अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले शूटरों तक पुलिस सी-ट्रैस एप से पहुंची। बरेली पुलिस ने इस एप को 70 हजार में खरीदा है। पाटनी केस में पहली बार इस एप का इस्तेमाल किया है। आरोपियों की सही पहचान बताने में यह एप मददगार बना है। 24 घंटे में इससे अपराधी की कुंडली खुल जाती है।
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दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले शूटरों तक पहुंचने के लिए पुलिस को सी-ट्रैस एप का सहारा लेना पड़ा। करीब 70 हजार रुपये में यह एप खरीदकर पुलिस बदमाशों के नाम, पता और गतिविधियों के बारे में पता लगाया। दिशा पाटनी के घर फायरिंग का मामला देशभर में सुर्खियां बना। इधर, बरेली पुलिस के सामने बदमाशों की पहचान की चुनौती थी। काफी प्रयास के बाद पुलिस को नाबालिग आरोपी का नंबर मिला। उसने आधार कार्ड पर गलत नाम दे रखा था। कोई सिरा नहीं मिला तो एसएसपी अनुराग आर्य ने तकनीकी विशेषज्ञों से बात करके पुलिस को सेवा देने वाली अधिकृत एजेंसी से संपर्क किया। वहां से सी ट्रैस एप खरीदा गया।
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एसएसपी अनुराग आर्य
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस ने उस नंबर को जब इस एप में सर्च किया तो आरोपी के बारे में पूरी जानकारी मिल गई। उससे कनेक्ट कौन से नंबर होटल में रहने के दिन आसपास चल रहे हैं, यह भी पता लग गया।
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आरोपी रविंद्र
- फोटो : वीडियो ग्रैब
इसी तरह अन्य बदमाशों का डाटा भी पुलिस को मिल गया। तब पुलिस को पता लगा कि इन लोगों ने आधार कार्ड के बीच के कुछ डिजिट बदल रखे थे। इनके सही आधार कार्ड नंबर भी तकनीक की बदौलत पुलिस के पास थे। इसी डाटा को एसटीएफ व पुलिस ने दूसरे राज्यों की टीम से साझा किया और मुठभेड़ संभव हो सकी।
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फेसबुक पर की गई थी धमकी भरी पोस्ट
- फोटो : अमर उजाला
एप ने सर्च की नाबालिग के नाम की नौ आईडी
पुलिस ने नाबालिग आरोपी के नंबर को एप पर सर्च किया तो 24 घंटे में अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नौ नामों से बनी आईडी पुलिस को मिल गईं। इसी तरह अन्य आरोपियों के भी आधार, पैनकार्ड, बैंक खातों की जानकारी, सोशल मीडिया अकाउंट आदि का पता लग गया। आरोपी कौन सी कंपनी का सिम चल रहे हैं, ये सिम कब लिया, किस कंपनी में कब पोर्ट किया, ये भी जानकारी सामने आ गई।
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अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
अभिनेत्री के घर फायरिंग के मामले में आरोपियों की सही पहचान में सी ट्रैस एप काफी काम आया। इस केस के लिए ही इस एप को खरीदा गया और बरेली में पहली बार इस्तेमाल किया गया। भविष्य में भी इस एप की मदद से घटनाओं के खुलासे में मदद मिलेगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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गैंगस्टर रोहित गोदारा
- फोटो : सोशल मीडिया
बरेली में गोदारा के दो गुर्गे गिरफ्तार, दो शूटर दिल्ली में दबोचे
बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने गोल्डी बरार और रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े चार बदमाशों को शुक्रवार को दबोच लिया। दो बदमाशों को शाही थाना क्षेत्र में दुनका-बिहारीपुर रोड स्थित किच्छा नदी के पुल के पास पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान राजस्थान निवासी रामनिवास के दाएं पैर में गोली लगी है। दूसरा बदमाश हरियाणा का अनिल है। दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सबसे आगे रविंद्र, उसके पीछे अरुण और सबसे पीछे चैकशर्ट में रामनिवास उर्फ दीपक
- फोटो : अमर उजाला
उधर, 17 वर्षीय दो आरोपियों को शुक्रवार सुबह दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों बागपत के निवासी हैं। सोशल मीडिया के जरिये उनकी गिरोह में भर्ती की गई थी। दोनों नाबालिग शूटर मुठभेड़ में मारे गए बागपत निवासी अरुण को जानते थे। नाबालिगों को अरुण ने अभिनेत्री के घर पर गोली चलाने के लिए कहा था। चार से पांच लाख रुपये में डील हुई थी।
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पुलिस के आगे हाथ जोड़ता घायल आरोपी रामनिवास
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि रामनिवास राजस्थान के जिला ब्यावर के जैतारण थाना क्षेत्र के गांव बेडकला का निवासी है। उससे एक पिस्टल व कुछ कारतूस मिले हैं। मौके पर बदमाशों की बाइक पड़ी मिली। वह 25 हजार रुपये का इनामी है। आरोपी ने कबूल किया है कि वह दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने आए बदमाशों का साथी है।
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दीवार पर गोलियों के निशान (लाल घेरे में)
- फोटो : अमर उजाला
पहले दिन नाबालिगों ने चलाई थी गोली
दिल्ली में स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि गिरफ्त में आए दोनों नाबालिगों ने दिशा पाटनी के घर पर पहले दिन दो से तीन गोलियां चलाई थीं। उस दौरान दिशा के परिजनों को इसकी जानकारी नहीं हुई थी। दूसरे दिन अरुण और रविंद्र ने 10-15 राउंड फायरिंग की थी। फायरिंग की दोनों घटनाओं को लेकर बरेली पुलिस ने एक ही प्राथमिकी दर्ज कर रखी है।
फायरिंग करने व साजिश रचने वाले सभी आरोपी पकड़ में आ गए हैं। मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए दोनों बदमाश नेपाल भागने की फिराक में थे। साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।- अनुराग आर्य, एसएसपी