मौका-ए-वारदात के हालात बयां कर रहे हैं कि हत्यारों से शिवानी खूब लड़ी। उसकी कोहनी में भी चोट का निशान है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ में भी चोट होना सामने आया है। हत्यारे से बचने की जद्दोजहद में शिवानी के हाथ में चोट लगी है। हालांकि उसके गले में पड़ा दुपट्टा ही मौत की रस्सी बन गया। अभी तक पुलिस इसका पता नहीं लगा पाई है कि हत्या करने वालों की संख्या कितनी रही होगी।
यह तो साफ नहीं है कि हत्या कमरे के अंदर की गई या बाहर। लेकिन बाहर से घसीटकर उसे कमरे में ले जाया गया। फर्श पर घसीटने के निशान बने हुए थे। शिवानी की एक चप्पल बरामदे के बाहर, जबकि दूसरी बरामदे के अंदर पहली चप्पल से कुछ दूर पड़ी मिली। शिवानी हाईस्कूल तक पढ़ी हुई थी। हाईस्कूल के बाद वह आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी। शिवानी की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, वह दूसरे नंबर की संतान थी। जोकि चार भाई बहन थे। इस घटना के बाद उसके पिता और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। किशोरी की हत्या के बाद एएसपी देहात ने पुलिस की तीन टीमों का गठन किया है, जो हत्याकांड की पड़ताल में जुटी हुई हैं। सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। किशोरी के मोबाइल में मिली आखिरी कॉल के आधार पर भी पुलिस सुराग जुटा रही है। कॉल डिटेल के आधार पर हत्या के राज से पर्दा उठ सकेगा।