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इफ्तेकार का एनकाउंटर: शैतान के 15 नाम और 7 पते में उलझी पुलिस, कुनबा भी न आया सामने; कोई शव लेने को तैयार नहीं

Sat, 11 Oct 2025 12:13 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली मुठभेड़ में ढेर इफ्तेकार उर्फ शैतान के सात पते में पुलिस उलझी है। उसका कुनबा भी सामने नहीं आया है। एक लाख के इनामी ने अपराध से लाखों की संपत्ति अर्जित की। अब उसका शव लेने के लिए कोई तैयार नहीं है।
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Bareilly Encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली में इफ्तेकार उर्फ सोल्जर उर्फ शैतान ने महज 37 साल की उम्र में अपराध से बेहिसाब संपत्ति जुटाई। अब पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया तो उसके अपनों ने भी मुंह फेर लिया। सूत्र बताते हैं कि उसकी पत्नी और बच्चे भी हैं, लेकिन शव लेने के लिए कोई आगे नहीं आया है। 

सात पतों में उलझकर पुलिस भी उसके कुनबे के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटा पा रही है। अगर शनिवार तक कोई उसका शव लेने नहीं आया तो नियमानुसार 72 घंटे बाद पुलिस को ही सुपुर्द-ए-खाक करना पड़ेगा।

 
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में हुई डकैती में वांछित एक लाख के इनामी बदमाश को पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उसके पास धूम नाम से जो आधार कार्ड मिला, उससे उसकी पहचान जगत भट्ठा ग्राम भूपखेड़ी थाना टीला मोड़ गाजियाबाद के रूप में हुई। 
 
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सात जिलों में इफ्तेकार का आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक
पुलिस को पता लगा कि उसका असली नाम इफ्तेकार उर्फ शैतान है, लेकिन शाम तक उसके 15 नाम और सात जिलों में उसका आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक हो गया। इसमें उलझकर पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पतों की तस्दीक में भी कामयाबी नहीं मिल सकी।
 

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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खतरा हो तो डेरा समेट लेता है परिवार
इस तरह के घुमंतू परिवारों के बारे में बताया जाता है कि वह एक शहर या जिले में डेरा डालकर रहते व अपराध करते हैं। अपराध के बाद वह डेरा समेट लेते हैं। इसके अलावा परिवार का कमाऊ सदस्य या मुखिया फोन के जरिये परिवार से सीधा संपर्क नहीं रखता। अगर वह कुछ दिनों तक नहीं आता तो परिवार के बाकी सदस्य तंबू उखाड़कर वहां से आगे बढ़ जाते हैं। खटरा टलने के बाद ये दूसरे लोगों के जरिये दोबारा परिवार के संपर्क में आते हैं।
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शीशगढ़ इंस्पेक्टर को मिली विवेचना, मौके से जुटाए साक्ष्य
एक लाख के इनामी बदमाश इफ्तेकार के एनकाउंटर की विवेचना एसएसपी ने शीशगढ़ थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह को सौंप दी है। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए और टीम को जरूरी निर्देश दिए।
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भोजीपुरा थाना क्षेत्र में बिलवा पुल के पास बृहस्पतिवार सुबह हुए एनकाउंटर के मामले में वादी के तौर पर भोजीपुरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण सोलंकी ने अपने थाने में रिपोर्ट दर्ज की है। इस लिहाज से घटना की विवेचना वह नहीं कर सकते थे। ऐसे में यह जिम्मेदारी शीशगढ़ थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने एफआईआर, पंचनामा व पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट की प्रति कब्जे में ली। स्थानीय लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय, इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह, भोजीपुरा थाना प्रभारी प्रवीन सोलंकी भी मुठभेड़ के दौरान मौके पर मौजूद रहे थे।
 

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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिन में रेकी, रात में वारदात करते हैं छैमार
इफ्तेकार के गिरोह को कहीं छैमार, कहीं कंजड़ तो कहीं गीधिया बोला जाता है। यूपी पुलिस की सख्ती के बाद ये महाराष्ट्र व राजस्थान की ओर चले गए हैं, लेकिन आज भी गिरोह के सदस्य कहीं न कहीं मुठभेड़ या सजा की वजह से चर्चा में आते हैं। गिरोह में महिलाएं भी होती हैं। दिन में ये लोग रेकी और रात में वारदात करते हैं। 

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bareilly encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली में लंबे समय तक तैनात रहे सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर गजेंद्र त्यागी बताते हैं कि गिरोह के सदस्य जगह-जगह डेरे लगाकर खेल-तमाशा करते हैं। महिलाएं शादियों में पूड़ी बेलने जैसे काम भी करती हैं। दिन में फेरी के बहाने घूमकर ये ऐसे घरों को चिह्नित करते हैं, जहां बुजुर्ग या कम लोग रहते हों। रात में गिरोह वारदात करता है। अपने डेरे से दूर या आसपास के शहरों व कस्बों को ये लोग वारदात के लिए चुनते हैं। मोबाइल का इस्तेमाल न के बराबर करते हैं। 
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इफ्तेकार की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मानवाधिकार आयोग में दाखिल की रिपोर्ट
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि एनकाउंटर की पूरी जानकारी, साक्ष्य व रिपोर्ट राज्य मानवाधिकार आयोग और शासन को भेज दी गई है। वहां पत्रावली दाखिल भी कर ली गई है। मृतक के परिवार की तलाश की जा रही है।
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