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पीलीभीत एनकाउंटर: आतंकियों ने मेडिकल स्टोर से खरीदा था ये सामान; आमलेट का ऑर्डर देने पर तीनों ने कही ये बात

Sat, 28 Dec 2024 10:53 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

पीलीभीत में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए तीनों खालिस्तानी आतंकियों को लेकर एक और नया खुलासा हुआ है। मददगार ने बताया कि उन्होंने नगर में खुटार चौराहे के निकट एक मेडिकल स्टोर से ये सामान खरीदा था।
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Pilibhit Encounter - फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत के पूरनपुर में मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों को होटल में कमरा दिलाने पहुंचे गजरौला जप्ती गांव के जसपाल उर्फ सनी को पुलिस ने जेल भेज दिया। साथ में आए दीपक और गांव गजरौला के ही आईलेट संचालक को छोड़ दिया गया है। पुलिस जसपाल को रिमांड पर लेने के प्रयास में है। पुलिस को उससे कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।

नगर के हरजी होटल से मिली आतंकियों और दो मददगारों के फुटेज के बाद पुलिस ने गांव गजरौला जप्ती निवासी जसपाल उर्फ सनी और दीपक को हिरासत में लिया था। कमरे का किराया कम कराने को फोन करने वाले गजरौला जप्ती के ही आईलेट संचालक गुरजीत सिंह को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस की पूछताछ में जसपाल ने इंग्लैंड में बैठे आतंकियों के मददगार आतंकी सिद्धू के बारे में जानकारी दी।
 
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पीलीभीत के एसपी अविनाश पांडेय - फोटो : अमर उजाला
सिद्धू ने ही जसपाल को कमरा दिलाने के लिए किया फोन
कमरा दिलाने के लिए भी सिद्धू ने ही उसे फोन किया और उसके नंबर पर फर्जी आधार भी भेजे। पूछताछ में कई जानकारियां और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर पुलिस ने जसपाल उर्फ सनी का न्यायालय चालान भेजा। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं जसपाल के साथ आए दीपक और आईलेट संचालक को छोड़ दिया गया है। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि जसपाल का चालान भेजा गया। उसे रिमांड पर लिया जाएगा।

 
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वरिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह और जसन प्रीत सिंह के फाइल फोटो - फोटो : यूपी पुलिस
आतंकियों ने मेडिकल स्टोर से खरीदे थे नशे के कैप्सूल, ढाबे पर खाया खाना
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए तीनों खालिस्तानी आतंकियों ने नगर में खुटार चौराहे के निकट एक मेडिकल स्टोर से नशे के कैप्सूल खरीदे थे। पड़ोस के कृष्णा ढाबे पर मददगार और उसके साथ एक युवक के अलावा तीनों ने शाही पनीर की सब्जी, दाल और चावल खाया था। मुठभेड़ की घटना के बाद से ही एसपी अविनाश पांडेय के नेतृत्व में 11 टीमें पड़ताल में जुटी हैं। 

 

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आरोपी सनी को मेडिकल के लिए लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एटीएस और एनआईए के साथ आतंकियों के नगर में आने, रुकने और मददगारों को लेकर कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस हिरासत से छूटे दीपक ने बताया कि 20 दिसंबर की शाम वह गांव के समीप घूम रहा था। बाइक से आए गांव निवासी जसपाल उर्फ सनी ने बुआ के लड़कों के पूरनपुर आने की जानकारी दी और उसे बाइक से पूरनपुर लाया था। पूरनपुर में असम हाईवे के खुटार चौराहा के समीप गुड्डू होटल के समीप तीनों आतंकी खड़े मिले। तीनों आतंकियों ने समीप के मेडिकल स्टोर पर जाकर नशे के कैप्सूल खरीदे थे।

 
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इसी कमरे में रुके थे तीनों आतंकी - फोटो : अमर उजाला
कैप्सूल मंहगे देने पर इसकी चर्चा आतंकियों ने जसपाल से की थी। जसपाल ने आमलेट का आर्डर दिया तो आतंकियों ने भूख का हवाला देकर खाना खाने की बात कही। तब समीप के कृष्णा होटल पर पहुंचकर पांचों लोगों ने शाही पनीर की सब्जी, चावल, रोटी खाई थी। खरीदे गए कैप्सूल और खाने का नकद भुगतान आतंकियों ने ही किया था।
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होटल हर जी - फोटो : अमर उजाला
होटल मैनेजर ने कमरे के बताए थे डेढ़ हजार
दीपक ने बताया कि खाना खाने के बाद उसे बाइक से होटल हरजी चलने को कहा गया। पीछे से तीनों आतंकी जसपाल के साथ होटल पहुंचे थे। होटल में मैनेजर ने कमरे के डेढ़ हजार रुपये बताए थे। इस पर जसपाल सिंह ने आईलेट संचालक गांव निवासी गुरजीत को फोन कर किराया कम कराने को कहा था। गुरजीत सिंह ने बताया कि उस समय काम से दिल्ली जा रहा था। फोन जसपाल सिंह ने उसे किया और बाद में होटल मैनेजर रवि को मोबाइल थमा दिया था। तब उसने आईडी लेने और कुछ छूट करने के लिए होटल मैनेजर से कहा था। 
 
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होटल में जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद होटल के कर्मचारी के साथ पांचों लोग कमरे तक गए थे। कुछ देकर रुकने के बाद जसपाल सिंह के साथ वह बाइक से घर आ गया था। पुलिस ने हिरासत में लिए गुरजीत सिंह, दीपक को पूछताछ के बाद शुक्रवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे छोड़ दिया। कोतवाल नरेश कुमार त्यागी ने बताया कि जसपाल सिंह उर्फ सनी को आतंकवादियों को होटल में ठहराने के आरोप में चालान किया गया है।
 

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सीसीटीवी फुटेज में आतंकियों के साथ दिखे थे युवक - फोटो : वीडियो ग्रैब
रिश्तेदारी की वजह से है होटल मैनेजर से जान-पहचान
आईलेट संचालक गुरजीत सिंह ने बताया कि उसके भाई का साला होटल मालिक के फॉर्म पर काम करता है। इससे उसका परिचय होटल मैनेजर रवि से हुआ था। तब से रवि से मेलजोल हो गया था। जान-पहचान की वजह से ही फोन किया गया था। गुरजीत सिंह के पिता डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि उसके पुत्र को बगैर वर्दी में आए कुछ लोग हिरासत में ले गए थे। पूछने पर एटीएस बताया था। दीपक ने बताया कि उसे भी बगैर वर्दी पहने आए तीन लोग पूछताछ को ले गए थे।
 

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लाल घेरे में संदिग्ध युवक - फोटो : वीडियो ग्रैब
गुरजीत, दीपक के घर रिश्तेदार-परिचितों की लगी भीड़
गुरजीत सिंह और दीपक के शुक्रवार को घर पहुंचने पर उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। दीपक के पिता राजेंद्र और गुरजीत सिंह के पिता डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि सत्य की जीत हुई है। उनके बेटे निर्दोष थे। दोनों ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को यह कहते हुए धन्यवाद किया कि उनके निर्दोष बेटों से पूछताछ के दौरान कोई खराब व्यवहार नहीं किया गया।
 

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होटल में जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में पूरनपुर आया था हरियाणा का कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू
जसपाल सिंह के पिता ने बताया कि कुलबीर सिंह सिद्धू कोराना काल में गांव के एक युवक के घर आकर रुका था। उसका उसके पुत्र से कोई लेना-देना नहीं था। गुरजीत सिंह ने बताया कि कोरोना काल में घर के बाहर चाट-पकौड़ी का ठेला लगाता था। तब अक्सर कुलबीर सिंह उसके दुकान पर आकर चाट खाया करता था। गांव निवासी सतवंत सिंह ने बताया कि कोरोना काल से पहले वह एयरपोर्ट पर काम करता था। सिद्धू लोगों को विदेश भेजने वाले एजेंट का काम करता था। तब उसकी जान-पहचान हुई थी। कोराना काल में जब वह गांव आया तो अक्सर मिल जाता था।
 

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आतंकियों की तस्वीर दिखाकर लोगों से जानकारी करते पुलिस अफसर - फोटो : अमर उजाला
आतंकियों के फोटो देख सहम गया था दीपक
दीपक ने बताया कि जब आतंकी मुठभेड़ में मारे गए। तब उनका फोटो भी जारी हुआ। आतंकियों की फोटो देखकर वह सहम गया था। उसने सनी को फोन कर पूछा कि जिन लोगों को वह बुआ का लड़का बता रहा था, वे तो आतंकवादी निकले। तब सनी ने उसे चुप रहने को कहा था।

 

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एसपी अविनाश पांडेय के साथ पुलिस टीम - फोटो : पुलिस विभाग
पूछताछ में सनी पुलिस को रहा घुमाता
दीपक, जसपाल, गुरजीत को घरों से उठाने के बाद पूरे दिन पुलिस की गाड़ी में बैठाए रखा गया। दीपक के पिता ने बताया कि पुत्र से मिलने कोतवाली गया था। तब दीपक के पुलिस की गाड़ी में होने की जानकारी हुई मगर उससे मिलने नहीं दिया गया। दीपक ने बताया कि उसने पुलिस को सब सही बता दिया, लेकिन सनी ने आतंकवादियों को हाथ देकर उसे रोकने की जानकारी दी।

 
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पूरनपुर कोतवाली में खड़ीं अधिकारियों की गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
एटीएस और एनआईए की टीमें भी रहीं सक्रिय
आतंकियों के पूरनपुर पहुंचने और मुठभेड़ की घटना के बाद से ही एटीएस और एनआईए की टीमें जांच-पड़ताल में जुटी हैं। बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी टीमें क्षेत्र में जांच-पड़ताल करती रहीं।
 
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