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UP: कर्ज के मकड़जाल में था परिवार, यहां अटका था लोन का अनुदान; शाहजहांपुर सुसाइड केस में सास का बड़ा खुलासा

Thu, 28 Aug 2025 04:09 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में सूदखोरों से परेशान कारोबारी ने पत्नी और चार साल के बेटे के साथ खुदकुशी कर ली। कारोबारी ने मासूम बेटे को कोल्डड्रिंक में जहर दिया। फिर नई रस्सियों से पत्नी और उसने खुदकुशी कर ली। कारोबारी सचिन ग्रोवर की सास ने बड़ा खुलासा किया है।
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businessman suicide - फोटो : अमर उजाला
शाहजहांपुर में सूदखोरों के मकड़जाल में फंसकर एक और परिवार खत्म हो गया। रोजगार बढ़ाने के लिए सूदखोरों से ली धनराशि के फेर में सचिन ग्रोवर फंसता चला गया। पहले दोस्त बनकर मिलने वाले सूदखोर ब्याज वसूलने के लिए उसे प्रताड़ित कर थे। ब्याज न चुका पाने के चलते भाई की बाइक और पत्नी के नाम दर्ज कार तक कब्जा ली थी। उद्योग केंद्र से लिए ऋण का अनुदान भी अटका हुआ था।

मकान में सचिन का परिवार मां सीमा और भाई रोहित के साथ रहता था। तीसरा भाई गौरव उर्फ मोहित कुछ दूरी पर रहते हैं। पिता विजय का वर्ष 2009 में निधन हो गया था। इसके बाद व्यापार पूरी तरह से बेटों के हाथ में आ गया।
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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी ने पत्नी संग दी जान, मौके पर जमा भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर ने वर्ष 2023 में व्यवसाय को बढ़ाने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 50 लाख का ऋण अपनी सास संध्या मिश्रा के नाम से स्वीकृत कराया था। उसकी एक लाख रुपये प्रति महीने किस्त जाती थी।

 
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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी ने पत्नी संग दी जान, विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बैंक से लेकर सूदखोरों तक ने परेशान किया
ऋण स्वीकृत होने के बाद पुवायां तहसील के ब्लॉक क्षेत्र में फैक्टरी की स्थापना कर कार्य शुरू किया था। उनका माल शहर के अलावा पड़ोसी जिलों में जाता था, लेकिन व्यवसाय में नुकसान होने पर वे कर्जदार होते चले गए। बैंक से लेकर सूदखोरों तक ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया था। पत्नी की ज्वैलरी तक गिरवी पड़ गई थी।

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पत्नी और बेटे के साथ कारोबारी का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताते हैं कि सूदखोर उन्हें आकर धमकाते थे। भाई गौरव ग्रोवर के अनुसार, पहले सूदखोर उनके मित्र बनकर आते थे। दो लाख रुपये ऋण लेने पर दो हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूली करते थे। सचिन की पत्नी के नाम पर पंजीकृत कार भी सूदखोरों ने कब्जे में ले ली थी।

 
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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी ने पत्नी संग दी जान, मौके पर जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाइक भी गायब हुई, पुलिस ने सुनवाई तक नहीं की
गौरव ग्रोवर ने बताया कि वर्ष 2020 में सचिन उनकी बुलेट बाइक चलाते थे। वह बाइक अचानक उन्होंने किसी को दे दी। प्रारंभ में वह ममेरे साले को बाइक देने की बात कहकर भाई को टालते रहे। गौरव ने कहा कि बाइक चली जाए, पर जिसने ली है, उसके नाम पर ट्रांसफर हो जाए। इसे लेकर उन्होंने एसपी को प्रार्थना पत्र भी दिया था। पुलिस ने प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई तक नहीं की।
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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी की सास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिलख पड़ी सास, बोलीं-कर्ज के चलते हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया
स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त संध्या मिश्रा की बेटी शिवांगी मिश्रा से वर्ष 2017 में सचिन ग्रोवर ने प्रेम विवाह किया था। शिवांगी का मायका और ससुराल नजदीक में है। बुधवार को उसकी बुआ की तेरहवीं थी। उसकी तैयारियां शाम को शिवांगी और सचिन ने पूरी की थी। रात दस बजे तक शिवांगी अपनी बेटी के साथ सड़क पर टहलते हुए देखी गई थी। तब तक सबकुछ सामान्य था।
 
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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी ने पत्नी संग दी जान, मौके पर जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे संध्या मिश्रा के बेटे शिवाल मिश्रा ने व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट की प्रतियां देखकर मां को कॉल की थी। शिवाल कोटा, राजस्थान में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। वह दौड़कर बेटी के घर पहुंचीं तो भीड़ देखकर अनहोनी की आशंका भांप गईं। अंदर बेटी-दामाद और नाती का शव देखकर बिलख पड़ीं।

 

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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी ने पत्नी संग दी जान, विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनके शव छत से उतारे गए तो संध्या बिलख पड़ी। बोलीं कि कर्ज के चलते हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। बेटी काफी बहादुर थी। दिक्कत होती तो हमें बता देती। उन्हें ऐसा कृत्य करने को मजबूर करने वालों को नहीं छोड़ेंगे। गौरव चार साल के भतीजे फतेह का शव हाथों में लेकर उतरे तो सभी बिलख पड़े। आसपास के लोगों की आंखों से आंसू छलछला आए। सचिन की मां सीमा बोली कि मेरा सचिन हमें छोड़कर चला गया।
 

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मासूम बेटे फतेह का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेहद लाडला था मेरा धेवता फतेह
नानी संध्या ने बताया कि चार साल का फतेह माता-पिता का काफी लाडला था। इसी वर्ष प्री नर्सरी में बड़े स्कूल में प्रवेश कराया था। नानी के अनुसार, फतेह को जन्म के समय कोरोना हो गया था। तब उन्होंने उसकी काफी देखभाल की थी। उसका शव देखकर सभी दहाड़े मारकर रो पड़े।
 

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पत्नी साथ कारोबारी का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वाईफाई कनेक्ट होने के बाद पहुंचे मैसेज, तब मचा हड़कंप
सचिन ग्रोवर ने सुसाइड नोट भी लिखा है। प्रारंभ में वह 35 पेज का बताया जा रहा था, लेकिन बाद में स्थिति स्पष्ट होने पर 13 पेज का होना बताया गया। बताते हैं कि दो बार भेजने में फोटो खींचने के चलते वे अधिक दिख रहे हैं। दरअसल, सुबह करीब आठ बजे परिवार के सदस्यों को सुसाइड नोट व्हाट्सएप पर मिला। बताते हैं कि सुबह वाईफाई मोबाइल पर कनेक्ट होने पर मेसेज गया होगा।

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कारोबारी की पत्नी शिवांगी की बेटे के साथ फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उद्योग केंद्र ने अटका रखा था अनुदान, दोस्तों से मांगे थे कर्ज चुकाने के लिए रुपये
उद्योग केंद्र के जरिये योजना का लाभ लेने पर 17 से 18 लाख रुपये का अनुदान सचिन ग्रोवर को मिलना था। इसे उद्योग केंद्र के अरुण नाम के व्यक्ति ने अटका रखा था। अनुदान मिलने पर वह अपना कर्ज चुकाने की जुगत में थे। इसके लिए उन्होंने दोस्तों से तीन लाख रुपये मांगे थे। दोस्तों के अनुसार, उसके पास एक लाख 80 हजार रुपये थे।

 

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कारोबारी और उनकी पत्नी शिवांगी की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक की सास संध्या मिश्रा ने बताया कि जिला उद्योग केंद्र में अनुदान भेजने के नाम पर अतिरिक्त धनराशि की मांग की जा रही थी। वह सचिन को परेशान कर रहे थे। उनके स्तर से ही कार्य होना था, लेकिन वह अटकाए हुए थे। संध्या ने बताया कि सचिन को कारोबार में कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने माना कि रिश्वत के चलते अनुदान जारी नहीं किया गया था। 

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कारोबारी और उनकी पत्नी शिवांगी की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह है मामला
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के रोजा इलाके में सूदखोरों और कर्ज से परेशान दुर्गा एन्कलेव कॉलोनी निवासी हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर (36) और पत्नी शिवांगी (34) ने चार साल के बेटे को जहर खिलाने के बाद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। बेटे की भी मौत हो गई। कारोबारी के फोन में 13 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें ब्याज पर लिए गए कर्ज के अलावा अन्य देनदारियों का भी जिक्र है।
 

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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी ने पत्नी संग दी जान, मासूम के शव को लाते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अनुदान की धनराशि भारत सरकार केवी आईसी एजेंसी के माध्यम से सीधे भेजती है। सचिन ग्रोवर के आवेदन पर 21 अगस्त को बैंक ने एजेंसी से क्लेम किया था। अनुदान अटकाने में उद्योग केंद्र का कोई रोल ही नहीं है। - अनुराग यादव, उपायुक्त, उद्योग केंद्र
 
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बेटे की हत्या के बाद कारोबारी ने पत्नी संग दी जान, परिजन से पूछताछ करती पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये हो चुकीं घटनाएं
- 02 फरवरी 2025: सूदखोरों की धमकी से घबराए चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बजीरगंज निवासी विनोद ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी।
- 27 मार्च 2025: रोजा के मानपुर गांव के राजीव कुमार ने अपने चार बच्चों की बांका से गला काटकर हत्या करके पंखे के कुंडे में साड़ी के फंदे से लटककर जान दे दी थी। वह सिर में लगी चोट से अक्सर मानसिक तनाव में आ जाता था।
- 07 जून 2021: शहर के कच्चा कटरा मोहल्ला निवासी दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने सूदखोर से तंग आकर अपनी पत्नी रेशू गुप्ता, बेटा आर्यन व बेटी अर्चिता के साथ घर में फंदे पर लटककर जान दे दी थी।
- 30 सितंबर 2022: रोजा थाना क्षेत्र के हथौड़ा स्थित बसंत विहार कॉलोनी निवासी प्रापर्टी डीलर सतीश कुमार व उनकी पत्नी मंशा देवी ने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी थी। बरामद सुसाइड नोट में सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी गई थी।
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