हाथों में विश्वविद्यालय से मिला प्रमाणपत्र और चेहरे पर विजयी मुस्कान। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में सोमवार को आयोजित 22वें दीक्षांत समारोह के मौके पर सम्मानित मेधावी कुछ इसी अंदाज में दिखे। राज्यपाल ने इन मेधावियों को 38 मिनट तक संबोधित किया। शोध उपाधि और स्वर्ण पदक पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण 587 कॉलेजों में देखा गया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सर्वप्रथम पीएम उषा योजना के तहत मिले 100 करोड़ रुपये से परिसर में इंटरनेशनल ट्रांजिट हॉस्टल, डिजिटल लर्निंग हब व इन्क्यूबेटिंग पायलट प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया।
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दीक्षांत समारोह में पदक पाने के बाद खुशी जाहिर करते मेधावी
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अटल सभागार में वंदेमातरम, पर्यावरण संदेश व कुलगीत गायन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने विवि की उपलब्धियां गिनाईं। ऑनलाइन डिग्री व मार्कशीट के पोर्टल की शुरुआत राज्यपाल ने ऑनलाइन की। उन्होंने 94 मेधावियों को स्वर्ण पदक और 187 शोधार्थियों को उपाधि प्रदान कर शपथ दिलाई।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्कूली बच्चों को भी किया सम्मानित
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विश्वविद्यालय की वार्षिक पुस्तक प्रस्तुति के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं को किट वितरित की गई। कहानी-भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्यपाल ने प्रशस्तिपत्र दिया। पंडित दीनानाथ मि़श्रा स्कूल को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी व तीन किताबों का विमोचन किया। 36 विद्यार्थियों को स्कूल बैग व आठ स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पुस्तकें दी गईं। अपराह्न 2:36 बजे राज्यपाल ने आधिकारिक रूप से समारोह समापन की घोषणा की।
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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय
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छात्राओं का पंजीकरण हुआ दोगुना
विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आज के परिवेश में यह जरूरी है कि हम आजीविका कौशल के साथ-साथ विचार और व्यवहार में मानवीय मूल्यों की स्थापना करें। प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में लड़कियों की बढ़ती संख्या का यह रुझान स्कूल स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले तीन दशकों में यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाली लड़कियों की संख्या दोगुनी हो गई है। प्रदेश के कॉलेजों, विवि में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक हो गई है। इसके पीछे शिक्षा के प्रति बढ़ी जागरूकता है।
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प्रो. विनोद कुमार कन्नौजिया
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युवाओं को अब देश में ही मिल रहा अच्छा पैकेज
मुख्य अतिथि बीआर अंबेडकर एनआईटी जालंधर (पंजाब) के निदेशक प्रो. विनोद कुमार कन्नौजिया ने कहा कि विवि के पूर्व छात्र झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, प्रसिद्ध क्रिकेटर मोहम्मद शमी, प्रख्यात अभिनेता राजपाल यादव की उपलब्धियां गौरवान्वित करने वाली हैं। एआई, ऑटोमेशन और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकें उद्योगों और समाज को आकार दे रही हैं।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 22वां दीक्षांत समारोह
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विद्यार्थी पेशेवर जीवन के एक ऐसे चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जहां भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्वीकरण के जरिये वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत हो रही है। भारतीय उद्यमी अब राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। रतन टाटा और लक्ष्मी निवास मित्तल जैसे उद्योगपति बहुराष्ट्रीय उद्यमों में वैश्विक नेता के रूप में उभरे। यह परिवर्तन उन विभिन्न अवसरों को दर्शाता है, जिनमें कार्य वातावरण और मुआवजा पैकेज शामिल हैं। यह पहले विदेश में उपलब्ध थे। अब देश में भी ऐसे अवसर हैं। हालांकि इसमें चुनौतियां भी हैं।
44 विषयों में कराई पीएचडी
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि पिछले सत्र में कई रैंकिंग में विवि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। विवि अपने शैक्षणिक कैलेंडर को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। नौ नए पीजी पाठ्यक्रम, नौ डिप्लोमा पाठ्यक्रम व चार सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। दिव्यांग बच्चों के लिए समर्पित संस्था को इंटरमीडिएट साइंस ब्लॉक के लिए अनुमति मिली है। सत्र 2023-24 के लिए 44 विषयों में 187 पीएचडी पूरी हुई हैं।
विश्वविद्यालय में होता है ज्ञान का भंडार
विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि विवि ज्ञान का भंडार होता है। यह देश के मानव संसाधन को ढालता है। विवि को छात्रों को बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। शिक्षा की परिभाषा जो व्यक्ति के सर्वांगीण विकास पर जोर देती है, समकालीन संदर्भ में भी मानक बनी हुई है।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 22वां दीक्षांत समारोह
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शोधार्थियों की बढ़ी संख्या
विश्वविद्यालय के शोध निदेशालय में पंजीकृत 187 शोधार्थियों को समारोह में उपाधि प्रदान की गई। यह अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इसमें विगत वर्षों में लगातार वृद्धि हुई है।
दीक्षांत समारोह में जातीं राज्यपाल व अतिथिगण
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दीक्षांत समारोह में शामिल होने से कई छात्राएं वंचित रह गईं। दरअसल, छात्र-छात्राओं और समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों को सुबह 10 बजे का समय दिया गया था। राज्यपाल सुबह 11 बजे सभागार में पहुंची थीं। इसके बाद पुलिस ने परिसर सील कर दिया। इस दौरान कई छात्राएं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मिन्नतें करती रहीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।