बरेली शहर में हुए बवाल के आरोपियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए पुलिस 10 मुकदमों की चार्जशीट को दमदार बनाने में जुटी है। इसमें तकनीकी साक्ष्यों को शामिल करने के लिए एसएसपी ने नौ सदस्यीय टीम गठित की है। साथ ही, धुंधली फुटेज से चेहरों की पहचान के लिए बरेली पुलिस ने विशेष सॉफ्टवेयर खरीदा है।
बरेली में शहर में शुक्रवार को माहौल भड़काने वाले आईएमसी नेता और मौलाना के करीबी अंडरग्राउंड हो गए हैं। संबंधित थानों की पुलिस इनकी तलाश में दबिश दे रही है तो एलआईयू इनकी भूमिका की जांच कर रही है। इनके निगरानी कार्ड भी जारी करने की तैयारी है।
भड़काऊ बयानों और सोशल मीडिया पर मेसेज व पोस्ट भेजकर आईएमसी प्रमुख की नजरों में कद बढ़ाने वाले कई पार्टी पदाधिकारी व नेता मुकदमों में नामजद होने के बाद जेल जा चुके हैं। कई नामजदों की गिरफ्तारी शेष है तो तीन हजार से ज्यादा अज्ञात लोगों की भीड़ को चिह्नित कर मुकदमे में नाम खोलना भी चुनौती है।
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मौलाना तौकीर रजा खां
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस नामजदगी बढ़ाने के बाद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। वहीं खुराफात करने वाले घरों से भाग गए हैं। कुछ के घरों में ताले लगे हैं तो कुछ के घरों में महिलाएं व बच्चे ही हैं।
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एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि वीडियो देखकर यह तय किया जा रहा है कि जुलूस में ज्यादा आक्रमकता किसने दिखाई दी। ऐसे लोगों को चिह्नित करने में एलआईयू भी लगी है। एलआईयू इन्हें निगरानी कार्ड जारी करेगी। इसके बाद वह जीवन भर खुफिया अमले की नजर में रहेंगे और समय समय पर उनकी मॉनीटरिंग व परेड कराई जाया करेगी।
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मौलाना तौकीर के करीबी डॉ. नफीस की मार्केट सील
- फोटो : अमर उजाला
मौलाना व नफीस की खुल चुकी है फाइल
एलआईयू ऐसे गंभीर मामलों में पहले आरोपियों का निगरानी कार्ड जारी करती है। किसी व्यक्ति की खुराफात फिर भी बंद न होने पर उसकी अलग से विशेष पत्रावली (फाइल) खोली जाती है। फिलहाल मौलाना तौकीर व उसके करीबी डॉ. नफीस की फाइल काफी समय से खुली हुई है।
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इसी मकान से हुई थी मौलाना तौकीर की गिरफ्तारी
- फोटो : अमर उजाला
आईएमसी के 77 सक्रिय सदस्य और नेता रडार पर
पुलिस के मुताबिक आईएमसी के 77 सक्रिय सदस्यों व पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इनमें से कई उस दिन बवाल में शामिल थे और विभिन्न स्थानों पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी व हमले किए थे। अब पुलिस उस दिन इनकी सर्विलांस डिटेल निकालने के साथ ही सीसी फुटेज से सक्रियता का पता लगाने में जुटी है। स्थिति स्पष्ट होने के बाद मुकदमों में इनका नाम बढ़ाया जाएगा, साथ ही गिरफ्तारी भी की जाएगी।
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मौलाना तौकीर के करीबी डॉ. नफीस की मार्केट सील
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इज्जतनगर थाना क्षेत्र परतापुर निवासी आईएमसी का पूर्व पदाधिकारी हार्टमन स्कूल के पास रहने वाले अपने गुर्गों को लेकर प्रदर्शन में आया था, इनके कई वीडियो वायरल हुए। अब ये लोग दिल्ली भाग गए हैं। फतेहगंज पश्चिमी के कुरतरा गांव निवासी कुछ स्मैक तस्कर व अपराधी छवि के लोग भी मौलाना के बुलावे पर बरेली आए और विरोध किया। सूत्रों के मुताबिक गांव लौटकर ये लोग अब डींगें मार रहे हैं। इनके साथ ही फरीदपुर कस्बे का एक चर्चित डॉक्टर भी घटना के बाद से ही घर छोड़कर भागा हुआ है।
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बरेली बवाल: एक मामले में मौलाना तौकीर रजा भी आरोपी बनाए गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
वसूली की शिकायत पर भड़के कप्तान, हवालातें खाली
बवाल से जुड़े मामलों में बारादरी, कोतवाली, सीबीगंज, किला व कैंट आदि थानों की पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया है। लगभग रोज ही ताबड़तोड़ गिरफ्तारी व चालान की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान एसएसपी अनुराग आर्य को शिकायत मिली कि कई लोगों को हवालात में ज्यादा दिन तक बैठाकर वसूली का दबाव बनाया जा रहा है।
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मौलाना तौकीर के बुलावे पर जुटी थी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
आरोप था कि कई लोग रुपये देकर छूटे हैं, लेकिन बदनामी व कार्रवाई के डर से खामोश हैं। बुधवार रात एसएसपी ने ऑनलाइन मीटिंग के दौरान इस मुद्दे पर पुलिस की क्लास लगा दी। उन्होंने बताया कि अगर कहीं वसूली की आरोप जांच में सही मिला तो वह संबंधित थानेदार व स्टाफ को निलंबित कर देंगे, साथ ही रिपोर्ट दर्ज करा देंगे। पुलिस को निर्देश दिए हैं कि बवाल के मामले में सही जानकारी जुटाकर आरोपी पकड़ें, पूछताछ में आरोप साबित होने पर उसका उसी दिन चालान कर दें, फिजूल में उसे हवालात में बैठाना ठीक नहीं है।
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बरेली में बवाल के बाद तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तकनीक से चार्जशीट दमदार बनाएगी पुलिस, नौ सदस्यीय टीम गठित
बरेली शहर में हुए बवाल के आरोपियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए पुलिस 10 मुकदमों की चार्जशीट को दमदार बनाने में जुटी है। इसमें तकनीकी साक्ष्यों को शामिल करने के लिए एसएसपी ने नौ सदस्यीय टीम गठित की है। साथ ही, धुंधली फुटेज से चेहरों की पहचान के लिए बरेली पुलिस ने विशेष सॉफ्टवेयर खरीदा है।
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बरेली में बवाल के बाद तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत फोटो, वीडियो, फुटप्रिंट को महत्वपूर्ण माना गया है। 26 सितंबर को हुए उपद्रव से संबंधित ढेर सारे इलेक्ट्रानिक साक्ष्य पुलिस के पास मौजूद हैं। ड्रोन से लिए गए फोटो व वीडियो में स्पष्ट तस्वीरें हैं तो नगर निगम के आई ट्रिपलसी कैमरों व शहर में लगे अन्य सीसी कैमरों की फुटेज भी पुलिस के पास है। इनमें से कुछ फुटेज काफी साफ हैं तो कुछ से चेहरे पहचानने में दिक्कत आ रही है। इसलिए बरेली पुलिस ने एक अपडेट सॉफ्टवेयर खरीदा है। इससे न केवल भीड़ में शामिल लोगों के चेहरे स्पष्ट दिख सकेंगे। इसके अलावा ये भी स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित व्यक्ति कितनी जगह बवाल करने पहुंचा था।
बरेली में बवाल के बाद गिरफ्तारी आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इंस्पेक्टर नीरज सिंह को दी जिम्मेदारी
साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने नेतृत्व में एसएसपी ने जो टीम गठित की है उसमें यातायात पुलिस के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह, आईसीसीसी के दरोगा रोहित कुमार व आरक्षी नितिन कुमार, साइबर थाने के हरेंद्र सिंह व विजय कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर रविंद्र कुमार, सर्विलांस सेल के हिमांशु कुमार व एसओजी के श्याम सुंदर शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि ये टीम सभी स्रोतों से मिले फोटो व वीडियो को एकत्र कर दस मुकदमों से संबंधित विवेचकों से समन्वय करेगी। विवेचना को मजबूत बनाकर कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।