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शाहजहांपुर खुदकुशी केस: नहीं आई नींद... कानों में गूंजती रही फतेह की आवाज, रोते-रोते दादी की सूज गईं आंखें

Fri, 29 Aug 2025 01:02 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

Shahjahanpur Suicide Case: शाहजहांपुर में खुदकुशी करने वाले दंपती और उनके बेटे की मौत से परिजनों के साथ ही मोहल्ले के लोग भी दुखी हैं। चार साल का मासूम फतेह परिवार में हर किसी का लाडला था। उसकी याद में दादी के आंसू नहीं थम रहे हैं। 
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Shahjahanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
शाहजहांपुर में मासूम बेटे फतेह को जहर पिलाकर आत्महत्या करने वाले दंपती के मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। तीन मौतों से घर में मातम पसरा है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। चार साल का फतेह पूरे परिवार का लाडला था। कभी दादी सीमा की गोद तो कभी मां शिवांगी के पास पहुंचकर दुखी चेहरों पर मुस्कान बिखेर देता था। उसकी मौत के बाद परिवार के लोग पूरी रात सो नहीं पाए। उनकी आंखों के सामने फतेह का चेहरा और उसकी खनकती आवाज गूंजती रही। सबसे ज्यादा दुखी दादी सीमा ग्रोवर हैं, जिनकी आंखें रोते हुए सूज चुकी हैं। 

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पत्नी और बेटे के साथ कारोबारी का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोजा थाना क्षेत्र की  दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी में स्थित दो मंजिला मकान में नीचे मां सीमा ग्रोवर और बड़ा पुत्र रोहित ग्रोवर और दूसरे फ्लोर पर सचिन ग्रोवर अपने परिवार के साथ रहते थे। सचिन का चार साल का बेटा फतेह ग्रोवर था। सचिन और रोहित में भले ही मतभेद रहते हों, पर परिवार में फतेह सबका लाडला था। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि रोहित के मकान में फतेह के कई बड़े फोटो लगे हैं। 

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मासूम बेटे फतेह का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूरा परिवार उसे गोद में उठाकर दुलारता था। मंगलवार की रात हुई घटना पूरे परिवार के लिए वज्रपात से कम नहीं थी। बुधवार सुबह सचिन और उसकी पत्नी शिवांगी के शव अलग-अलग कमरों में फंदे से लटके मिले थे। मासूम फतेह का शव बेड पर पड़ा मिला था। सूदखोरों व कर्ज से परेशान सचिन ने फतेह को जहर दिया था, फिर पत्नी के साथ खुदकुशी कर ली थी। 

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घटना के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दादी के नहीं थम रहे आंसू 
पुलिस ने तीनों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिए। उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, लेकिन ये रात काटना पूरे परिवार के लिए काफी कष्टदायी थी। बेटे व पौत्र की याद में सीमा ग्रोवर के आंसू थम नहीं रहे थे। उन्होंने पूरी रात जागकर काटी। उनकी टकटकी जीने की तरफ लगी रही कि अभी फतेह आएगा और दादी बोलकर गले से लग जाएगा। एकाएक घटना को याद कर सीमा ग्रोवर रो पड़तीं हैं। पड़ोसियों ने बताया कि रात में कई बार उनके मकान से रोने की आवाजें आती रहीं। 
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कारोबारी की पत्नी शिवांगी की बेटे के साथ फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना से फतेह के टीचर भी स्तब्ध 
चार साल का फतेह जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ता था। उसकी मौत की खबर से कक्षाध्यापक से लेकर स्टाफ तक गमजदा हैं। काफी नटखट होने के चलते वह अध्यापकों का लाडला होने के चलते गोद में खेलता रहता था। फतेह को बोलने में दिक्कत आती थी। उसकी स्पीच थैरेपी होने के बाद वह थोड़ा बहुत बोलने लगा था।
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कारोबारी और उनकी पत्नी शिवांगी की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलवार सुबह फतेह अपने पिता सचिन ग्रोवर के साथ स्कूल आया था। अपराह्न दो बजे सचिन उसे लेने भी गए थे। 21 फरवरी को हुई पैरेंट्स मीटिंग में सचिन और शिवांगी दोनों स्कूल गए थे। उन्होंने फतेह की पढ़ाई के बारे में शिक्षकों से बातचीत की। इसके बाद अभिभावकों के फीडबैक लेने के लिए स्कूल की ओर से एक पत्र देकर अनुभव पूछा गया था। उस पर शिवांगी ने स्कूल की सराहना की थी। 
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पत्नी साथ कारोबारी की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूल की प्रधानाचार्य ने बताया कि फतेह की कक्षा उनके कार्यालय से लगी हुई थी। छात्र बहुत ही चंचल बच्चा था। बोलने में थोड़ा अटकता था, इशारों में ज्यादातर बात करता था। वह कक्षा में कम ही बैठता था। खेलकूद में ज्यादा रुचि रहती थी। 
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परिजन की गोद में मासूम का शव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीबी बोले, सचिन  एक बार बता देता तो हम मामला निपटवा देते
बृहस्पतिवार को सचिन ग्रोवर के घर शुभचिंतकों और रिश्तेदारों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। भाई रोहित और गौरव अपने को किसी तरह संभाले रहे, लेकिन मां सीमा ग्रोवर की आंखों का ज्वार रिश्तेदारों को देखकर फूट पड़ता था। वह रोते-बिलखते हुए कह रहीं थीं कि सचिन एक बार बता देता तो हम मामले को निपटा देते।

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