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बरेली बवाल में नया खुलासा: IMC मीडिया प्रभारी मुनीर अरेस्ट, मौलाना को खुश करने के लिए पोस्ट डाल भड़काया माहौल

Fri, 03 Oct 2025 07:42 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली

सार

मुनीर इदरीशी ने पुलिस को बताया कि मौलाना उसे हर महीने मामूली वेतन देता था। इससे उसका काम नहीं चलता था। इसके अलावा वह मौलाना से जुड़े लोगों से आर्थिक मदद लेकर अपने परिवार का खर्चा चलाता था। उसके बदले में वह विभिन्न मीडिया माध्यमों पर मौलाना के फोटो, वीडियो व पार्टी संगठन से जुड़ी जानकारियां डालता था। 
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आईएमसी के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी व फैजान सकलैनी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
मौलाना तौकीर रजा की पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी व फैजान सकलैनी समेत दो आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। कोतवाली से ही दोनों आरोपियों को दाखिल किया गया। मुनीर की गिरफ्तारी उसके घर से दिखाई गई।
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बरेली बवाल - फोटो : अमर उजाला
बवाल कराने के लिए डाली थी भड़काऊ पोस्ट
बिहारीपुर क्षेत्र निवासी मुनीर इदरीसी काफी समय से इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल का मीडिया प्रभारी है। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि शुक्रवार को मुनीर अपने घर से कहीं भागने की तैयारी में था, तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पुलिस ने कोतवाली में पूछताछ की। उसने स्वीकार किया कि बवाल कराने को उसने भड़काऊ पोस्ट डाली थी। हालांकि उसने बताया कि मौलाना तौकीर की मंडली में शामिल सभी लोग खुद को ज्यादा होशियार दिखाकर मौलाना को खुश करने का प्रयास करते थे। उसने भी ऐसा ही किया।
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बरेली में बवाल के बाद पड़ीं प्रदर्शनकारियों की चप्पलें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीखे बयान सोशल मीडिया पर डाले
मुनीर ने बताया कि जब नफीस व नदीम ने भीड़ के न आने की आईएमसी की कथित चिट्ठी वायरल की तो दूसरे साथियों के संग उसने भी मौलाना को भड़काने का काम किया। उसने शुक्रवार को सुबह से ही कुछ और वीडियो व मौलाना के तीखे बयान सोशल मीडिया पर समूह में वायरल किए। ऐसा करके उसने फरहत व मौलाना की करीबी की काट करने की कोशिश की।

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बरेली में बवाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हम छोटी पगार वाले, बड़ों से पूछिए
मुनीर इदरीशी ने पुलिस को बताया कि मौलाना उसे हर महीने मामूली वेतन देता था। इससे उसका काम नहीं चलता था। इसके अलावा वह मौलाना से जुड़े लोगों से आर्थिक मदद लेकर अपने परिवार का खर्चा चलाता था। उसके बदले में वह विभिन्न मीडिया माध्यमों पर मौलाना के फोटो, वीडियो व पार्टी संगठन से जुड़ी जानकारियां डालता था। मुनीर ने बताया कि वह छोटी पगार व हैसियत वाला कर्मचारी है। मौलाना व उससे जुड़े लोग बड़े आदमी हैं। आप लोग उनसे पूछताछ करेंगे तो ज्यादा जानकारियां मिलेंगी।
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बरेली में तैनात फोर्स - फोटो : PTI
शांतिपूर्वक अदा की गई जुमे की नमाज
शहर भर की सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक अदा की गई। शहर की अधिकांश बड़ी मस्जिदों में भीड़ कम रही। मगर, मोहल्लों की मस्जिदें नमाजियों से भरी रहीं। वहीं, तमाम इलाकों में मुस्लिमों ने दुकानें भी बंद रखीं। इस बीच चप्पे-चप्पे में फोर्स तैनात रही।
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नहीं खोला गया मस्जिद का पूरा गेट - फोटो : PTI
नहीं खोला गया मस्जिद का पूरा गेट
नौमहला में जहां पर ज्ञापन और प्रदर्शन के लिए आईएमसी ने जगह तय की थी, वहां भारी पुलिस बल मौजूद रहा। नावल्टी चौराहा से लेकर नौमहला मस्जिद और इस्लामिया मार्केट तक सिर्फ पुलिस ही दिखाई दी। नौमहला मस्जिद में लगभग दो बजे से दो-दो, चार-चार नमाजी आना शुरू हो गए थे। इस बार मस्जिद का पूरा गेट नहीं खोला गया। गेट की खिड़की के रास्ते नमाजी मस्जिद में दाखिल होते रहे और नमाज के बाद भी उसी खिड़की से एक-एक करके बाहर आते रहे। इस तरह बिना भीड़ के लोग अपने घरों और कारोबार पर वापस होते रहे। अलबत्ता नौमहला का मार्केट और इस्लामिया मार्केट की अधिकांश दुकानें भी बंद रहीं।
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कम आई मस्जिदों में भीड़ - फोटो : अमर उजाला
तैनात रही भारी संख्या में फोर्स
इसी तरह करोलान का वह इलाका जहां लाठीचार्ज हुआ था, वहां की मस्जिद में लोग बारी-बारी से आते रहे और नमाज के बाद वापस होते रहे। इस जगह की भी मस्जिद के आसपास के मार्केट की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। खलील स्कूल के तिराहे और बैरियर से मस्जिद तक फोर्स तैनात रही। पिछले शुक्रवार को हुए बवाल में कुमार टॉकीज के पास भी लाठीचार्ज हुआ था, यहां भी भारी फोर्स तैनात रही। इसके अलावा बिहारीपुर मस्जिद, बीबीजी मस्जिद सहित मलूकपुर, जसोली, जखीरा, सराय खाम जामा मस्जिद, अरबिया काशीफुल उलूम मस्जिद, सुनहरी मस्जिद, बांस मंडी, कुतुबखाना की मस्जिदों में अमन के साथ नमाज अदा की गई। इसके बाद नमाजी वापस हो गए।
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नमाज के बाद लौटते लोग - फोटो : अमर उजाला
मजहबी तकरीर के साथ मस्जिदों से अमन की अपील
जुमे की नमाज में किसी भी मस्जिद से इमामों की ओर से कोई भी विवादित या जज्बाती बयान नहीं किया गया। बल्कि शनिवार को मनाई जाने वाली ग्यारहवीं शरीफ के संबंध में गौस पाक हजरत अब्दुल कादिर जिलानी के संबंध में तकरीर की। उनकी करामात और किरदार पर रोशनी डालते हुए अमल करने की ताकीद की। साथ ही, इस्लाम पर चलने की ताकीद करते हुए रसूले पाक के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत की। खासतौर से शहर में अमन बरकरार रखने के लिए मुस्लिमों से अपील करते हुए तमाम नसीहतें भी दीं।
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