हैदरपुर वेटलैंड हस्तिनापुर अभ्यारण्य में होने के कारण पहले ही संरक्षण की श्रेणी में आता है। यहां पर शिकार पर प्रतिबंध है। रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद अब यहां पर संरक्षण के तौर तरीके बदल जाएंगे। प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक अब यहां के विकास के लिए काम कराएंगी। यहां पर पक्षियों, जलीय जीवों, वन्य जीवों की कई-कई प्रजातियां मौजूद हैं।
बिजनौर गंगा बैराज के 6,908 हेक्टेयर क्षेत्र में हैदरपुर वेटलैंड एक मानव निर्मित झील है। 1984 में मध्य गंगा बैराज के निर्माण के दौरान यह बनाई गई थी, ताकि बाढ़ आने पर ज्यादा पानी इस झील में चला जाए। हैदरपुर वेटलैंड में हिरण सहित कई जानवरों, 30 से अधिक प्रजातियों के पेड़-पौधे, पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां, 102 जलपक्षी, 40 से ज्यादा प्रजाति की मछली और दस से अधिक स्तनपायी प्रजातियां मिलती हैं।