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NIA Officer Murder Case: तन्हाई बैरक में करवटें बदलते बीती मुनीर की रात, अंदर से है बेचैन, जांच में खुला बड़ा राज

Tue, 24 May 2022 06:54 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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तंजील अहमद मर्डर केस - फोटो : amar ujala
फांसी की सजा पाने वाले मुनीर को सोनभद्र की जिला जेल में रखा गया है। बताया गया कि जिला जेल में उसकी रातें करवटें बदलते बीत रही हैं। कोर्ट से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद से वह बेचैन है। हालांकि उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। पुलिस के अनुसार जिला जेल की तन्हाई बैरक में रखे गए मुनीर की हर गतिविधि पर सुरक्षाकर्मी पैनी निगाह रखे हुए हैं।

दरअसल, दो अप्रैल 2016 की रात को एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर एक विवाह समारोह से लौटते समय हमला हुआ था। तंजील अहमद और पत्नी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थीं। जिसमें पति-पत्नी की मौत हो गई थी।
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मुनीर - फोटो : amar ujala
दोहरे हत्याकांड में बिजनौर के सहसपुर निवासी शातिर अपराधी मुनीर और रैय्यान को 21 मई को बिजनौर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने फांसी की सजा सुनाई। सजा के बाद रैय्यान को बिजनौर जेल में ही रखा गया है। जबकि मुनीर को शनिवार की देर रात सोनभद्र जेल लाया गया। उसे यहां कड़ी सुरक्षा के बीच तन्हाई बैरक में रखा गया है। 
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मुनीर अहमद - फोटो : amar ujala
वहीं जेल में दाखिल होने के बाद से ही उसकी हर गतिविधि पर निगाह रखी जा रही है। फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मुनीर अंदर से बेचैन है। लेकिन उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। पिछली दोनों रातें उसकी करवटें बदलते बीती हैं। दिन में भी वह बैरक में एक छोर से दूसरे छोर पर टहलते हुए बिता रहा है। कोने में बैठकर अकेले ही कुछ बुदबुदाता रहता है।

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आरोपी मुनीर को ले जाती पुलिस। - फोटो : amar ujala
पुलिस से असलहा लूटकर वारदात करता था मुनीर
गिरफ्तारी से पहले 2016 तक मुनीर लूट और हत्या की कई वारदातों को अंजाम देता रहा। कई वारदातों को अंजाम देने के लिए पुलिस से लूटे गए पिस्टल का इस्तेमाल किया। 
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बिजनौर तंजील हत्याकांड। - फोटो : amar ujala
तंजील अहमद की हत्या के बाद ही मुनीर पुलिस की पकड़ में आया। उसने पूछताछ में कई वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। बता दें कि अलीगढ़, दिल्ली, गौतमबुद्धनगर, बिजनौर और लखनऊ में उस पर हत्या, लूट, डकैती, चौथ वसूली और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं। अलग-अलग जगहों पर कुल 33 मामले दर्ज हैं। जिनमें अकेले 15 मुकदमे सिर्फ अलीगढ़ में ही दर्ज हैं, आठ केस बिजनौर में दर्ज हुए हैं। बाकी दिल्ली और अन्य जगहों पर दर्ज हैं।
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तंजील मर्डर केस। - फोटो : amar ujala
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुनीर असलहा रखने का बेहद शौकीन था। तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या करने से पहले वह एके-47 भी खरीदना चाहता था। धामपुर में कैशवैन के गार्ड से लूटी गई 91 लाख की रकम में कुछ हिस्सा उसने एके-47 खरीदने के लिए किसी को दिया था। हालांकि उसे एके-47 नहीं मिल पाई थी, ऐसा पुलिस के सूत्र बताते हैं।
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