अस्पताल में बीमारी के चलते दम तोड़ देने वाला मुनीर सलाखों के अंदर जाने से पहले बेहद कुख्यात अपराधी रहा है। मुनीर ने छह साल पहले एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या को दो मिनट में ही अंजाम दे डाला था। यह हत्याकांड इतना गर्माया था कि जांच के लिए तीन आईजी लगाए गए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी अपने स्तर से जांच की थी।
दो अप्रैल 2016 की रात मुनीर ने अपने साथी रैय्यान के साथ मिलकर कार में सवार तंजील और उनकी पत्नी फरजाना पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। गोली भी एक दो नहीं बल्कि दर्जनों राउंड फायर किए गए। तंजील के शरीर में गोली लगने और निकलने के 33 घाव बने और उनकी पत्नी फरजाना के शरीर में भी 6 घाव थे। इस हत्याकांड को सिर्फ दो मिनट में ही अंजाम दे डाला था। दोहरे हत्याकांड को इस तरीके से अंजाम दिया गया था कि कई दिनों तक पुलिस और जांच एजेंसियां भी उलझी रहीं।
रैय्यान के डर ने खोल दिया था राज
पुलिस कुछ समझ ही नहीं पा रही थी। इसी बीच मुनीर के साथी रैय्यान के डर की वजह से हत्याकांड की परत खुल गई थी। उस वक्त रैय्यान एक दुकान पर सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कराने पहुंच गया था। यह बात दुकानदार ने पुलिस को बताई तो रैय्यान को दबोच लिया गया था। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के लिए मुनीर चार पिस्टल लेकर पहुंचा था। दो पिस्टल रैय्यान को देकर बाइक पर बैठा लिया था। इतना ही नहीं रैय्यान को अपनी शर्ट भी पहना दी थी। मुनीर ने रैय्यान से यह भी तस्दीक किया था कि क्या शादी में तंजील आया है।
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फांसी की सजा सुनकर मुनीर के चेहरे पर नहीं दिखा था खौफ
21 मई को अदालत ने मुनीर और रैय्यान को फांसी की सजा सुनाई, लेकिन मुनीर पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा था। उसके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी, जबकि रैय्यान के हाथ फैसले की कॉपी पर हस्ताक्षर करते हुए कांप गए थे।