जांच करती पुलिस।
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मंदिर का अभी तक पंजीकरण नहीं
एसपी पूर्वी का कहना है कि मंदिर की जमीन, मंदिर के नाम नहीं है। शेरकोट के कृपाल सिंह सैनी के पिता के पास छह बीघा जमीन थी। इसमें से तीन बीघा उन्होंने मंदिर को दान में दे दी थी। एक बीघा जमीन में मंदिर बना है और दो बीघा जमीन अभी खाली पड़ी है। बताया गया कि मंदिर की जमीन कृपाल सिंह सैनी और उनके पूर्व में रहे गुरु के नाम चल रही है। बड़ी बात है कि मंदिर का अभी तक पंजीकरण तक नहीं हुआ है।