बरेली में लूट के दौरान विवाहिता की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। बदमाशों ने पति को भी पीटा। विवाहिता की हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बरेली के शाही थाना इलाके में महिला की हत्या और पति पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस अफसरों को भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। दरअसल, पुलिस के चुनाव में बाहर जाने की वजह से करीब घंटेभर तक कोई मौके पर नहीं आया तो भीड़ ने जाम लगा दिया। जाम करीब तीन घंटे तक रहा, जिसमें उत्तराखंड तक के वाहन फंसे रहे।
शाम 6:30 बजे से घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हरीश कुमार और उनकी पत्नी ने मलसाखेड़ा से आकर शव की पहचान अपनी बेटी हेमलता के रूप में की। इससे पहले स्थानीय लोग पुलिस को जानकारी दे चुके थे। पुलिस घंटेभर बाद मौके पर पहुंची।
वारदात से गुस्साए लोग इस देरी की वजह से और उबाल खा गए। कुछ युवकों ने सड़क के किनारे पड़े सीमेंट के खंभे उठाए तो कुछ ने पास के भट्ठे से ईंटें लाकर सड़क पर रख दी। बची-खुची जगह को आड़ी-तिरछी बाइकें लगाकर रास्ता बंद कर दिया।
इसके बाद भीड़ ने हंगामा व नारेबाजी शुरू कर दी। एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा व एसपी दक्षिणी मानुष पारीक मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने शाही, शीशगढ़, मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी समेत आसपास के सभी थानों के प्रभारी और पुलिस बुला ली।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
लोगों को समझाने की कोशिश की तो वह बात करने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। रात नौ बजे एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान मौके पर पहुंचे और लोगों से बात करने की कोशिश की। भीड़ अड़ी थी कि हेमलता के हत्यारोपी उन्हें सौंप दिए जाएं तो वे हट जाएंगे। एसएसपी से कई दौर की वार्ता के बाद करीब दस बजे वह मान गए और जाम खोल दिया।
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परिजनों को समझाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गुस्साई भीड़ ने जाम खोल दिया तो घटनास्थल पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने शव उठाने का प्रयास किया तो महिलाओं ने छीन लिया। लड़कों की भीड़ सड़क से हटकर यहां आ गई और शव न देने पर अड़ गई। इस पर एसएसपी ने अपनी गाड़ी में लगे माइक से लोगों को समझाया कि वे जो बताएंगे, उसके मुताबिक रिपोर्ट लिख दी जाएगी।
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घटनास्थल पर बैठीं परिवार की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
उन्हें किसी पर शक हो तो बता सकते हैं। पुलिस उसकी गिरफ्तारी करके सच्चाई सामने लाएगी पर इस तरह कानून हाथ में लेना ठीक नहीं है। कभी कुछ लोग मान भी जाते तो दूसरे लोग और महिलाएं शव अपनी ओर खींच लेती थीं। रात 12 बजे भीड़ ने शव को सील करने दिया।
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घटनास्थल पर पड़ी बाइक
- फोटो : अमर उजाला
धनेटा-शीशगढ़ मार्ग उत्तराखंड से जुड़ता है। शीशगढ़ से एक रास्ता बहेड़ी होकर हल्द्वानी व नैनीताल के लिए निकलता है दो दूसरा बिलासपुर होकर रामपुर और रुद्रपुर हाईवे से जुड़ता है। नैनीताल फोरलेन से टोल बचाने व अन्य वजहों से लोग इस रास्ते से निकलते हैं।
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घटना के बाद सड़क पर लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में मार्ग पर जाम लगने से दोनों तरफ करीब तीन सौ वाहनों की कतार लग गई। वाहनों को पीछे हटाने की भी स्थिति नहीं थी। ऐसे में बच्चे, बुजुर्ग और बीमार भी जाम में फंसे रहे। भीषण गर्मी में देहात के अंधेरे रास्ते पर लगे जाम में लोग बेहाल हो गए। करीब दस बजे जाम खोला गया तो पुलिस ने एक-एक करके वाहनों को निकलवाना शुरू किया।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
चश्मदीद दरकिनार...हेमलता के पिता ने दी तहरीर
रात सवा बजे हेमलता के पिता हरीश कुमार की ओर से शाही थाना प्रभारी को घटना की तहरीर दी गई। इसमें उन्होंने जिक्र किया कि उनके पिता बीमार हैं। उन्हें देखने के लिए दिन में बेटी और दामाद घर आए थे और शाम को अपने घर वापस जा रहे थे।
राजकुमार के बताए मुताबिक हरीश ने इसमें दो बदमाशों के मिलने और फिर उनके चार और साथियों के आने का जिक्र किया है। लिखा है कि जेवर लूट के विरोध में उनकी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई और बदमाश रुपये व जेवर ले गए। चश्मदीद पति को दरकिनार कर पिता से तहरीर लेने को दूसरी नजर से देखा जा रहा है।