बदायूं में दो बच्चों की हत्या के मामले में आरोपी जावेद को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि हत्या के आरोपी और मुठभेड़ में मारे गए साजिद के भाई जावेद ने बृहस्पतिवार को बरेली में नाटकीय ढंग से समर्पण किया था।
उसे दोपहर के समय बदायूं लाया गया। पुलिस की हिरासत में आने के बाद उससे पूछताछ की गई। जावेद ने खुद को निर्दोष बताया, जबकि साजिद को हत्यारा बताता रहा। जावेद ने बताया कि साजिद मानसिक रूप से बीमार रहता था। वह बच्चों से बेहद नफरत करता था। कई बार वह बच्चों को देखकर आक्रोशित हो जाता था।
विज्ञापन
जावेद से पूछताछ के बाद पुलिस ने जो खुलासा किया है और हत्याकांड की वजह बताई है, उससे परिजन संतुष्ट नहीं हैं। बच्चों के पिता विनोद कुमार, दादी मुन्नी देवी और मां संगीता का कहना है कि साजिद के मानसिक रूप से बीमार होने और बच्चों से नफरत करने की बात झूठी है।
विज्ञापन
अगर वह मानसिक रूप से बीमार होता तो रोजाना तमाम बच्चों और लोगों के बाल कैसे काटता। वह बाल काटने के दौरान ही किसी की गर्दन उड़ा सकता था। इसके अलावा कई सवाल हैं, जो परिजनों के गले नहीं उतर रहे।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि अब तक जावेद ने जो बताया है हम उसको क्रॉस चेक कर रहे हैं। निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए पुलिस हर पहलू को खंगालेगी। सिर्फ बयानों से ही जांच पूरी नहीं होगी।
विज्ञापन
इन सवालों के नहीं मिले जवाब
- मानसिक बीमार था साजिद तो पहले कभी किसी पर क्यों नहीं किया हमला।
- आखिर मानसिक बीमार युवक से बाल कैसे कटवाते रहे लोग।
- मानसिक बीमार था साजिद, यह बात अब तक परिजनों ने क्यों नहीं बताई।
- पत्नी सना ने अपने बयान में क्यों नहीं बताई साजिद के मानसिक बीमार होने की बात।
- जब पत्नी नहीं थी गर्भवती थी तो किसलिए विनोद के घर रुपये लेने पहुंचा था साजिद।
- कॉल डिटेल का नहीं हुआ खुलासा, किस-किस से बात करते थे साजिद और जावेद।
- साजिद ने बच्चों को ही क्यों बनाया निशाना। शाम चार बजे दुकान बंद करके क्यों चला गया था साजिद।
- घटना वाले दिन साजिद और जावेद ने किस-किस से की थी मोबाइल फोन पर बात।
- चाकू खरीदना हत्याकांड की साजिश का हिस्सा था तो कब बनाया गया था हत्या का प्लान। (एसएसपी का कहना है कि पुलिस अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सिर्फ वही बताया गया है तो जो जावेद से पूछताछ में सामने आया है)
विज्ञापन
यह हुई थी घटना
बदायूं में 19 मार्च की शाम को मंडी समिति पुलिस चौकी से 500 मीटर दूर स्थित बाबा कॉलोनी में ठेकेदार विनोद ठाकुर के दो बेटों आयुष (13) और अहान (6) की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। ठेकेदार के मकान के सामने हेयर सैलून चलाने वाले साजिद ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
वारदात के तीन घंटे के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी साजिद को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। हत्याकांड में नामजद जावेद फरार था। उसने बृहस्पतिवार को बरेली में सरेंडर किया। इस सनसनीखेज घटना से शहर में तनाव फैल गया था।
घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने चार खोखों में आग लगा दी थी। स्थिति को देखते हुए कई थानों की फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स लगाई गई। इस हत्याकांड के तीन दिन बाद भी वारदात की सही वजह का पता नहीं चल सका है।
मृतक बच्चों के परिजनों के साथ-साथ मोहल्ले के लोगों में जहन में एक ही सवाल कौंध रहा कि आखिर साजिद ने मासूम बच्चों की हत्या क्यों की? बच्चों के पिता विनोद ठाकुर वारदात के पीछे किसी की साजिश होने की आशंका जता रहे हैं।