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बरेली जेल में आरोपी की मौत: भाई बोला- पुलिस ने पीटा... SOG ने लिए 10 लाख रुपये, फिर भी नहीं छोड़ा

Fri, 04 Jul 2025 10:32 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

स्मैक तस्करी के आरोप में जेल भेजे गए आदेश तिवारी की मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस और एसओजी टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई का कहना है कि एसओजी ने उनसे 10 लाख रुपये लिए थे। फिर भी भाई को नहीं छोड़ा। पुलिस ने उसे पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। 
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तस्करी के आरोपी की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बरेली के इज्जतनगर थाना पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में बुधवार को जेल भेजे गए स्मैक तस्करी के आरोपी आदेश तिवारी की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। जेल में मुलाकात करने पहुंचे भाई और भाभी के सामने ही आदेश की हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आदेश के भाई ने एसओजी पर हल्की धारा लगाने के बदले दस लाख रुपये वसूलने व इज्जतनगर पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया है।  

फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के मनकरी गांव निवासी आदेश तिवारी (28) को बुधवार दोपहर बाद जिला जेल (केंद्रीय जेल-2) भेजा गया था। आदेश और उसके पांच अन्य साथियों को गिरफ्तार कर इज्जतनगर पुलिस व एसओजी ने गुडवर्क दिखाया था। एसपी सिटी मानुष पारीक की प्रेसवार्ता में सभी आरोपी मीडिया के सामने पेश किए गए थे। उस वक्त सबके चेहरों पर मास्क लगे थे। 

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मृतक के भाई - फोटो : अमर उजाला
आदेश के बड़े भाई अंशुल तिवारी बृहस्पतिवार सुबह पत्नी के साथ जेल पहुंचे थे। उन्होंने भाई से मुलाकात की पर्ची लगाई। फिर आदेश से मुलाकात हुई। जेल प्रशासन के मुताबिक, भाई-भाभी से बातचीत के दौरान आदेश की हालत बिगड़ गई। वह सीने पर हाथ रखकर गिर पड़ा।
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मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
आदेश के भाई अंशुल तिवारी ने एसओजी टीम पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि एसओजी ने आदेश को 29 जून को उनके घर से उठाया था और दो जुलाई को जेल भेज दिया। एसओजी ने उनसे दस लाख रुपये की मांग की। हमने प्लॉट बेचकर रुपये दिए। तय हुआ था कि एसओजी उसे छोड़ देगी। एसओजी ने कुछ और लोगों को भी इसी तरह रुपये लेकर छोड़ा था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा ने बताया कि मामले की न्यायिक जांच का अनुरोध किया है।

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इज्जतनगर थाना - फोटो : पुलिस विभाग
अंशुल ने बताया कि बाद में एसओजी के सदस्य आनाकानी करने लगे। फिर कहा कि पिटाई नहीं लगेगी और हल्की धारा में कम स्मैक दिखाकर जेल भेजा जाएगा। ये वादा भी टूट गया। इज्जतनगर पुलिस ने भारी मात्रा में स्मैक साथ में दिखाई और पिटाई भी की। इससे आदेश की हालत बिगड़ गई। उसे जेल भेजा गया तो जेल प्रशासन ने भी इलाज पर ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से भाई की मौत हो गई।  
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आदेश तिवारी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस रिकॉर्ड में दो प्रदेशों में तस्करी करता था आदेश
बरेली पुलिस ने आदेश की मौत के बाद उत्तराखंड पुलिस से संपर्क साधकर उसका आपराधिक रिकॉर्ड निकाला। इससे पता लगा कि देहरादून में भी आदेश के खिलाफ वर्ष 2018 और 2019 में स्मैक तस्करी की रिपोर्ट दर्ज है। वह अक्सर बाहर रहता था और कम समय में उसने काफी धन कमा लिया था। हाल ही में घर लौटकर वह बरेली में भी तस्करी करने लगा था।  
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आदेश का फाइल फोटो, उसके परिजन - फोटो : अमर उजाला
अकरम की दोस्ती में स्मैक के धंधे में उतरा आदेश 
आदेश तिवारी के परिवार का स्मैक के धंधे से कोई पुराना जुड़ाव नहीं है। सूत्र बताते हैं कि बुधवार को साथ में जेल भेजे गए अकरम की दोस्ती में आदेश इस धंधे से जुड़ा था। अकरम की उनासी चौराहे पर कार मैकेनिक की दुकान थी, वहीं आदेश कस्बे की दुकान पर मोबाइल रिपेयर करता था। अकरम कस्बे के नामी तस्कर नन्हे लंगड़ा का शागिर्द था। दरअसल आदेश के नाम व सरनेम की वजह से कोई उस पर शक नहीं करता था। चार साल पहले वह पहली बार देहरादून में स्मैक के साथ पकड़ा गया था। 
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सीओ आशुतोष शिवम - फोटो : पुलिस विभाग
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि स्मैक तस्करी कर समाज में नशे की सामग्री बेचने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनमें आदेश तिवारी भी शामिल था। न्यायिक हिरासत में भेजने से पहले जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण हुआ, इसमें कोई चोट का निशान नहीं है। 
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बेटे की मौत की खबर सुनकर बेहाश हुई मां - फोटो : अमर उजाला
जेल में परिजनों से मुलाकात के दौरान तबीयत खराब होने पर मौत हुई है। डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा जिसकी वीडियोग्राफी भी होगी। संज्ञान में आया है कि आदेश हार्ट पेशेंट था एवं उसे स्टंट पड़े हुए थे। अगर परिवार कोई लिखित शिकायत करेगा तो उसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। 


 
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