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हाईवे कांड: 'यह मौत जैसी पीड़ा..समाज की आवाज न सुनी तो न्याय प्रणाली से उठ जाएगा भरोसा'; अदालत की तल्ख टिप्पणी

Tue, 23 Dec 2025 08:51 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर

सार

बुलंदशहर के हाईवे कांड के दोषियों को सजा सुनाते समय कोर्ट ने कहा कि ये राक्षस हैं, इन्हें सभ्य समाज से दूर ही रखा जाए। दोषियों को सजा सुनाते वक्त न्यायाधीश ओपी वर्मा ने तल्ख टिप्पणी की। कहा कि अपराधियों के प्रति उदारता बरतना न्याय के साथ खिलवाड़ होगा।
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Bulandshahr highway incident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बुलंदशहर के हाईवे कांड के दोषियों को सजा सुनाते समय न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी से समाज के गिरते स्तर और अपराधियों की दरिंदगी पर कड़ा प्रहार किया। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश ओपी वर्मा ने कहा कि दुष्कर्म जैसा अपराध केवल पीड़िता की शारीरिक गरिमा पर हमला नहीं है, बल्कि उसके संपूर्ण व्यक्तित्व व भविष्य को राख कर देने वाली घटना है। 

ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले राक्षसों के प्रति उदारता बरतना न्याय के साथ खिलवाड़ होगा। इसलिए इन्हें सभ्य समाज से दूर ही रखा जाए। न्यायालय ने फैसले में पीड़िता की व्यथा का जिक्र करते हुए कहा कि उसका भविष्य उज्ज्वल हो सकता था, लेकिन इस घृणित घटना ने उसे और उसके परिवार को कभी न खत्म होने वाली पीड़ा के दलदल में धकेल दिया। 
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हाईवे कांड के आरोपी सुनील और नरेश को जेल लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीड़िता जिस मानसिक अवसाद और अंधकार से गुजर रही है, उससे उबर पाना अकल्पनीय है। मां-बेटी के साथ हुआ कृत्य किसी भी व्यक्ति के लिए मृत्यु के समान पीड़ादायक है।
 
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हाईवे कांड के आरोपी जुबैर और साजिद को जेल लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से चलाए जा रहे ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' अभियान का संदर्भ देते हुए कहा कि यदि ऐसे आदिम व बर्बर अपराधों के खिलाफ कठोर रुख नहीं अपनाया गया तो ये अभियान कागजी बनकर रह जाएंगे। सख्त लहजे में कहा कि न्याय प्रणाली ने समाज की चीख-पुकार को नहीं सुना तो जनता का विश्वास उठ जाएगा।
 

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कोर्ट परिसर में हाईवे कांड की सुनाई गई सजा के दौरान मौजूद पुलिस बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह भी कहा कि भयमुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब अपराधियों में कानून का खौफ हो। दोषियों का अपराध न केवल घृणित है, बल्कि इंसानियत के वजूद को चुनौती देने वाला है। समाज में असुरक्षा और असहजता का भाव उत्पन्न करने वाले ऐसे अपराधियों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी न्यायसंगत नहीं होगी।
 
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हाईवे कांड के आरोपी धर्मवीर उर्फ राका को जेल लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फैसले के दौरान न्यायालय ने दोषियों के आपराधिक इतिहास और अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए कहा कि उन्होंने निर्दयता व कायरता की सारी हदें पार कर दीं। हैवानियत की इस पराकाष्ठा के चलते दोषियों को सभ्य समाज का हिस्सा बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इसी आधार पर न्यायालय ने उन्हें सजा सुनाते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया।
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हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाईवे कांड: 127 पन्नों के फैसले में न्याय का हथौड़ा, दोषियों को कड़ा सबक
बहुचर्चित हाईवे कांड में न्यायालय ने 127 पन्नों के फैसले में न केवल वारदात की बर्बरता को रेखांकित किया, बल्कि जांच में रही खामियों और साक्ष्यों की कड़ियों पर भी कड़ा रुख अपनाया। न्यायाधीश ने आदेश में स्पष्ट किया कि समाज में भय व्याप्त करने वाले ऐसे जघन्य अपराधों में नरमी की कोई जगह नहीं है।
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हाईवे कांड के दौरान जांच करने पहुंचे तत्कालीन नवनियुक्त एसपी सिटी व देहात कोतवाली प्रभारी(फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फैसले में पन्ना दर पन्ना अदालत ने चश्मदीदों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट का बारीकी से विश्लेषण किया है। कोर्ट ने कहा कि सड़क पर चलते बेगुनाह नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस मामले में कानून के शासन को चुनौती दी गई थी।

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हाईवे कांड की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम। फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास, अंतिम सांस तक रहेंगे जेल में
बुलंदशहर में नेशनल हाईवे-91 पर नौ साल पहले कार सवार परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म व लूटपाट करने के पांच दोषियों को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओपी वर्मा के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 1.81 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
 

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हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
न्यायालय ने कहा कि सभी दोषी अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे। साथ ही अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित मां-बेटी को दी जाएगी। वारदात के नौ वर्ष चार माह और 25 दिन बाद फैसला आया है। वारदात 28 जुलाई 2016 की रात हुई थी। उस वक्त गाजियाबाद में रहने वाले परिवार (अभी बरेली निवासी) के छह सदस्य शाहजहांपुर स्थित पैतृक गांव तेरहवीं में शामिल होने जा रहे थे। बुलंदशहर के देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया था।

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हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कार सवार 14 वर्षीय किशोरी, उसकी मां, पिता, ताई, ताऊ व तहेरे भाई को बंधक बना लिया था। सभी को कार समेत सड़क के दूसरी तरफ खेत में ले गए। वहां तीनों पुरुषों के हाथ-पैर बांध दिए। किशोरी व उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी लूटपाट कर भाग निकले थे।

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हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच की और छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बावरिया गिरोह के जुबैर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, सलीम उर्फ बीना उर्फ दीवानजी और साजिद निवासीगण गांव इटखारी बिनौरा, तिरवा, कन्नौज के खिलाफ सीबीआई ने अप्रैल 2017 में आरोपपत्र दाखिल किया था।

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हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाद में हरियाणा पुलिस ने धर्मवीर उर्फ राका उर्फ जितेंद्र, नरेश उर्फ संदीप उर्फ राहुल निवासी गांव गेशनपुर, मोहम्मदाबाद, फर्रूखाबाद और सुनील उर्फ सागर निवासी गांव बानवोई, आजादनगर, मोहम्मदाबाद को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ सीबीआई ने 27 जुलाई 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया था।
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हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक अभियुक्त सलीम की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। अन्य अभियुक्तों जुबैर, साजिद, धर्मवीर, नरेश व सुनील को गत शनिवार को न्यायालय ने दोषी करार दिया था। सोमवार को इनको सजा सुनाई गई। प्रकरण में लापरवाही करने के चलते एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी थी।

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