बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम को कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। गैंगवार का मुख्य आरोपी सुरेश पाल सिंह तोमर उर्फ सुरेश प्रधान है। वह फरार है। बताया गया है कि सुरेश प्रधान स्टीमर से करीब 25 हथियारबंद लोगों को लेकर आया था। हमलावरों ने आते ही दूसरे गुट के सरदार परमवीर सिंह के झाले के पास फसल कटान रोकने के लिए हमला कर दिया। ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दी। मजबूरी में परमवीर सरदार पक्ष को भी फायरिंग करनी पड़ी। कई घंटे तक फायरिंग होती रही, जिससे कटरी का गोविंदपुर गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल गया। फरीदपुर से यह घटनास्थल रामगंगा के पार है। वहां पहुंचने में फरीदपुर पुलिस को घंटों लग गए, जबकि भमोरा पुलिस अपने क्षेत्र से सटे इलाके में पहले पहुंच गई। बदायूं जिले की दातागंज की पुलिस भी यहां आ गई। देर रात पहुंचे पुलिस अधिकारियों को सरदार परमवीर के मैनेजर व नौकरों ने घटनाक्रम की जानकारी दी।
घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी फार्म हाउस के मालिक सरदार धर्मवीर सिंह ने पुलिस को घटना से अवगत कराया। सरदार परमवीर के मैनेजर व नौकर बिकेल ने भी पुलिस को जानकारी दी। बताया कि खेतों में पानी भी चल रहा था और नौकर पाइप इकट्ठे कर रहा था।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी और फोर्स
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उसी समय पहले पास के खेत से दो लोग आकर बहस करने लगे। फिर करीब 15 लोग और खेतों से निकल आए और फायरिंग शुरू कर दी। उन लोगों ने गन्ने में भागकर अपनी जान बचाई और कॉल करके दूसरों को इसकी जानकारी देकर वहां बुलाया।
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जिला अस्पताल में रखे शव
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तीन साल पहले चंडीगढ़ से सरदार परमवीर सिंह ने गोविंदपुर व आसपास इलाके में जमीन खरीदकर झाला बनाया। यहां करीब एक हजार बीघा जमीन पर खेती हो रही है। इसमें करीब पांच सौ बीघा जमीन परमवीर पक्ष अपनी बताता है। दो सौ बीघा जमीन सरकारी बताई जा रही है और तीन सौ बीघा जमीन को सुरेश पक्ष अपनी बताता है।
परमवीर के कटरी में पैर पसारने को सुरेश की सत्ता के लिए चुनौती माना जा रहा था। इलाके में अपना असर कम न हो, इसलिए सुरेश फिर सक्रिय हो गया था। उसने आधा दर्जन से ज्यादा केस भी परमवीर पक्ष पर दर्ज करा दिए थे। जमीन को लेकर शुरू हुई यह रंजिश बुधवार को गैंगवार में तब्दील हो गई।