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UP Chunav 2022 : मुस्लिमों के बिखराव से उलझे समीकरण, कांटे का है इस सीट पर मुकाबला, समझिए पूरा गणित

Mon, 21 Feb 2022 06:48 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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वोट डालने के लिए लाइन लगीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala
पिछले दस सालों से सपा का मजबूत गढ़ बनी हुई नगीना सीट पर इस बार जीत के समीकरण मुस्लिम और दलित मतों पर निर्भर हैं। इस बार मुस्लिमों के बिखराव का दावा किया जा रहा है। यदि ऐसा हुआ तो यह सपा के लिए मुश्किल बन सकता है। वहीं, दलितों में सेंधमारी नतीजों को बदलकर रख सकती है। हालांकि सपा मुस्लिमों के साथ अन्य जातियां, भाजपा परंपरागत वोट बैंक के साथ दलित, बसपा दलितों के साथ मुस्लिमों के वोटों में अपनी-अपनी जीत की संभावना तलाश रही है। सभी उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। 

नगीना विधानसभा सीट पर मतदान समाप्त होने के बाद से भाजपा, सपा और बसपा तीनों पार्टी के प्रत्याशी व उनके समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। सपा व भाजपा दोनों पार्टियों के समर्थक पतंग की उड़ान के आधार पर अपनी जीत की गुणा भाग लगा रहे हैं। एक तरफ जहां भाजपा समर्थक मुस्लिम वोटों के बिखराव होने, दलित वोटों में सेंधमारी करने और अपने परंपरागत वोट का एक तरफा उनके पक्ष में जाने पर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के समर्थक उसके परंपरागत मुस्लिम वोटों का एकतरफा उनके पक्ष में जाने, दलित व सवर्ण वोटों में सेंधमारी के दम पर जीत का दावा कर रहे हैं। दूसरी तरफ बसपा समर्थक  दलित/मुस्लिम गठजोड़ के सहारे अपनी जीत का दम भर रहे हैं।
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मतदान। - फोटो : amar ujala
दलितों पर सपा और भाजपा दोनों का दावा
नगर के दलित बाहुल्य मोहल्ला लाल सराय के अधिकतर वोटों पर सपा व भाजपा समर्थक अपना हक जता रहे हैं। दोनों पार्टियों के समर्थकों का दावा है इस मोहल्ले का अधिकतर वोट उनकी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में गया है। जबकि बसपा समर्थक दलित वोटों को अपना परंपरागत वोट होने का दावा करते हुए कह रहे हैं कि पूरे क्षेत्र में एकमुश्त दलित वोट बसपा के साथ गया है। सपा समर्थक नगीना के बूथ नंबर 317 व 318 का हवाला देते हुए दावा कर रहे हैं कि इन मुस्लिम बाहुल्य पोलिंग बूथों पर करीब 75 प्रतिशत मतदान हुआ है जो इस बात का सबूत है कि सपा के परंपरागत वोटरों ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में साइकिल के पक्ष में खूब मतदान किया है। 
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मतदान के लिए लाइन लगे लोग। - फोटो : amar ujala
नगीना में पतंग ने भी खूब भरी उड़ान
भाजपा के समर्थकों का कहना है की भाजपा के परंपरागत वोटों वाले बूथ नंबर 247 पर 84.34, बूथ नंबर 297 पर 79.46 प्रतिशत मतदान हुआ है। उनका दावा है कि भाजपा के परंपरागत वोटरों ने सभी बूथों पर भरपूर मतदान किया है जो कि भाजपा की जीत का आधार है। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के समर्थक भी अपनी पतंग के खूब उड़ने का दावा करते हुए यहां तक कह रहे हैं कि नगीना विधानसभा में इस बार के परिणाम चौंकाने वाले होंगे। इस बार उनकी पार्टी का नगीना से विधायक चुना जाएगा।

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UP election 2022 - voting in Bijnor - फोटो : अमर उजाला
हमें 90 हजार से ज्यादा वोट मिलेंगे : डॉ. यशवंत
नगीना विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. यशवंत सिंह का दावा है कि वह इस बार नगीना विधानसभा सीट से विधायक बनने जा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें सभी समाज का मिलाकर करीब 92 हजार से अधिक वोट मिलने जा रहा है। दावा किया कि दलित समाज ने भी इस बार भाजपा के पक्ष में मतदान किया है।
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UP election 2022 - voting in Bijnor - फोटो : अमर उजाला
इस बार तोड़ेंगे अपना ही रिकॉर्ड : मनोज पारस
समाजवादी पार्टी के नगीना प्रत्याशी मनोज पारस का कहना है कि सपा, लोकदल व महान दल के परंपरागत वोटरों ने पूरी एकजुटता के साथ सपा गठबंधन के पक्ष में मतदान किया है। उनका दावा है कि वह 2017 में हुई अपनी जीत के अंतर के रिकॉर्ड को इस बार खुद ही तोड़ देंगे। उन्हें इस बार एक लाख से अधिक वोट मिल रहे हैं, क्योंकि भाजपा के परंपरागत वोटरों ने भी इस बार उनके पक्ष में खूब मतदान किया है।
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UP election 2022 - voting in Bijnor - फोटो : अमर उजाला
हमें मिला सर्वसमाज का वोट : ब्रजपाल सिंह
बसपा प्रत्याशी इंजीनियर ब्रजपाल सिंह का कहना है कि नगीना विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने उनके पक्ष में इतना मतदान कर दिया है कि वह इस बार विधायक जरूर बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि बसपा के परंपरागत दलित वोटों ने तो उन्हें एकजुट होकर मतदान किया ही है। मुस्लिम समाज का भी उन्हें समर्थन मिला है जो उनकी जीत का आधार होगा। उनका कहना है कि उनके परंपरागत वोटरों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक मतदान किया है।
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