बदायूं में दो ट्रैक्टरों के बीच जानलेवा दौड़ में छह महिलाओं की जिंदगी खत्म हो गई। दो ट्रैक्टरों ने ई-कार्ट को कुचल दिया। हादसे के बाद हाईवे पर सामान भी ई-कार्ट के पास बिखरा हुआ था। चप्पलें भी दस फिट के दायरे में बिखरी पड़ी थीं। घटना स्थल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ई-कार्ट के आसपास शव बिखरे नजर आ रहे हैं।
बदायूं में बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार दोपहर एक भयावह सड़क दुर्घटना में दो ट्रैक्टर-ट्रालियों की अनियंत्रित गति और रेस लगाने की होड़ ने कई लोगों की जान ले ली। ओवरटेक करने की कोशिश में दोनों ट्रैक्टरों ने ई-कार्ट (माल ढोने वाले वाहन) को रौंद दिया, जिसके परिणामस्वरूप ई-कार्ट सवार महिला-पुरुष करीब 15 फीट के दायरे में सड़क पर बिखर गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई महिलाओं के सिर फट गए और उनके अंग सड़क पर फैल गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाईवे पर शवों को देखकर राहगीर सिहर उठे।
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ट्रॉली पर लदा क्षतिग्रस्त ई-रिक्शा
- फोटो : संवाद
हादसे का भयावह मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-कार्ट कछला की ओर से सामान्य गति से आ रहा था, जबकि उझानी की ओर से आ रहे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में अनियंत्रित गति से दौड़ रहे थे। ओवरटेक करते समय एक ट्रैक्टर ने ई-कार्ट को टक्कर मारी, जिससे उस पर सवार नौ लोग सड़क पर गिर गए। इसके तुरंत बाद, दूसरे ट्रैक्टर की ट्राली ने सड़क पर गिरे तीन महिलाओं को कुचल दिया। ट्रॉली का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनके शरीर क्षत-विक्षत हो गए।
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पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लिया
- फोटो : संवाद
घटनास्थल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें ई-कार्ट के आसपास शव बिखरे हुए नजर आ रहे हैं। कुछ लोग शवों को कपड़े से ढकने का प्रयास कर रहे थे। एक महिला के कपड़े भी फटे हुए थे। सामान, जिसमें ढोलक भी शामिल था, हाईवे पर दस फीट के दायरे में बिखर गया था। चप्पलें भी दूर-दूर तक बिखरी पड़ी थीं। लोग हताशा में पूछ रहे थे कि यह कैसे हुआ, और कई लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को दोषी ठहरा रहे थे।
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हादसे के बाद घटनास्थल पर जुटे ग्रामीण
- फोटो : संवाद
बचाव कार्य और पुलिस की भूमिका
हादसे के तुरंत बाद, हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया। घटना स्थल से करीब दो किलोमीटर दूर मौजूद एक एंबुलेंस सबसे पहले मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल ले जाने लगी। करीब 20 मिनट में उझानी कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के आने से पहले ही, राहगीरों और कुछ रोडवेज बसों के यात्रियों ने घायलों की मदद की और मृतकों के शवों को एंबुलेंस में रखवाया।
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अस्पताल में जमा लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुर्घटना का कारण: रेस और लापरवाही
चश्मदीदों का कहना है कि दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक जानबूझकर रेस लगा रहे थे और एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी लापरवाही का खामियाजा ई-कार्ट में सवार निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ा। यह घटना सड़क सुरक्षा के प्रति बढ़ती लापरवाही और नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर उदाहरण है।
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डीआईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण।
- फोटो : संवाद
मक्का लादकर मंडी पहुंचाने को लगाते थे तीन चक्कर, चालकों की तलाश शुरू
भीषण हादसे की वजह बने दोनों ट्रैक्टर बुधवार सुबह मक्का लादकर उसे उझानी मंडी के पास स्थित गोदाम में अनलोड करने के लिए लाए थे। पूर्वाह्न में दोनों ट्रैक्टर- ट्रॉलियों से मक्का अनलोड हो गई। इसके बाद वह वापस कासगंज जाने को निकले। बताते हैं कि ये ट्रैक्टर दिन में दो- तीन बार मक्का लादकर लाते हैं। जल्दी पहुंचकर फिर से मक्का लाद लाने के लिए उनके चालकों के बीच होड़ मची थी। ट्रैक्टरों के बारे में कछला चौकी इंचार्ज भूपेंद्र सिंह के अनुसार चालक हादसे के बाद भाग गए हैं। ट्रैक्टर कासगंज जिले के हैं। आरोपी चालकों की तलाश शुरू कर दी गई है।
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उझानी सीएचसी में पुलिस और पीड़ित परिजन।
- फोटो : संवाद
हादसे के लिए यह भी एक कारण बताया जा रहा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की देखरेख में बरेली- मथुरा हाईवे पर तीसरे चरण का काम कासगंज से बदायूं के बीच चल रहा है। उझानी और कछला के बीच भी निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ चुका है। इसके तहत सड़क को चौड़ा कर उसके उच्चीकरण को दो- तीन किलोमीटर के अंतर से कहीं इधर तो कहीं दूसरी लेन से जुड़ने के लिए मोड़ दे दी गई है। जिस लेन पर कार्य हो चुका है, उसी पर होकर दोनों ओर के वाहन फर्राटा भरते हैं। हादसे के लिए यह भी एक कारण बताया जा रहा है।
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अस्पताल में जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ढोलक की थाप की जगह अब चीख-पुकार
पड़ोसी रामकिशन की आंखें भर आयी। वह बोले कि कल तक जिस घर से ढोलक की थाप की आवाज आ रही थी। शादी वाले घर से अब चीख-पुकार की आवाजें सुनायी दे रही हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में मृतकों और घायलों की जानकारी करती पुलिस
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स्ट्रेचर पड़ गए कम, चिकित्साधीक्षक ने खुद भी संभाली कमान
सड़क हादसे में ई- रिक्शा सवार महिलाओं के शव और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लाया गया तो इमरजेंसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। उनके सहयोग के लिए चिकित्साधीक्षक समेत अन्य कर्मचारियों को भी बुला लिया गया। खुद अधीक्षक ने बागडोर संभाल ली।
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सरला की फाइल फोटो
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बुधवार दोपहर हादसे के बाद कोतवाली पुलिस को सूचना सिर्फ घायलों के बारे मिली थी। फोन पर ही पुलिस को यह जरूर बताया था कि घायलों की संख्या आठ- नौ है और उनमें अधिकतर की हालत नाजुक है।
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राजकुमारी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद अधिकतर पुलिस कर्मी मौके पर गए तो दो- तीन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर भेजकर हालत पर नजर रखने के लिए कहा गया, उस वक्त अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. शारीफ के अलावा दो अन्य स्वास्थ्य कर्मी थे। चार घायलों के साथ जैसे ही पांच महिलाओं के शव पहुंचे, तभी हालात देख स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ पैर पांव गए। चिकित्साधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार को भी इमरजेंसी में बुला लिया गया। चिकित्साधीक्षक ने पांच- छह अन्य कर्मचारियों को बुलाकर घायलों के प्राथमिक इलाज में लगा दिया। ईसीजी करने के बाद पांच महिलाओं को मृत घोषित किया गया।
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प्रेमवती की फाइल फोटो
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एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता की हुई तारीफ
हादसे के बाद मौके पर एंबुलेंस पहुंचने में महज 15 मिनट ही लग पाए। जो एंबुलेंस मौके पर सबसे पहले पहुंची, उसके पायलट और सपोर्टिंग स्टाफ ने घायलों में ई- रिक्शा चालक सनी को ऑक्सीजन लगा दी। सनी के सिर में खून बह रहा था, मरहम पट्टी कर दी गई। हादसे के बाद लोगों ने एंबुलेंस कर्मियों की तारीफ भी की।
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रेवती की फाइल फोटो
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हाईवे पर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों ने ई-कार्ट को रौंदा
बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार दोपहर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों की चपेट में आकर ई-कार्ट सवार छह महिलाओं की मौत हो गई। इनमें से चार एक ही परिवार की हैं। फूलपुर और बुटला बोर्ड गांवों के बीच हुए हादसे में ई-कार्ट सवार तीन अन्य घायल हो गए। गंभीर रूप से दो घायलों को बरेली के निजी मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया।
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गंगाश्री की फाइल फोटो
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पुलिस के मुताबिक, कछला नगर पंचायत के मोहल्ला मुरावन नगला निवासी डालचंद्र सिंह के बेटे कुंवर पाल की 29 जून को शादी थी। डालचंद्र अपनी पत्नी, बेटी, दो बहुओं व परिवार की बुजुर्ग महिलाओं के साथ ई-कार्ट से भात मांगने ससुराल गठोना जा रहे थे। कुमरपाल की शादी गठोना गांव में ही तय हुई है।
नारायणा देवी की फाइल फोटो
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चार दिन पहले खरीदा था ई-कार्ट, नहीं हुआ था पंजीयन
हादसे का शिकार हुआ ई-कार्ट भी चार दिन पहले ही कासगंज से खरीदा गया था। ई-कार्ट का अब तक एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन भी नहीं कराया गया था और वह हाईवे पर सवारियां ढो रहा था। इससे परिवहन विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न उठ रहे हैं।
नियमानुसार, वाहनों का पंजीकरण होने के बाद ही शोरूम से डिलीवरी का नियम है, लेकिन इस मामले में इसकी अनदेखी की गई।