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Election Result 2022: अधूरा रह गया सीएम योगी का ये बड़ा सपना, नहीं मिला 'नगीना', जीत नहीं दोहरा पाई भाजपा

Thu, 10 Mar 2022 08:18 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
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सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
भाजपा को यूपी में जीत मिली, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ की एक कसक फिर भी बाकी रह गई। सीएम योगी को यूपी का नगीना नहीं मिल सका। दरअसल, बिजनौर की नगीना विधानसभा सीट पर सभी की नजरे टिकीं थीं। यहां मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के वक्त नगीना का जिक्र किया था। 1991 में राम लहर के दौर में नगीना सीट पर भाजपा ने परचम लहराया था लेकिन 1998 के उपचुनाव के बाद नगीना सीट पर भाजपा जीत नहीं दोहरा पाई।
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बिजनौर में मतगणना। - फोटो : amar ujala
भले ही सूबे में फिर से भगवा लहरा गया हो, लेकिन सीएम योगी की एक कसक बाकी रह गई। उन्हें विदुर की धरती से ‘नगीना’ नहीं मिल पाया। दरअसल, नगीना की लगातार हार पर सीएम योगी का दर्द उस वक्त छलक उठा था, जब उन्होंने स्वाहेड़ी में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया।

नगीना सीट पर भाजपा ने इस बार पूरे जोर लगाए। सीएम योगी खुद नगीना में चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। हार भी सम्मान जनक नहीं रही, यानी 27 हजार से अधिक मतों से बीजेपी हार गई। 
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मतगणना स्थल से वापस जातीं बसपा प्रत्याशी रुचिवीरा - फोटो : अमर उजाला
नगीना सीट पर भाजपा ने रामलहर के दौरान 1991 में पहली बार जीत दर्ज कराई, उस वक्त ओमप्रकाश विधायक बने। इसके बाद 1998 में हुए उपचुनाव में लवकुश विधायक बने। इसके बाद नगीना सीट पर भाजपा फिर कभी अपना खाता नहीं खोल सकी। इसकी कसक सीएम योगी को भी रही।

यह भी पढ़ें: यूपी चुनाव परिणाम 2022: यूपी के बिजनौर के तीन विधायकों ने लगाई जीत की हैट्रिक, तीन दशक से नजीबाबाद में नहीं खिला कमल

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बिजनौर में मतगणना - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि पिछले साल 21 सितंबर को सीएम योगी स्वाहेड़ी में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने के लिए आए। जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी शंखनाद किया। नगीना का जिक्र करते हुए बोले थे कि अगर नगीना से भाजपा का विधायक चुना गया होता तो तीन गुना विकास होता। बोले थे कि नगीना में चूक हुई थी, इस बार चूक नहीं होनी चाहिए। उस वक्त नूरपुर का जिक्र भी किया था। 
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मनोज पारस - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सांसद से था गठबंधन का मुकाबला
सीएम योगी के नगीना का जिक्र करने के कारण माना जा रहा था कि अबकी बार भाजपा के लिए यह सीट खास रहेगी। जिसके चलते पूर्व सांसद डॉ. यशवंत सिंह को मैदान में उतारा गया। तमाम प्रयासों के बाद भी नगीना सीट पर भाजपा परचम नहीं लहरा सकी। नगीना सीट पर सपा के विधायक मनोज पारस तीसरी बार चुनाव जीते हैं। नगीना सीट सपा का मजबूत गढ़ बन चुकी है। इस गढ़ पर भगवा झंडा नहीं फहर पाया।
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