इसी खेत में घटना को दिया गया था अंजाम
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पीड़िता के पिता के मुताबिक उस दिन वह एक शादी में पड़ोस के गांव गए हुए थे। उनकी पत्नी दोपहर करीब 12 साल की बेटी के साथ खेतों पर गन्ने की पताई लेने निकली। पत्नी ने एक चादर में पताई बांधकर बेटी को वापस भेज दिया और उसे घर में रखकर दोबारा खेत पर आने को कहा, लेकिन वह वापस खेत नहीं पहुंची। पत्नी ने घर आकर बच्ची की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। शाम चार बजे गांव के कुछ बच्चों ने बताया कि उनकी बेटी सरसों के खेत में पड़ी है। गांव के लोगों के साथ घर वाले वहां पहुंचे तो बेटी को अर्धनग्न अवस्था में खेत में मृत पड़ा पाया।