बदायूं की बाबा कॉलोनी में मंगलवार रात करीब आठ बजे ठेकेदार विनोद ठाकुर के दो बेटों आयुष (13) और अहान (6) की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या की वजह को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई। परिजन भी कुछ कहने को राजी नहीं हैं।
वारदात के बाद लखीमपुर से बदायूं पहुंचे बच्चों के पिता विनोद ने देर रात बताया कि उनके सबसे पहला फोन उनकी मां मुन्नी देवी का पहुंचा था। विनोद से मां बोली- बेटा जल्दी आ जाओ, जल्दी आ जाओ, दोनों लल्ला मार दए गए।
विज्ञापन
जब हत्या की वजह पूछी गई तो विनोद ने बताया कि साजिद पत्नी की डिलीवरी के लिए पांच हजार रुपये मांगने आया था। रुपये दिए या नहीं यह तो स्पष्ट नहीं है। जब पूछा गया कि क्या साजिद आपके परिवार के मामलों में हस्तक्षेप करता था। पति ने कहा- यह तो मैडम ही बताएंगी।
विज्ञापन
बदायूं की बाबा कॉलोनी में जिस जगह वारदात हुई वह मंडी समिति पुलिस चौकी से सिर्फ 500 मीटर दूर है। आरोपियों के दूसरे समुदाय के होने से गुस्सा भड़क उठा। जाम लगाकर हंगामा करते हुए दूसरे समुदाय के तीन खोखों में आग लगा दी।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी साजिद को मौके से करीब दो किमी. दूर पुरानी चांदमारी के पास घेराबंदी कर मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसके दो साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस हत्या की वजह पता कर रही है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, बाबा कॉलोनी में मजिया रोड के रहने वाले ठेकेदार ‘हर घर जल योजना’ के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण कराते हैं। उनके मकान के सामने ही कस्बा सखानू के रहने वाले साजिद की बाल काटने की दुकान है।
विज्ञापन
विनोद की पत्नी संगीता अपने मकान के निचले हिस्से में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। इसके चलते परिवारों के काफी अच्छे संबंध थे। साजिद का उनके घर आना जाना भी था। मंगलवार रात संगीता तीन बच्चों आयुष, अहान और पीयूष (8) के साथ घर पर थीं, जबकि विनोद लखीमपुर खीरी गए हुए थे। साजिद शाम चार बजे दुकान बंद करके चला गया था।
विज्ञापन
मुलाकात के लिए आया और ऊपर ले जाकर मार डाला
साजिद रात आठ बजे अपने दो साथियों के साथ आया तो संगीता उनके लिए चाय बनाने अंदर को चली गईं। तभी साजिद उनके दो बेटों आयुष और अहान को अपने साथ ऊपर ले गया। साथ ही, पीयूष से पानी लाने के लिए कहा। जब तक वह पानी लेकर ऊपर पहुंचा तब तक साजिद ने धारदार हथियार से आयुष और अहान की हत्या कर दी।
सामने आए पीयूष पर भी चाकू से वार किया तो वह चीखता हुआ नीचे भागा। पीयूष के पीछे साजिद भी दौड़ा तो यह देख मां ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े और मां-बेटे को बाहर खींचकर दरवाजा बंद कर दिया।
आरोपी की दुकान के साथ, चार दुकानें फूंकी
सूचना पर पहुंची पुलिस साजिद की तलाश में जुट गई। इस बीच आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। नृशंस हत्या देख उनका गुस्सा बढ़ने लगा। इधर आक्रोशित भीड़ ने साजिद की दुकान तोड़कर सामान निकाला और सड़क पर रखकर फूंक दिया। आसपास के चार दुकानों को आग के हवाले कर दिया। लोग एक समुदाय के धर्मस्थल तक पहुंच गए लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
भारी संख्या में बल तैनात
आगजनी के बाद गुस्साए लोग पुलिस चौकी पहुंच गए। वहां घेराव कर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर एसएसपी पहुंचे और अन्य अफसरों के साथ मिलकर उन्हें समझाया। क्षेत्र में हालात नियंत्रण के लिए भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिया। बाद में खबर मिली कि साजिद को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
मृतक बच्चों के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी साजिद और उसके भाई जावेद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में लिखा है कि आरोपी साजिद ने मेरी पत्नी से कहा कि उसे रुपये चाहिए क्योंकि उसकी पत्नी बच्चे को जन्म देने वाली है। जब वह पैसे लेने के लिए अंदर गई, तो उसने कहा कि वह अस्वस्थ महसूस कर रहा है और छत पर टहलने जाना चाहता है। वो मेरे बेटों को भी साथ ले गया।
इसी दौरान उसने अपने भाई जावेद को भी छत पर बुला लिया। जब मेरी पत्नी लौटी, तो उसने साजिद और जावेद को हाथों में चाकू देखे। साजिद ने मेरे तीसरे बेटे पर भी हमला करने की कोशिश की, जिसमें वह घायल हो गया। भागते हुए आरोपी साजिद ने मेरी पत्नी से कहा कि आज उसने अपना काम पूरा कर लिया है।