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मासूम तुन को मिले मां-बाप: मेरठ में लावारिस मिली, मथुरा-बदायूं में पली, अब नया ठिकाना इटली

Sun, 24 Nov 2024 09:27 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

Budaun News: मासूम तनु एक साल पहले मेरठ में भटकती मिली थी। उसके परिजनों की तलाश की गई, लेकिन उनका पता नहीं चला। इटली के दंपती ने कानूनी प्रक्रिया अपनाकर तनु को गोद लिया है। शनिवार को दंपती बदायूं पहुंचे और तनु को लेकर चले गए। 
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इटली के दंपती ने तनु को लिया गोद - फोटो : अमर उजाला
बालगृह मथुरा में रह रही आठ साल की तनु को मां-बाप मिल गए। इनका नाम है गेरार्डो केनोनिको व सिलविया बोसोलो। इससे भी ज्यादा चौंकना वाली बात यह है कि इस बच्ची का ठिकाना अब हिंदुस्तान नहीं बल्कि यूरोप का इटली देश होगा। इटली से आए दंपती ने शनिवार को तनु को गोद ले लिया। वह तनु बदायूं से लेकर चले गए। तनु अब हमेशा-हमेशा के लिए इटली की हो जाएगी। 

जनवरी 2023 में मेरठ में तनु को कोई लावारिस छोड़ गया था। पुलिस ने इसे बरामद किया। काफी प्रयास के बाद भी जब बच्ची के मां-बाप का पता नहीं चला तो इसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। इसके बाद तनु बदायूं में विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण नेकपुर में भेजा गया। कुछ समय रखने के बाद इसे मथुरा के राजकीय बाल गृह में भेज दिया गया। तब से वह यहीं रह रही थी। इस उम्मीद में कि एक न एक दिन उसके मां-बाप आएंगे। तनु को जन्म देने वाले मां-बाप तो नहीं मिल सके लेकिन उसका पालन-पोषण करने वाले मां-बाप जरूर मिल गए हैं। 
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लिखापढ़ी पूरी करती गेरार्डो केनोनिको - फोटो : अमर उजाला
इटालियन दंपती के नहीं है कोई संतान 
इटली में रहने वाले गेरार्डो केनोनिका व सिलविया बोसोलो के कोई संतान नहीं है। ऐसे में उन्होंने बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन किया। सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) में सारी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें पता चला कि चीन व भारत में बच्चा है। उन्होंने भारतीय बच्चे को प्राथमिकता दी। वीजा बनवाकर दंपती भारत आए। यहां कागजी प्रक्रिया पूरा करने के बाद शनिवार सुबह करीब दस बजे बदायूं के नेकपुर मोहल्ले में विशेषज्ञ दत्तक अभिकरण में आकर संचालक अनूप सक्सेना से मिले। 

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विदेशी दंपती ने ट्रांसलेटर के जरिए किया संवाद - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के ट्रांसलेटर सुबीर के जरिए दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। अनूप ने उन्हें बच्ची के बारे में पूरी जानकारी दी। इस दौरान बच्ची को मथुरा से बदायूं बुलवा लिया गया। तनु को देखते ही गेरार्डो केनोनिको व सिलविया बोसोलो की आंखों में प्यार उमड़ आया। यहां अनूप ने विदेशी दंपती को बच्चों को रखने व पालन पोषण करने की पूरी व्यवस्था दिखाई। बाद इसके टीका करके व फूलमाला पहना कर तनु को विदा किया गया।

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गेरार्डो केनोनिको के साथ तनु - फोटो : अमर उजाला
गेरार्डो बोले- तनु को याद आएगी तो लेकर आएंगे भारत
गेरार्डो केनोनिको इटली के एग्रेट ब्रलांजा प्रांत में जेलर हैं। जबकि उनकी पत्नी सिलविया बोसोलो गृहिणी हैं। दोनों ने बताया कि तनु उन्हें काफी पसंद है। अगर तनु को कभी भारत की याद आएगी तो उसे यहां लेकर आएंगे। तनु को क्या बनाएंगे ...इस बारे में गेरार्डो ने बताया कि उनके देश में मां-बाप नहीं सरकार तय करती है कि बच्चे को क्या जॉब दिया जाए। बोले- इसे पढ़ाएंगे लिखाएंगे। अभी इटली की भाषा सीखने व वहां की संस्कृति को समझने में तनु को थोड़ा समय लगेगा। तनु को गोद लेने में दंपती को 30 हजार यूरो यानी 27 लाख रुपये खर्च करने पड़े।
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दंपती ने चीन से गोद लिया था बेटा - फोटो : अमर उजाला
10 साल पहले चीन से लिया था बेटे को गोद
निसंतान इटेलियन दंपती ने दस साल पहले चीन से तीन साल के बच्चे को गोद लिया था। जो अब 13 साल का हो चुका है। वह भी दंपती के साथ आया था। इटालियन दंपती ने बताया कि उन्होंने सिर्फ बच्चे के लिए आवेदन किया था। यहां आकर पता चला कि जिसे गोद लेने जा रहे हैं वह लड़की है। दोनों बोले कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। दंपती ने बताया कि इटली में बच्चों को गोद लेना काफी मुश्किल है। इसलिए कारा के जरिए बच्चा गोद लिया।
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तनु को लेकर जाते विदेशी दंपती - फोटो : अमर उजाला
बदायूं से चौथा बच्चा गया इटली
दत्तक अभिकरण के संचालक अनूप सक्सेना ने बताया कि बदायूं से यह चौथा बच्चा इटली गया है। अब तक यहां से छह बच्चे सरकारी एजेंसी कारा के जरिए विदेश जा चुके हैं। इसमें चार बच्चे इटली गए हैं। इनमें एक लड़का व तीन लड़कियां हैं। एक साल पहले तीन साल की बच्ची का इटली दंपती ले गए थे।

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