कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके साथ इस तरह का बर्ताव होगा। यह कहना है घटना के उन चश्मदीदों का जो मंत्री पुत्र के वाहन की चपेट में आने से घायल होकर जिला अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। घायल और उनके साथ आए तीमारदारों का दावा है कि वाहन में मंत्री पुत्र मौजूद थे। किसानों को रौंदता हुआ वाहन आगे जाकर रुका और मंत्री पुत्र फायरिंग करते हुए भाग गए। रविवार को तिकुनियां में हुए हिंसक बवाल में कुल आठ लोगों की जान चली गई। इसमें चार किसानों से लेकर एक पत्रकार, दो भाजपा पदाधिकारी और मंत्री पुत्र की कार का ड्राइवर शामिल है, जबकि आठ से दस लोगों के घायल होने की सूचना है। गंभीर घायल तजविंदर सिंह विर्क को उसी दिन रेफर कर दिया गया था, जबकि मंगलवार को बलजिंदर सिंह, सुरजीत सिंह निवासी बैरिया, सुखप्रीत सिंह पुत्र जीतेंद्र सिंह निवासी धरारा बुजुर्ग अलीगंज एवं शमशेर सिंह पुत्र जगजीत सिंह निवासी बेरिया मंगलवार को जिला अस्पताल पहुंचे।
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किसानों को रौंदते हुए
- फोटो : सोशल मीडिया
इसमें शमशेर सिंह के सिर और शरीर में चोटें आने के साथ पैर भी टूटा है। घायलों को लेकर उनके साथ आए तीमारदारों का कहना है कि रविवार को जो वारदात उनके साथ हुई उसके बारे में उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। चश्मदीदों की मानें तो मंत्री के पुत्र ने फायरिंग भी की थी। इससे एक किसान की मौत हुई है
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भगदड़ में पकड़ लिया था मंत्री का बेटा
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घायल सुखप्रीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे अलीगंज के धौरहरा बुजुर्ग निवासी सुखप्रीत सिंह बताते हैं मौत का मंजर याद आते ही शरीर में कंपकंपी होने लगती है। जो कुछ हुआ इसके बारे में कभी सपने में भी नहीं सोचा था। सुखप्रीत सिंह ने बताया कि आगे गाड़ी रुकने पर एक व्यक्ति ने मंत्री पुत्र को पकड़ लिया था लेकिन वह छूटकर भाग गया।
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घायल बलजिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को सैकड़ों लोग धरने पर बैठे थे। तभी जानकारी मिली की डिप्टी सीएम का रूट बदल दिया गया। इस पर हम सभी लोग रोड पर बैठकर धरना समाप्त होने के एलान का इंतजार करने लगे। तभी पीछे से आई तेज रफ्तार गाड़ियों ने लोगों को कुचल दिया। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। घायल होने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल आए हैं। -बलजिंदर सिंह, बेरिया, निघासन
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चश्मदीद गुरसेवक सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खेत से सैकड़ों किसान धरने में शामिल होने के लिए गए थे धरना चल रहा था फिर जानकारी मिली कि डिप्टी सीएम का रास्ता बदल दिया गया है इस पर हम लोग वापस आने की तैयारी में वहीं धरना समाप्त होने का इंतजार करने लगे। इसी बीच पीछे से तेज रफ्तार गाड़ियां किसानों को रौंदती हुई निकल गईं। चीख पुकार सुनकर हम सब कुछ समझ पाते कि मालूम हुआ कि चार किसान शहीद हो गए। - गुरसेवक सिंह, जगन्नाथपुर, फरधान
मेरे पैर में फ्रैक्चर मंत्री के पुत्र की गाड़ी की चपेट में आने से हुआ है। वह बताते हैं कि पीछे से तेज रफ्तार से आई महिंद्रा थार जीप में मौजूद लोग प्रदर्शनकारियों को रौंदते हुए निकल गए। वाहन की चपेट में आने से उनका पैर टूट गया। साथियों ने सीएचसी में भर्ती कराया। जिला अस्पताल आने के लिए दूसरा कोई वाहन नहीं मिला। इसलिए आज आए हैं। - शमशेर सिंह, बैरिया, निघासन