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उर्स-ए-रजवी: मुल्क की तरक्की के लिए करें काम, मोहब्बत को करें आम; दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन ने दिया पैगाम

Tue, 19 Aug 2025 10:54 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में आला हजरत के उर्स की धूम है। शहर में रजा के दीवानों का सैलाब उमड़ा है। लाखों जायरीन उर्स में पहुंचे हैं। उर्स के पहले दिन दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां व सज्जादानशीन अहसन मियां ने जायरीन के नाम पैगाम जारी किया। 
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दरगाह आला हजरत में की गई सजावट - फोटो : अमर उजाला
बरेली में उर्स-ए-आला हजरत पर दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा कादरी (अहसन मियां) ने कहा कि सभी मुसलमान दीन-ए-इस्लाम पर कायम रहते हुए अल्लाह की रस्सी को मजबूती से थाम लें। मसलक-ए-अहले सुन्नत और मुल्क की तरक्की के लिए काम करें। आला हजरत के मोहब्बत के पैगाम को आम करें। सामाजिक बुराइयों से बचें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करें। मजहब और वतन के वफादार रहकर लोगों के लिए भलाई के काम करें। यही आला हजरत के लिए सच्चा खिराज होगा।
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दरगाह में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि कुछ शख्सियतें खुद इतिहास रच देती हैं। आला हजरत उन्हीं में से एक थे, जिन्होंने हर विषय पर गहरा इल्म हासिल किया। जिसने कुरान की बातों को माना और उस पर अमल किया, उसने मुख्तसर जिंदगी में सदियों की कमाई हासिल कर ली। मेरे इमाम को ये अता, ये नवाजिश, ये इनायत सब कुछ महज इश्क-ए-रसूल की बुनियाद पर हासिल था। दोनों शख्सियतों ने मुसलमानों को आपस में मिल-जुलकर रहने की सीख दी।
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दरगाह आला हजरत - फोटो : अमर उजाला
कई देशों से आए जायरीन
आला हजरत दरगाह पर दिनभर देश-विदेश से आए जायरीन का जमावड़ा रहा। कुछ दरगाह के जिम्मेदारान से मिलते रहे तो तमाम जायरीन बाजार में खरीदारी करते नजर आए। इसमें मॉरिशस से मुफ्ती नदीम मंजरी, मुफ्ती रियाजुल हसन, मुफ्ती इमरान, नेपाल से मौलाना फूल मोहम्मद नेमत, मौलाना नसीरुद्दीन, मौलाना इरफान, साउथ अफ्रीका से मौलाना सलीम खुशतरी, दुबई से हबीब उर रहमान, कतर से मौलाना शफीक, ओमन से मौलाना सलमान बरेली आए हैं। 

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उर्स में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
उर्स में आज
दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि मंगलवार को सुबह छह बजे कुरानख्वानी होगी। सुबह 9:58 बजे रेहान-ए-मिल्लत व 10:30 बजे मुफस्सिर-ए-आजम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद सौहार्द कॉन्फ्रेंस होगी। रात में दुनियाभर से आए उलमा की तकरीर होगी। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद का कुल शरीफ होगा।
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उर्स में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
रात में नातिया मुशायरे की सजी महफिल
उर्स-ए-रज़वी व उर्स-ए-अमीन-ए-शरीअत के पहले दिन मरकजी मस्जिद बीबी जी में आयोजित नातिया मुशायरे में देश-विदेश से आए शायरों ने कलाम पेश किए। ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादारी ने सरपरस्ती की।  इससे पहले सुबह से आरएसी की टीमें जायरीन की मदद में जुटी रहीं। शाम को बिहारीपुर ढाल के पास आरएसी ने परचमी जुलूस का स्वागत किया। संगठन की ओर से  लंगर, मेडिकल कैंप, टेंपो सेवा भी मुहैया कराई जा रही है। माल गोदाम रोड पर सुबह से ही आरएसी का फ्री टेंपो कैंप शुरू हो गया। 
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उर्स-ए-रजवी में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
बिहारीपुर ढाल पर मेडिकल कैंप में जायरीन को मुफ्त दवाएं दी गईं। रिठौरा से आरएसी नगर अध्यक्ष फरमूद रजा के नेतृत्व में चादरों का जुलूस पहुंचा तो गलियां खचाखच भर गईं। मुशायरे में मुफ्ती उमर रजा, नकी अंजुम, गुलाम गौस गजाली, इमरान बरकाती, हमदम फैजी, मीर हसन मुस्तफाई, फरहान बरकाती, नईम अख्तर आदि ने कलाम पढ़े। 
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चंद्रशेखर की ओर से पेश की गई चादर - फोटो : अमर उजाला
चंद्रशेखर की ओर से पेश की गई चादर
उर्स के पहले दिन सोमवार को जिलेभर से चादरों के जुलूस दरगाह पहुंचते रहे। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी के संस्थापक सांसद चंद्रशेखर की ओर से दरगाह पर चादर पेश की गई। यह चादर पार्टी के वरिष्ठ नेता व मऊ के पूर्व विधायक नसीम अहमद, राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य प्रदेश उपाध्यक्ष व बरेली मंडल प्रभारी अच्छन अंसारी एडवोकेट, प्रदेश संगठन मंत्री व बरेली मंडल के मुख्य प्रभारी संजीव सागर, भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव विकास बाबू वाल्मीकि लेकर पहुंचे थे। पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने चादरपोशी व गुलपोशी कर सौहार्द की दुआ की। 

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उर्स में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
जंक्शन व रोडवेज बस स्टैंड पर उमड़े जायरीन, लगे सहायता केंद्र
उर्स-ए-रजवी के मद्देनजर रोडवेज बस स्टैंड व जंक्शन पर जायरीन की भीड़ बढ़ने लगी है। रेलवे की ओर से 32 ट्रेनों की संचालन की व्यवस्था में फेरबदल किया गया है। सहायता केंद्र व स्पीकरों को भी स्थापित करने का काम पहली बार रेलवे की ओर किया गया है। 
 
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उर्स में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
बरेली जंक्शन के सीएमआई इमरान के मुताबिक आला हजरत के उर्स पर मुख्य गेट, पश्चिमी गेट, एक्सलेटर व सर्कुलेटिंग एरिया में जायरीन के लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। इन सहायता केंद्रों पर आरपीएफ, जीआरपी व रेलवे के स्टाफ को तैनात किया गया है। यहां से जायरीन अपने गंतव्य तक जाने के लिए साधनों व ट्रेनों समेत अन्य जानकारी ले सकेंगे। अनाउंसमेंट सिस्टम के लिए रेलवे की ओर से आठ स्पीकर अलग से लगाए गए हैं। 
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