनाई गई थी। घाटों तक चारपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए तीन मार्ग तय किए गए थे।
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एयर शो में सेना के विमान करतब दिखाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
जिले के पुलिस अधिकारियों और ड्यूटी पर लगने वाली फोर्स को पहले ही सब कुछ बता दिया गया था। व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई। पूरा जोर बैरिकेडिंग और डायवर्जन पर रहा ताकि भीड़ एक जगह न जुटने पाए। तीनों दिन बिना किसी बाधा के लोगों ने एयर शो देखा है। - वैभव कृष्ण, डीआईजी रेंज
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काशी में एयर शो का भव्य-दिव्य नजारा।
- फोटो : अमर उजाला
10-12 लाख लोगों की भीड़ का अनुमान पहले से था इसलिए मास्टर प्लान तैयार किया गया। भीड़ को एक ही घाट पर एकत्र होने से रोकना योजना का प्रमुख हिस्सा था। किसी घाट पर भीड़ का दबाव बढ़ा तो लोगों को दूसरे घाटों की ओर भेज दिया गया। इससे व्यवस्था को बनाने में मदद मिली। - आकाश पटेल, एसपी चंदौली
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कई घाटों पर एयर शो का नजारा।
- फोटो : अमर उजाला
जिले के पुलिस अधिकारियों और ड्यूटी पर लगने वाली फोर्स को पहले ही सब कुछ बता दिया गया था। व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई। पूरा जोर बैरिकेडिंग और डायवर्जन पर रहा ताकि भीड़ एक जगह न जुटने पाए। तीनों दिन बिना किसी बाधा के लोगों ने एयर शो देखा है। - वैभव कृष्ण, डीआईजी रेंज
10-12 लाख लोगों की भीड़ का अनुमान पहले से था इसलिए मास्टर प्लान तैयार किया गया। भीड़ को एक ही घाट पर एकत्र होने से रोकना योजना का प्रमुख हिस्सा था। किसी घाट पर भीड़ का दबाव बढ़ा तो लोगों को दूसरे घाटों की ओर भेज दिया गया। इससे व्यवस्था को बनाने में मदद मिली। - आकाश पटेल, एसपी चंदौली