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Pilibhit News: युवक को निवाला बनाने के बाद गांव के आसपास घूम रहा बाघ, दहाड़ से उड़ी ग्रामीणों की नींद

Thu, 19 Jan 2023 06:45 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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बुधवार को गांव के पास देखा गया बाघ - फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र के टांडा बिजैसी गांव में युवक का शिकार करने के बाद बाघ लगातार गांव के आसपास घूम रहा है। जंगल सीमा से गांव तक बाघ की चहलकदमी बनी हुई है। निगरानी के लिए लगे कैमरों में भी बाघ की तस्वीरें कैद हुई हैं। इसके चलते खौफजदा ग्रामीण रात जागकर काट रहे हैं। वहीं बाघ की लगातार चहलकदमी को देखते हुए वन विभाग के अफसर भी हैरान हैं। तीन टीमें बाघ की निगरानी में जुटी हैं।

न्यूरिया क्षेत्र गांव टांडा बिजैसी में आठ जनवरी की रात राजमिस्त्री गोकुल मलिक को बाघ ने निवाला बनाया था। गांव से दो सौ मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में युवक का अधखाया शव बरामद हुआ था। ग्रामीणों के विरोध के बाद वन विभाग के अफसर गंभीर हुए थे। बाघ को कैद करने के लिए खेत में पिंजरा लगाने के साथ चार कैमरें भी लगाए गए थे। घटना के दो दिन तक बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी थी, लेकिन इसके बाद बाघ फिर गांव के निकट देखा गया। 
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बाघ ने राजमिस्त्री गोकुल का किया था शिकार - फोटो : अमर उजाला
अफसरों के निर्देश पर निगरानी बढ़ाकर कैमरों की संख्या आठ कर दी गई। घटनास्थल से लेकर जंगल सीमा तक कैमरें लगा दिए गए। तीन टीमों को बाघ की लोकेशन ट्रेस कराने के लिए लगाया गया। इधर दस दिन बाद भी बाघ की गांव के आसपास मौजूदगी बनी हुई है। हालांकि एक स्थान पर न रुककर गांव और जंगल क्षेत्र की ओर चहलकदमी कर रहा है। बाघ की सक्रियता देख ग्रामीण बेचैन हैं। उनका कहना है कि बाघ कभी भी हमलावर हो सकता है।
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बाघ की निगरानी में जुटी वन विभाग की टीमें - फोटो : अमर उजाला
न्यूरिया क्षेत्र के टांडा बिजैसी गांव उत्तराखंड की सुरई रेंज और पीटीआर की महोफ रेंज से सटे इलाके में स्थित है। गांव की सीमा में सक्रिय बाघ की उत्तराखंड के जंगल की ओर लोकेशन देखी जा रही है। स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए दोनों सीमाओं के वन अफसर गंभीर हैं। विभाग की कई टीमें बाघ पर नजर रख रही हैं।

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बुधवार को बाघ की दहाड़ से सहम गए थे लोग - फोटो : अमर उजाला
न्यूरिया क्षेत्र के टांडा बिजैसी गांव की सीमा में दहशत का पर्याय बने बाघ की निगरानी के लिए जनपद के सामाजिक वानिकी के साथ उत्तराखंड की टीम में जुटी है। बुधवार को वन दरोगा सोनी सिंह के नेतृत्व में चेतन कुमार समेत वनकर्मी निगरानी में जुटे थे। इस दौरान जंगल से दो सौ मीटर दूरी पर अचानक बाघ की तेज दहाड़ सुनकर वनकर्मी सहम गए। पटाखे दागकर बाघ को खदेड़ा गया। इसके बाद गांव की सीमा से बाघ सुरई रेंज के जंगल की ओर निकल गया।
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बाघ की निगरानी में जुटी वन विभाग की टीमें - फोटो : अमर उजाला

बोले ग्रामीण- कम नहीं हो रही बाघ की दहशत


गांव के हरदीप सिंह ने बताया कि युवक का शिकार करने के बाद से बाघ लगातार गांव के निकट घूम रहा है। इससे स्थिति कभी बिगड़ सकती है। रात जागकर काटनी पड़ रही है। भानु प्रताप सिंह ने कहाकि बाघ दिन में भी चहलकदमी करते हुए देखा जा रहा है। ऐसे में कभी भी गांव में घुसकर हमलावर हो सकता है। विभाग को बाघ को पकड़ने के प्रयास करने चाहिए। 

सामाजिक वानिकी के रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ उत्तराखंड की सुरई रेंज से निकलकर जंगल सीमा से सटे इलाके में देखा जा रहा है। निगरानी के लिए विभागीय टीम के साथ डब्ल्यटीआई और डब्ल्यूएफ की टीमें लगी हुई हैं। 
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