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कमलेश हत्याकांड: ...जब मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा सके थे अफसर, वजह है बड़ी

Sun, 20 Oct 2019 01:59 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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मौलाना अनवारूल हक - फोटो : अमर उजाला
जब मौलाना अनवारूल हक ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने पर इनाम का एलान किया था, तब पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ किसी मजबूरी की जंजीर से बंधे थे। जिले भर में भड़काऊ बयान देने के आरोपों के बावजूद अनवारुल हक के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं हो पाई थी। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट-
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bijnor news, kamlesh tivari murder - फोटो : अमर उजाला
चार दिसंबर 2015 को एसपी कार्यालय के बाहर अनवारुल हक ने काफी लोगों के साथ प्रदर्शन किया था। कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वाले को 51 लाख रुपये इनाम देने का एलान किया था। इसके बाद भी कई जगह पर प्रदर्शनों में अनवारुल हक शामिल हुआ था। हर जगह पर भड़काऊ बयान देता था।

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हिंदूवादी नेता कमलेश की हत्या में मौलाना हुए अनवारूल हक व मुफ्ती नईम कासमी नामजद - फोटो : अमर उजाला
मौलाना अनवारुल हक के भाषणों के विरोध में हिंदू जन संघर्ष समिति उतर आई थी। समिति संयोजक गांव गंगदासपुर निवासी शूरवीर सिंह, सदस्य अनिल पांडे, मयंक मयूर, विनोद पवार आदि ने डीएम व एसपी से कहा था कि मौलाना अनवारुल हक जिले में भड़काऊ बयान देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। अफसरों ने मौलानाओं की बैठक बुलाकर भड़काऊ बयान न देने को कहा था, लेकिन मौलाना अनवारुल हक व उनके साथियों पर हाथ डालने की हिम्मत अफसर नहीं जुटा पाए थे।

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कमलेश तिवारी (फाइल फोटो) - फोटो : फाइल फोटो
वहीं, जेल से छूटने के बाद कमलेश तिवारी ने हिंदू जन संघर्ष समिति संयोजक शूरवीर सिंह से फोन पर कई बार बात की थी। कमलेश तिवारी ने शूरवीर सिंह से मिलने की इच्छा भी जताई थी। शूरवीर सिंह के अनुसार कमलेश तिवारी ने उनसे फोन पर कई बार बात की थी।

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कमलेश तिवारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala
मौलाना अनवारूल हक व नईम कासमी से जुड़े तमाम मामलों की जांच चल रही है। पुलिस यह भी जांच करने में जुटी है कि बिजनौर से विस्फोट के बाद फरार आतंकियों से मौलाना अनवारुल हक के संबंध तो नहीं थे। इस मामले की भी पुलिस जांच कर रही है। - संजीव त्यागी, एसपी
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दागदार है नईम कासमी का भी दामन

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मौलाना अनवारूल हक और मुफ्ती नईम कासमी - फोटो : अमर उजाला
मौलाना अनवारूल हक के साथ दूसरे मुफ्ती नईम कासमी का भी दामन पाक साफ नहीं है। नईम कासमी चार भाई हैं। पुलिस के मुताबिक नईम कासमी पर चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमे एक मुकदमा 2016, दो मुकदमे 2017 व एक मुकदमा 2018 में दर्ज है। नईम कासमी पर गुंडा एक्ट भी लगी है। गांव भनेड़ा में पुलिया के पास वे अपना निजी मदरसा चलाते हैं। नईम कासमी ने भी कमलेश का सिर कलम करने पर डेढ़ करोड़ के इनाम का एलान किया था।

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