बरेली में लगातार हो रही बारिश अब आफत बन गई है। शुक्रवार को शुरू हुई बारिश शनिवार दोपहर तक भी नहीं थमी। रातभर पानी बरसा। मूसलाधार बारिश से शहर से लेकर देहात तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। इससे जनजीवन बेहाल हो गया है।
बरेली में शुक्रवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटे में 126.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इससे शहर से लेकर देहात तक पानी ही पानी भर गया है। रेल ट्रैक पर भी पानी में डूब गया है। रेलवे कर्मचारी पंपसेट लगाकर पानी निकालने में जुटे हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को रेड अलर्ट और रविवार को भी बारिश जारी रहने की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण रोडवेज की 75 फीसदी बसें वर्कशाप से ही नहीं निकल सकी। मरम्मत का काम भी ठप है। मुरादाबाद-बरेली और रोजा-हरदोई के बीच दो स्थानों पर सिंग्नल फेल हो गए। 20 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। शहर में ई -बसों का संचालन भी डगमगा गया है। चार बसें रास्ते में खड़ी कर दी गई। कई बसों का संचालन रोकना पड़ा है।
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सेटेलाइट बस अड्डे पर जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
बारिश शुक्रवार को शुरू हुई और शनिवार दोपहर तक भी नहीं थमी। रातभर पानी बरसने से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी भर गया है। थानों समेत सरकारी कार्यालयों में भी पानी घुस गया है। सड़कों पर सैलाब जैसा हाल दिखाई दिया। सेटेलाइट बस अड्डा भी जलमग्न हो गया।
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खेत में गिरी धान की फसल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धान की फसल को नुकसान
बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। तेज हवा के कारण धान की फसलें खेतों में गिर गई हैं। खेत पानी से लबालब हैं, जिससे फसलों को काफी नुकसान होने की संभावना है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। खराब मौसम के कारण शनिवार को स्कूल और कॉलेज बंद हैं।
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मलूकपुर में सड़क पर बह रहा पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। शनिवार को सेटेलाइट रोडवेज परिसर और आसपास की सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई। इससे बसों से सफर करने वाले यात्रियों के साथ राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सुभाषनगर पुलिया के नीचे बहता पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहर के मलूकपुर इलाके में भी जलभराव होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। सुभाषनगर पुलिया के नीचे पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा। यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
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रामनगर पुलिस चौकी के सामने सड़क पर भरा पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बुरा हाल
रामनगर में भी लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। पुलिस चौकी, विकासखंड कार्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले रास्ते पर कई फीट पानी भर गया है। इससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। पुलिस चौकी परिसर में भी पानी भरने से वहां खड़े वाहन पानी में डूबे नजर आए।
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दुनका न्यू पीएचसी में जलभराव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले रास्ते पर करीब पांच फीट तक पानी भरने से मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत हो रही है। फतेहगंज पूर्वी में शुक्रवार रात नौ बजे से नगर से लेकर देहात के सैकड़ों गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद है। बारिश के कारण हाईटेंशन लाइन के उपकरण खराब हो गए हैं।
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सड़क पर जलभराव
- फोटो : संवाद
बिजली आपूर्ति ठप, उपकेंद्रों में भरा पानी
भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश के दौरान महानगर और सुभाषनगर उपकेंद्रों में पानी भरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। दोनों उपकेंद्रों से जुड़े आधा दर्जन से अधिक इलाकों में शनिवार सुबह तड़के से ही बिजली गुल रही।
घंटों आपूर्ति बाधित रहने से हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होते ही उपकेंद्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। इससे सुरक्षा के लिहाज से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। उपभोक्ताओं का कहना है कि जलभराव वाले उपकेंद्रों पर स्थायी इंतजाम नहीं होने से हर भारी बारिश में बिजली कटौती का खतरा बना रहता है।