बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 11 सितंबर की रात करीब तीन बजे पहली बार पाटनी की गली में रेकी करने के लिए रामनिवास को ही अकेले स्पलेंडर बाइक से भेजा गया। वह घबराया हुआ था और सही मकान को चिह्नित न कर सका।
बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने गोल्डी बरार और रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े चार बदमाशों को शुक्रवार को दबोच लिया। दो बदमाशों को शाही थाना क्षेत्र में दुनका-बिहारीपुर रोड स्थित किच्छा नदी के पुल के पास पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान राजस्थान निवासी रामनिवास के दाएं पैर में गोली लगी है। दूसरा बदमाश हरियाणा का अनिल है। दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
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मुठभेड़ स्थल पर पड़ी पिस्टल और कारतूस
- फोटो : अमर उजाला
उधर, 17 वर्षीय दो आरोपियों को शुक्रवार सुबह दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों बागपत के निवासी हैं। सोशल मीडिया के जरिये उनकी गिरोह में भर्ती की गई थी। दोनों नाबालिग शूटर मुठभेड़ में मारे गए बागपत निवासी अरुण को जानते थे। नाबालिगों को अरुण ने अभिनेत्री के घर पर गोली चलाने के लिए कहा था। चार से पांच लाख रुपये में डील हुई थी।
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पुलिस के आगे हाथ जोड़ता घायल आरोपी
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एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि रामनिवास राजस्थान के जिला ब्यावर के जैतारण थाना क्षेत्र के गांव बेडकला का निवासी है। उससे एक पिस्टल व कुछ कारतूस मिले हैं। मौके पर बदमाशों की बाइक पड़ी मिली। वह 25 हजार रुपये का इनामी है। आरोपी ने कबूल किया है कि वह दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने आए बदमाशों का साथी है।
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disha patani
- फोटो : अमर उजाला
पहले दिन नाबालिगों ने चलाई थी गोली
दिल्ली में स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि गिरफ्त में आए दोनों नाबालिगों ने दिशा पाटनी के घर पर पहले दिन दो से तीन गोलियां चलाई थीं। उस दौरान दिशा के परिजनों को इसकी जानकारी नहीं हुई थी। दूसरे दिन अरुण और रविंद्र ने 10-15 राउंड फायरिंग की थी। फायरिंग की दोनों घटनाओं को लेकर बरेली पुलिस ने एक ही प्राथमिकी दर्ज कर रखी है।
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सबसे आगे रविंद्र, उसके पीछे अरुण और सबसे पीछे चैकशर्ट में रामनिवास उर्फ दीपक
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गैंग लीडर रविंद्र की पुलिस की गोली से मौत
कहावत है कि अति आत्मविश्वास कभी-कभी इन्सान को ले डूबता है तो कई बार आलसी व्यक्ति किस्मत से बच निकलता है। कुछ ऐसा ही इस फायरिंग कांड में दिखा। यहां अति आत्मविश्वास में चेहरा खोलकर वारदात करने वाले गैंग लीडर रविंद्र की पुलिस की गोली से मौत हो गई, जबकि सुस्ती और आरामतलबी ने रामनिवास की जान बचा ली।
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दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का मामला
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सोनीपत से मिली फुटेज से हुई पांचवें आरोपी की तस्दीक तो पुलिस ने कसा शिकंजा
रामनिवास के बारे में पुलिस को झुमका चौराहे के आसपास की पोस्ट देखकर जानकारी हुई कि कोई 5वां शख्स भी बरेली में मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, सर्च के दौरान सोनीपत में दोनों बाइकों की टंकी फुल कराकर निकलते बदमाशों की फुटेज मिली। इससे 5वें शख्स पर मुहर लग गई और होटल की आईडी से तस्दीक हुई कि वह राजस्थान का निवासी रामनिवास उर्फ दीपक ही है।
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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला
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पुलिस ने देखा कि दस सितंबर की सुबह जब पांच लोग शहर में घुसे तो रामनिवास झुमका चौराहे के पास बाइक से उतरा और यात्री शेड में सो गया। तीन घंटे बाद करीब नौ बजे वह सोकर उठा और रामपुर की ओर जाता दिखा। पुलिस ने अनुमान लगाया कि वह किसी वाहन से रामपुर की ओर चला गया।
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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता लगा कि रामनिवास शहर से गया नहीं था। वह पैदल ही परसाखेड़ा होकर थोड़ा आगे आया और सिटी स्टेशन व जंक्शन के पास घूमता रहा। दरअसल, मुख्य शूटर रविंद्र ही सबको खर्च दे रहा था और उसने झुमका चौराहे पर उतारते वक्त रामनिवास को पांच सौ रुपये दिए थे।
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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
कहा था कि वह कोई बाइक चोरी कर ले, ताकि सही नाम-पते वाली काली स्पलेंडर बाइक को हटाया जा सके। पुलिस के मुताबिक फोन पर अपने दोस्त गैराज संचालक अनिल से बात करते हुए रामनिवास ने कई बाइकें देखीं, लेकिन किसी का हैंडल लॉक खुला न मिल सका। वह निराश हो गया। उसने रविंद्र को यह बताने के लिए कॉल की तो वह भड़क गया।
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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग (लाल घेरे में छर्रे के निशान)
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पहली रेकी में रामनिवास को ही भेजा
शाही थाना पुलिस ने पूछताछ की तो पता लगा कि 11 सितंबर की रात करीब तीन बजे पहली बार पाटनी की गली में रेकी करने के लिए रामनिवास को ही अकेले स्पलेंडर बाइक से भेजा गया। वह घबराया हुआ था और सही मकान को चिह्नित न कर सका। ये बात जब रविंद्र को अन्य साथियों ने फोन पर बताई तो वह गुस्सा हो गया।
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जगदीश सिंह पाटनी का घर
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उसने कहा कि यह कोई काम सही से नहीं कर पाता, इसे हटा दो। तब रविंद्र के आदेश पर बागपत निवासी दोनों लड़के फायरिंग करने घुसे। हालांकि, रामनिवास की गलत रेकी की वजह से पाटनी के घर से काफी आगे एक हवाई फायर कर भाग आए। सुबह रविंद्र ने रामनिवास को भगा दिया।
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अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का मामला
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बागपत के दोनों नाबालिग आरोपियों का बी वारंट मांगेगी बरेली पुलिस
दिशा पाटनी के घर पहले दिन यानी 11 सितंबर की सुबह फायरिंग करने वाले बागपत निवासी दोनों नाबालिग आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों से हथियार बरामदगी दिखाकर आर्म्स एक्ट की धारा लगाई हैं। दोनों पर ही बरेली के एडीजी जोन रमित शर्मा ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है। दोनों का बी वारंट लेने का प्रयास किया जाएगा। बरेली कोर्ट में इनके आने पर पुलिस कस्टडी रिमांड लेने का आवेदन किया जाएगा। इनसे पूछताछ या जरूरत के मुताबिक बरामदगी करने का प्रयास किया जाएगा।